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दुख-दर्द

संपादक दिनेश जुयाल ने मेरे साथ मारपीट की!

अमर उजाला, सैफई (इटावा) के पूर्व संवाददाता सुघर सिंह ने अमर उजाला, कानपुर के संपादक पर आरोप लगाया है कि उन्‍होंने उनके साथ मारपीट की.  उनका कहना है कि इस मामले में उन्‍होंने पुलिस में शिकायत की लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ है. मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ नजीराबाद, कानपुर सिटी निहारिका शर्मा कर रही हैं. इस मामले में अमर उजाला, कानपुर के संपादक दिनेश जुयाल का कहना है कि यह बिल्‍कुल झूठा और बेबुनियाद आरोप है. सुघर के बारे में कई शिकायतें मिली थीं. ब्‍लैकमेलिंग की भी शिकायत लगातार मिल रही थी. उसे कई बार चेताया गया, इसके बाद भी जब उसकी शिकायतें कम नहीं हुई तो उसे अखबार से निकाल दिया गया. इसके चलते ही वह तमाम तरह के अनर्गल आरोप लगा रहा है.

अमर उजाला, सैफई (इटावा) के पूर्व संवाददाता सुघर सिंह ने अमर उजाला, कानपुर के संपादक पर आरोप लगाया है कि उन्‍होंने उनके साथ मारपीट की.  उनका कहना है कि इस मामले में उन्‍होंने पुलिस में शिकायत की लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ है. मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ नजीराबाद, कानपुर सिटी निहारिका शर्मा कर रही हैं. इस मामले में अमर उजाला, कानपुर के संपादक दिनेश जुयाल का कहना है कि यह बिल्‍कुल झूठा और बेबुनियाद आरोप है. सुघर के बारे में कई शिकायतें मिली थीं. ब्‍लैकमेलिंग की भी शिकायत लगातार मिल रही थी. उसे कई बार चेताया गया, इसके बाद भी जब उसकी शिकायतें कम नहीं हुई तो उसे अखबार से निकाल दिया गया. इसके चलते ही वह तमाम तरह के अनर्गल आरोप लगा रहा है.

सुघर सिंह का कहना है कि सैफई क्षेत्र से करीब 13 वर्षों से अमर उजाला का पत्रकार होने और अशोक अग्रवाल का करीबी होने का कारण बाहर का रास्ता दिखाया गया है. सुघर के मुताबिक मेरे साथ कानपुर अमर उजाला के संपादक दिनेश जुयाल ने मारपीट की है. सुघर का कहना है कि वे इटावा, मैनपुरी, औरैया के सपा नेताओं के दम पर चार पेज विज्ञापन सैफई महोत्सव के उदघाटन अवसर पर प्रकाशित कराते थे. सुघर का कहना है कि वे अमर उजाला के चेयरमैन अशोक अग्रवाल के करीबी रहे हैं. इन सम्बंधों से अतुल महेश्वरी व राजुल महेश्वरी भी परिचित थे. जैसे ही अशोक अग्रवाल और अतुल माहेश्वरी में विवाद हुआ तो 2 अप्रैल को कानपुर के संपादक दिनेश जुआल ने फोन करके बुलाया.

सुघर के मुताबिक- ”जब 11: 40 बजे मैं दिनेश जुआल से मिलने पहुंचा तो वह बोले कि सैफई से समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिह यादव के खिलाफ 10-15 समाचार बनाकर भेजो, जब मैंने भेजने से मना किया तो संपादक ने गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी. आवाज देकर दो गार्डों को बुला लिया. तीनों लोगों ने मिलकर जमीन पर गिराकर जान से मारने के लिए लात-घूंसों से मारपीट की. मेरी जेब से 1180 रूपये भी छीन लिए, मैं जान बचाने के लिए नीचे सड़के की तरफ भागा तो टाटा विक्टा की टक्कर से मरने से बचा. इस घटना की रिपोर्ट लिखाने जब मैं थाना फजलगंज गया तो थाना का मुंशी रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं हुआ. तब इस मामले की शिकायत मैंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारतीय प्रेस परिषद, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग, प्रदेश की मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीआईजी कानपुर को पत्र व फैक्स भेजकर की है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद सीओ नजीराबाद निहारिका शर्मा मामले की जांच कर रही हैं. इस मामले में मैंने क्षेत्राधिकारी कार्यालय में ब्यान दर्ज करा दिया है.

 

सुघर

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0 Comments

  1. arvind singh

    December 4, 2010 at 1:59 pm

    patrakaro ke saath istarah hote rahata hai. koi mamala samane aata hai aur bahut se mamale dab jaate hai,adhiktar sampadak apane aapako malik se bhi bada samazate hai aur apane sahayogiyo ko apana gulam.byawastha bhi kuchha aisi hi hai ki koi virodha nahi karata. kyonki jo patrakarita naitikata aur adarsh ki baat karati hai usaka hi poori tarah patan ho gaya hai. to fir sacha aur zooth ka akalan kaun karega. ab to patrakarita ke kai tarah ke kisse bhi sareaam hone lage hai. to fir sampadak agar kisi chhote patrakaar ko peet bhi deta hai to koi kya karega. badakismati se me bhi patrakaar hi hu aur kaafi pareshaan bhi. lekin koi sunane wala nahi hai. maliko ko paisa kamaana hai isliye karmachariyo ki taraf dhyaan bhi dene ka unake paas time nahi hai,bas akhabaar chhapata rahe aur noto ke bandal aate rahe isi se sarokaar hai. baki sab bekaar hai.

  2. mahesh

    December 4, 2010 at 3:44 pm

    Dinesh Juyal jaise sajjan aur sambhrant vyakti par aise aarop laganey wala insaan sarasar jhootha lagta hai..Dinesh juyal aisa kar hi nahi saktey…mai unko kai saal se jaanta hu…he is a gentleman

  3. kmsingh

    December 5, 2010 at 3:36 am

    sughar singh ji aapke sath yah sab hua aapke sampadak par lagaye gaye aarop thik hi ya nahi yah to janch ka vishay hai par me itna jarur kahunga ki media me dalit patrkar sabhi ke aankho ki kirkiri jarur bane hue hai haan sarkar ko is baat ke liye kuch sakhat kadam jarur uthane chahiye.

  4. Rajvir singh

    December 5, 2010 at 11:02 am

    mahesh ji, ek kahabat hai ki jake pair na phate vivayi, wo kya jane peer parai.
    har insan jindgi mai ek jaisa nahi rahta aur apane jo likha hai ki dinesh jual aisa nahi kar sakta to ye bhi batane ka kast karen ki dinesh juaal apse poochha kar kya kya karta hai kanpur unit ki bhupendra dubey v dinesh juaal ne barbadi kar di hai kai logon ne amar ujal kanpur chod diya dinesh juaal Kya hai agar chaho to newes aditor dhreendra pratap singh se poonch lo.
    sughar singh saifai ke saath jo denesl juaal ne kiya bo galat hai aap ki nager mai denesh juaal gental main hai aur rajul maheshweri ki nagar mai dinesh juaal na hee sigrate peete hai aur na hi tambakoo khata hai jabki sachhai to ye hai ki denesh juaal sab kuch karta hai agar koi chai to unka test karba ke bhi dekh sakta hai sughar singh ke jane se amar ujala ko saifai mai kaphi nuksan hua hai sirf 50 copy aa rahi hai jab ki pahle 200 copy aati thi mai sughar singh ke saath hoon aap denesh juaal ko court mai laker jayan.

  5. कुंदन वशिष्ठ

    December 5, 2010 at 11:26 am

    जहां तक मुझे जानकारी है जुयाल जी एक सुलझे अौर अनुभवी संपादक हैं। वे ऐसा नहीं कर सकते। वाकई ये भी एक ब्लैकमेलिंग का नमूना है।

  6. saleem malik

    December 5, 2010 at 2:54 pm

    मै परसंली दिनेश जुयाल को जनता हू, मुझे सारा किस्सा मनघडंत लगता है. जुयाल जी कम से कम ऐसी ओछी हरकत नहीं कर सकते, इसका हमें भरोसा है. सलीम मलिक, रामनगर {नैनीताल}

  7. SHAILESH

    December 6, 2010 at 4:36 am

    dinesh juyal ek sajjan sampadak hain. vo esa nahi kar sakte. ye sirf is dallaal patrkaae ka aarop hai or kuch nahi.

  8. ganesh

    December 7, 2010 at 5:13 pm

    जुयाल जी के प्रति लगाये गए आरोप बकबास और मनगढ़ंत लग रहे हैं . उनसे मिला और उनको जानने वाला और उनके साथ काम कर चुका कोई भी शख्स इस रिपोर्ट को पढ़कर हैरान है ….ये उनकी छवि ख़राब करने की एक कोशिश है ?

  9. chandan

    December 8, 2010 at 8:10 am

    dinesh juyal kifi suljhe sampadakon me sumar hote hain. unke khilaf aise gande aarop lagana kafi behuda hai. blackmailar logon ke khilaf muhim ke karan juyal je ko in aaropon ka samana karana pada hai. gande loge havi hote ja rahe hain. par juyal je jaison ne hi patrakarita ko samhala hua hai.blackmailaron ke khilaf utahye gaye kadamon ke liye badhai
    chandan bangari

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