देश के जाने-माने पत्रकार आलोक तोमर की तबीयत ज्यादा खराब हो गई है. गले और फेफड़ का कैंसर कीमीयोथिरेपी के बावजूद कम होने की बजाय बढ़ गया है. इस कारण डाक्टरों ने उन्हें एडमिट होकर लगातार पांच दिन तक कीमीयोथिरेपी कराने की सलाह दी है. इस कारण आलोक तोमर आजकल दिल्ली के साकेत स्थित बत्रा हास्पिटल में भर्ती हैं और आज उनके कीमीयोथिरेपी का पांचवां दिन है. डाक्टरों ने उनके शरीर का जब पूरा चेकअप कराया तो मालूम चला कि उन पर अब तक की गई कीमीयोथिरेपी का कोई असर नहीं हुआ है. कैंसर ने विस्तार ले लिया है. अब उनकी लगातार कीमीयोथिरेपी की जा रही है, जिसका आज पांचवां दिन है. लगातार कीमीयोथिरेपी का साइड इफेक्ट ये हुआ है कि उनका शरीर सूजकर दोगुना हो चुका है, शरीर बेहद काला नजर आने लगा है. सिर के बाल काफी गिर गए हैं.
बावजूद इसके यह जीवट पत्रकार मौत को मात देने का ऐलान करते हुए डेटलाइन इंडिया और सीएनईबी के काम को हास्पिटल से ही निपटा रहा है. आलोक तोमर से मिलने बत्रा हास्पिटल सीएनईबी के सीओओ और एडिटर इन चीफ अनुरंजन झा और भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह पहुंचे. कई घंटे की बातचीत के दौरान जब आलोक तोमर के सामने प्रस्ताव रखा गया कि उनकी आर्थिक मदद के लिए एक कोष बनाया जाना चाहिए तो उन्होंने व्यंग्य में कहा कि रहने दो, इस देश में ”मदद कोष” बनाने की परंपरा नहीं है, बाद में ”स्मृति कोष” बना लेना. अपने समय और परिवेश के इस जांबाज पत्रकार ने लाखों रुपये इलाज पर खर्च होने के बावजूद किसी से मदद के लिए अभी तक मुंह नहीं खोला है.
आलोक तोमर की पत्नी सुप्रिया राय कहती हैं कि मना करने के बावजूद ये अस्पताल के बेड से ही कीमीयोथिरेपी के दौरान ही लैपटाप से डेटलाइन इंडिया और सीएनईबी के काम संचालित कर रहे हैं. सुप्रिया के मुताबिक यहां के डाक्टर भी इस बात से आश्चर्यचकित हैं कि पिछले दिनों जितनी भी कीमीयोथिरेपी की गई, उसका अब तक कोई असर नहीं हुआ है. आलोक तोमर को सीएनईबी के चीफ अनुरंजन झा ने आश्वस्त किया कि कंपनी उनकी पूरी आर्थिक मदद करेगी और इलाज के दौरान उनकी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आलोक तोमर ने बातचीत में कहा कि उन्हें दुख है कि जिन लोगों को वे अपना मानते रहे हैं, उनमें से कई लोगों ने इस मौके पर एसएमएस भेज कर भी हालचाल लेने की कोशिश नहीं की.












Poojan Negi
January 2, 2011 at 11:43 am
आलोक सर की तबियत के बारे में सुना… दुःख हुआ… लेकिन मैं जानता हूँ की आलोक सर के अन्दर जीवटता कूट कूट कर भरी है….. सर हम इश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं की आप जल्दी से जल्दी ठीक हो जाएँ…. और दोगुनी रफ़्तार से काम करें… सर हमारी उम्र भी आपको लग जाये……
पूजन नेगी
पूर्व सीएनईबी कर्मी
ashok
December 13, 2010 at 5:37 pm
जल्दी ठीक हो जाओ दोस्त.
अमित बैजनाथ गर्ग. जयपुर. राजस्थान.
December 13, 2010 at 2:29 am
तोमर जी को सलाम.
harikesh bahadur singh gautam
December 13, 2010 at 2:44 am
tomar g aap bare bicharo ke swami hain.aap is baat c kyon dukhi hote hain ki kisi ne aapko sms bhi nahin kiya.logo ke jivan men bhag daur bahot hai unhe usi men byast rahne de.
विनीत कुमार
December 13, 2010 at 3:34 am
आप जल्दी बेहतर और दुरुस्त होकर आएं,कामना करता हूं। लेखन में मैं तमाम असहमतियों के वाबजूद मैं आपकी मार-धाड़ शैली का कायल हूं।
चैतन्य भटट
December 13, 2010 at 4:33 am
प्रिय आलोक भाई
आपके स्वास्थ के बारे में भडास से सूचना मिली कि आपको अस्पताल में दाखिल किया गया है कैसर जैसे रोग से जूझने के बाद भी आपकी लेखनी की धार में कहीं कोई कमी नही आई है यह आपकी जीवन्तता और अपने पेशे के प्रति ईमानदारी है आप जल्द ही स्वसथ लाभ लेगे ऐसी आशा ही नही बल्िक पूरा विश्वास है आपके चाहने वालो आपके दोस्तों की दुआओं का असर अवश्य होगा
आपका दोस्त
चैतन्य भटट
Neeraj Bhushan
December 13, 2010 at 5:03 am
Wishing him a speedy recovery. Get well soon Alok.
K.P.Malik
December 13, 2010 at 5:17 am
Alokji ke savsth hone kamna karte huye bhagwan seprathna karta hoon ki ve jaldi thik ho jaye…………..
sushil Gangwar
December 13, 2010 at 5:28 am
Jab hosele buland ho to hamare desh ke patrakaar kuchh bhi kar sakte hai eska jeeta jagta sabut hai Alok Ji. Hame unse seekh leni chaiye , Jindgi ko kaise jeete hai. hum unke seheat ki ek hi baat hi kahege . Get well soon , All is well.
Sushil Gangwar
http://www.sakshatkartv.com
http://www.pressvarta.com
Shesh Narain Singh
December 13, 2010 at 6:08 am
यह कैंसर हारेगा , जीत आलोक की होगी
करीब पचास साल पहले की बात है . मेरे गाँव में किसी की मौत हो गयी थी. सभी लोग दुःख में शामिल थे. गरीब ठाकुरों के इस गाँव में किसी के भी दुःख में पूरे गाँव के लोग शामिल होते थे . बुज़ुर्ग की मौत थी ,लिहाज़ा बाहुत दुःख का माहौल नहीं था . सभी एक दूसरे को समझा रहे थे . गाँव के कुछ लोग शव की अंतिम यात्रा की तैय्यारी कर रहे थे . हमारे गाँव से बहुत करीब धोपाप हैं . बताते हैं कि जब लंका में ब्राह्मण की हत्या का दोष लेकर भगवान राम अयोध्या लौट रहे थे , तो इसी धोपाप में गोमती नदी में उन्होंने स्नान किया था और अपने तथाकथित पाप को धो दिया था . लोगों को विश्वास है कि तब से ही इस जगह का नाम धोपाप रख दिया गया . हमारे इलाके में आज भी अगर कोई गोहत्या या ब्रह्म ह्त्या की गलती कर बैठता है तो यहीं धोपाप में स्नान करके पापमुक्त होता है . ऐसी मान्यता है .आज भी पूरे इलाके में जब कोई मरता है तो यहीं धोपाप में उसका अंतिम संस्कार किया जाता है . जिन बुज़ुर्ग की मौत हुई थी , उनका अंतिम संस्कार भी धोपाप में ही होने वाला था .गाँव वालों को ढाढस बंधाने के सिलसिले में किसी ने कहा कि भइया मौत तो सब की आनी है . वहीं बैठे करीब २५ साल की उम्र के भगेलू सिंह ने कहा कि किशोर सिंह को छोड़कर मौत सबकी आयेगी. आम तौर पर माना जाता था कि गाँव जवार में कोई भी ऐसा काम नहीं है जो किशोर सिंह के लिए नामुमकिन हो .गाँव में बहुत सारे कच्चे कुएं होते थे , जिनसे सिचाई की जाती थी . खेत के बराबर ही होते तह यह कुएं और इनमें अक्सर जानवर गिर जाया करते थे . जब भी यह हादसा होता था , किशोर सिंह सबसे पहले उस कुएं में कूदते थे . शायद भगेलू को भरोसा था कि इतना बहादुर आदमी मर नहीं सकता . किशोर सिंह करीब ९० साल के हैं अब .आलोक तोमर के बारे में मेरी भी यही इच्छा है . लेकिन यह साला कैंसर भी क्या चीज़ है .आलोक तोमर को भी घेर लिया इसने . लेकिन मेरी इच्छा है कि आलोक तोमर बहुत दोनों तक जिंदा रहें और किशोर सिंह के रिकार्ड को तोड़ें क्योंकि आलोक तोमर कभी मर नहीं सकता
pradeep mahajan
December 13, 2010 at 6:39 am
तोमरजी जल्दी जल्दी ठीक हो जाओ कोई हमारे लिए कार्य हो तो हमें बताना -प्रदीप महाजन -INSMEDIA [09810310927 ]
sushil dev
December 13, 2010 at 7:03 am
Bhai Saheb Namaskar, aapke asptal me dakhil hone ki suchna bhadash se mili. bada dukh hua. magar aap jis tarah patrakarita me mard ho. vaise hi apni jindgi me v. uparwala sab thik karega. unse hamari prarthana hai ki aap jald se jald swathya ho jayen aur aapka bharpur pyar hame milta rahe.
sadar…… sushil dev (priyashreee)
पंकज झा.
December 13, 2010 at 7:08 am
प्रणाम करता हूँ, पत्रकारिता के इस बादशाह को…आलोक जी जल्दी स्वस्थ हों यही इश्वर से प्रार्थना.
पंकज झा.
sushil dev
December 13, 2010 at 7:14 am
Bhai Saheb Namaskar, aapke asptal me dakhil hone ki suchna BHADASH se mili. Bada dukh hua. Par aap jis tarah patrakarita me mard ho. vaise hi apni Jindgi me v. Uparwala se prathna karta hun ki aap jald se jald swasthya ho jayen aur aapka bharpur pyar hame milta rahe.
Sadar…..sushil dev (priyashree).
Maneesh Chandra
December 13, 2010 at 8:02 am
आपको शुभकामनाएं ,…….. ज्यादा मुश्किल नहीं होता है बेबाकी से बात करना पर मुश्किल यकीनन होती है साफगोई से लोगों को बेनकाब करना
इसे दुस्साहस ही कहा जायेगा की अपनी फील्ड के लोगों के बारे में इतनी रिसर्च से लबरेज होकर दुनिया के सामने सच लाने का , राडिया के टेप तो अब सामने आयें हैं मगर आलोक जी ने तो पत्रकारिता के स्तम्भ माने जाने वाले लोगों की पोल खोलने की मुहिम कई दिनों से चला रखी है
…… आज आप बीमार हैं और हम सब चाहेंगे की अभी बहुत काम बाक़ी है अभी और कई चेहरें हैं जो journalism का मुखौटा लगाकर टीवी पे
आ रहे हैं ..६ साल पहले जब नौकरी के सिलसिले में मैं आप से मिला था तो मुझे नहीं पता था की मैं किसी enpsyclopidia से मिला हूँ .आपको
हमें बहुत कुछ और भी बताना है ,जल्दी ठीक हो जाइये .आपका मनीष चन्द्रा.. JAI foundation [b][/b]
shailesh arya
December 13, 2010 at 8:02 am
alokji,
you are a different type of journalist/writer. one might not agree with you on many issues but certainly u are a couragious journalist who does not care about the outcome of whatever u write. only i can say GET WELL SOON
Siddharth Kalhans
December 13, 2010 at 8:16 am
आलोक जी ईश्वर आपके साथ है। आपने बड़े बड़े संकटों को नपटा दया इस कैंसर को भी मात दे देंगें आप। जल्दी आप फिर स्वस्थ हो हम सबके बीच होंगे और रामगढ़ में इस साल की बर्फबारी देखेंगे। Get Well Soon.
Siddharth Kalhans
Lucknow
sanjay saksena
December 13, 2010 at 8:32 am
Alok Bhai jaldi se thik hoeye.Gwalior ka aadmi itna kamjor nahi hai ke koi bimari usey gher lee.mujhe vishwas hai ki hamesha ki teher is bar bhi vijayi hokar niklenge.
ABHAYMISHRA
December 13, 2010 at 8:53 am
भाई साहब,
आपके स्वास्थ के बारे में भडास से सूचना मिली कि आपको अस्पताल में दाखिल किया गया आपके स्वास्थ के बारे में रुपेश्जी ने बताया. आप जल्द ठीक होंगे
मे और मेरा परिवार भले ही आप से मिलने न आ सके लेकिन आपके बेहतर स्वास्थ की कामना हमेंशा करते हें. में पहले भी घर गया, लेकिन आप घर नही थे गलती यह रही मेने आप को फ़ोन नही किया. आप को मोबाईल भी किया, लेकिन वो रिसीव नही हुआ. अंजू जी ने बताया की आप आउट ऑफ़ स्टेशन हें. वेसे चम्बल के लोगों को कोई हरा नही सकता. लड़ते रहना हमारा काम हे. रुपेश को देखें. ये रोग भी नही हरा पा रहा हे. वो जीत रहा हे फिर आप तो आप हें .
अभय मिश्रा दैनिक भास्कर झज्जर हरियाणा.
sushil dev
December 13, 2010 at 9:07 am
Bhai Saheb ko sadar Namaskar, Iswar aapka swasthya Jald thik kar den. yahi unse hamari prarthana hai. aapko bahut yaad.
sushil dev (priyashree)
deependra chauhan
December 13, 2010 at 9:16 am
get well soon sir .abhi apko bahut kuchh karna baki hai.main pashupatinath se dua karta hoon aap jaldi thick hojain.
deependra chauhan
December 13, 2010 at 9:18 am
pashupatinath apko jald thick kare
sarfaraz saifi
December 13, 2010 at 9:41 am
yaswant ji ,anuranjan ji aap dono ka shukriyada iss liye kar raha hou ki aap logo nai alok ji ka hosla hafzai kiya hai our unki himmat badai,meri dua hai ki alok ji jald hi thik ho jayenge
A N Shibli
December 13, 2010 at 10:05 am
अल्लाह से दुआ करता हूँ की आलोक साहब जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ।
vandana
December 13, 2010 at 10:08 am
Get well soon Bhai. Wish u a speedy recovery.
RSChauhan
December 13, 2010 at 10:19 am
Bhai Jaan,
God bless you lot,
har pal pal pal dua hai, chamkate raho sada suraj ki tarah, mat de do bacterial infection ko varna hum andhere mei dhudhate rah jayenge jindagi ko.
Aapka Anuj
RSChauhan
[email protected]
vibhanshu divyal
December 13, 2010 at 10:35 am
Alok, you have always been a fighter and won your battles singlehandedly. This time too, you will come out as a winner. I wish you the fastest recovery.
– Vibhanshu Divyal
vibhanshu divyal
December 13, 2010 at 10:48 am
Alok, you have always been a fighter and won your battles singlehandedly. This time too you will come out as winner. I heartily wish you the fastest recovery.
– Vibhanshu Divyal
भानु प्रताप सिंह
December 13, 2010 at 10:53 am
आलोक तोमर जल्दी ही ठीक होंगे, ऐसा विश्वास है..
Dr M. S. Parihar
December 13, 2010 at 11:02 am
आदरणीय आलोक जी, प्रणाम
मेरी आपसे कभी आमने सामने मुलाकात नहीं हुई लेकिन पत्रकारिता में आपने जो नये आयाम स्थापित किये हैं। उसी से वशीभूत होकर लगभग आपकी सभी रिपोर्ट और आलेख पढकर उनसे प्रेरणा लेता हूं। आज की दलाल संस्क़ति में आप जैसे पत्रकारों से ही देश और जनता को आशा है। आप शीघ्र स्वस्थ होकर अपनी लेखनी के माध्यम से नये परिवर्तन का उदघोष करते रहें। आभार सहित
Bharat Bhardwaj
December 13, 2010 at 11:27 am
Is desh se alok tomar ko koi nahi mita sakata. na waqt na virodh…… iswar kare warsho tak jalta rahe ye media ka chiraag.
Bharat Sharma
gwalior
Bharat Bhardwaj
December 13, 2010 at 11:31 am
alok tomar media ke chiraag he bhagwaan kare wo salo tak jalte rahai….
Bharat bhardwaj
bhopal
9713224459
Hasrat Hayat, Bhind (Chambal)
December 13, 2010 at 12:28 pm
Aalok ji namaskar
malik se dua karta hoon, aap jaldi hi thik ho jayenge, cancer aapka kuch nahin bigad sakta, kyonki aap ke saath aapki ma ki duaen hai, jo kabhi Bhind men Samman ke douran panchayat sabhgar men bhari sabha men di gayin thi.
अमिताभ ठाकुर
December 13, 2010 at 1:06 pm
मैंने सुबह ही यह खबर देखी. कई दिन पहले भी यशवंत जी ने चर्चा में बताया था और परसों भी. उस दिन से लगातार ह्रदय में एक प्रकार की तीस और वेदना है और इसी के वशीभूत हो कर कई बार इच्छा हुई कि फोन से बात करूँ उस व्यक्ति से जिसे मैं पत्रकारिता का एक मानदंड समझता हूँ.
पर हर बार हाथ रुक जाता है क्योंकि मैं चाह कर भी अलोक जी को ऐसा मान ही नहीं पाता जिसे कोई कभी सहानुभूति दे सकता है.
आलोक जी को लोग केवल आदर दे सकते हैं, प्यार दे सकते हैं और उनको देख कर एक व्यक्ति के साहस, हिम्मत और हौसले की तारीफ कर सकते हैं. मेरे मन में भी आलोक जी के प्रति यही भाव हैं.
वैसे मालुम नहीं क्यों यशवंत जी, पर मुझे ऐसा लगता है कि यह योद्धा बहुत जल्दी वापस आ कर अपने सारे बवालों को उसी तरह संचालित करता दिखेगा जैसा वे पहले करते रहे हैं और आज अस्पताल की गहमा-गहमी में भी करने से नहीं चूक रहे.
आलोक तोमर साहब एक साधारण व्यक्ति नहीं हैं, यह मैं पहले से सोचने लगा था, पर अब यह बात मेरे मन में पूरी तरह पुष्ट हो गयी है.
आलोक जी, आप के अस्पताल से लौटने के इन्तेज़ार में आपका यह प्रशंसक और छोटा भाई,
अमिताभ ठाकुर,
लखनऊ
sanjay
December 13, 2010 at 1:19 pm
alaok ji aap lambi umar jiyenge.or cancer jasi bimari’ko aapki himmat ,jeevat-ta ke samne natmatak hona hi padega.iss bhai ke layak koi bhi seva ho to bata dejiyeja
Pravin Khariwal, President Indore Press Club
December 13, 2010 at 1:20 pm
आलोक जी के बिगड़ते स्वास्थ्य की खबर यशवंत जी के माध्यम से विस्तार से मालूम पड़ी। पिछले एक महीने में आलोक जी और सुप्रिया भाभी से कई मर्तबा बातचीत हुई, लेकिन उन्होंने तनिक भी एहसास नहीं होने दिया कि मर्ज इतना बढ़ गया है। रविवार को भी आलोक जी से बातचीत हुई तो उनके वैसे ही तेवर नजर आए। नीरा राडिया केस में प्रभु चावला जी की विदाई की खबर उन्हें कीमियोथेरेपी के असहनीय दर्द से राहत देती नजर आ रही थी। मुझे कुछ नहीं होगा… इतनी जल्दी नहीं जाऊंगा… जैसे हिम्मत वाले अल्फाज़ अभी भी आलोक जी की जुबां पर हैं। इसी हिम्मत की वजह से वे कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से मुकाबला कर रहे हैं। मध्य प्रदेश और विशेषकर इंदौर के पत्रकार साथी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। अशोक वानखेड़े, अवधेश बजाज, अनिल जैन, ह्रदयेश दीक्षित, रूपेश जैन आदि अक्सर आलोक जी के स्वास्थ्य बुलेटिन पर चर्चा करते रहते हैं। इंदौर के खजराना गणेश और उज्जैन के महाकाल दरबार में आलोक जी के शीघ्र स्वस्थ होने की अरज लगाई है। भगवान उन्हें जल्द स्वस्थ करे, और अंत में सिर्फ इतना कहना है-
रुत ये टल जाएगी
हिम्मत रंग लाएगी
सुबह फिर आएगी
Pravin Khariwal, President Indore Press Club
December 13, 2010 at 1:21 pm
आलोक जी के बिगड़ते स्वास्थ्य की खबर यशवंत जी के माध्यम से विस्तार से मालूम पड़ी। पिछले एक महीने में आलोक जी और सुप्रिया भाभी से कई मर्तबा बातचीत हुई, लेकिन उन्होंने तनिक भी एहसास नहीं होने दिया कि मर्ज इतना बढ़ गया है। रविवार को भी आलोक जी से बातचीत हुई तो उनके वैसे ही तेवर नजर आए। नीरा राडिया केस में प्रभु चावला जी की विदाई की खबर उन्हें कीमियोथेरेपी के असहनीय दर्द से राहत देती नजर आ रही थी। मुझे कुछ नहीं होगा… इतनी जल्दी नहीं जाऊंगा… जैसे हिम्मत वाले अल्फाज़ अभी भी आलोक जी की जुबां पर हैं। इसी हिम्मत की वजह से वे कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से मुकाबला कर रहे हैं। मध्य प्रदेश और विशेषकर इंदौर के पत्रकार साथी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। अशोक वानखेड़े, अवधेश बजाज, अनिल जैन, ह्रदयेश दीक्षित, रूपेश जैन आदि अक्सर आलोक जी के स्वास्थ्य बुलेटिन पर चर्चा करते रहते हैं। इंदौर के खजराना गणेश और उज्जैन के महाकाल दरबार में आलोक जी के शीघ्र स्वस्थ होने की अरज लगाई है। भगवान उन्हें जल्द स्वस्थ करे, और अंत में सिर्फ इतना कहना है-
रुत ये टल जाएगी
हिम्मत रंग लाएगी
सुबह फिर आएगी
Mahesh Agrawal tv reporter Bhilwara
December 13, 2010 at 1:33 pm
shriman tomar sahib ,
aap ke abhi desh ko jarurat hai .patrakarita ko abhi apane anjam tak pahunchana hai .kai neera radaion ko unki okat bhi batani hai ,to patrakarita me ghus aayen choron aur daketon ko bhi bahr ka rasta dikhana hai. kensar patent aajkal theek hone lage hai .aap ko ishwar shigra swasth kare aur aap apane shirsh mukam par pahunche,yahi dil se kaamana karte hain .get well soon
नरेन्द्र प्रताप
December 13, 2010 at 1:45 pm
आदरणीय आलोक जी,
सादर प्रणाम,
आपसे कभी मिला तो नही, लेकिन आपके लेख पढ़ता रहता हूँ। बहुत ताकत मिलती है। मेरी शुभकामनाएं है आप जल्द ही अच्छे हो जाये।
नरेन्द्र
kumar harsh
December 13, 2010 at 2:37 pm
ऊपर वाले की इन्ही बेईमानियों से चिढ है. जिन्हें एक पल भी नहीं रहना चाहिए वे स्वस्थ है और सानंद हैं और जिनकी सक्रियता खासकर इस वक्त में दोगुनी चाहिए वे अस्पताल में हैं. प्रभाष जी के बाद रामबहादुर राय या हरिवंश जी के साथ अलोक तोमर ही कबीर हैं. उनका ठीक होना ही नहीं बल्कि और जुझारू और बुलंद होना समय की अपरिहार्यता है, आप जल्दी ठीक हों और मिशन पर लौटें.
-कुमार हर्ष
Harisingh Rajpurohit
December 13, 2010 at 2:45 pm
आलोकजी तोमर की अस्वस्थता का समाचार सुन
बहुत दुख हुआ, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है
कि समाज का कैन्सर मिटाने वाले
आलोकजी इस कैन्सर पर भी जल्दी विजय पा लेगे .
भगवान आलोकजी को लडने की शक्ति दे.
देश को उनकी अभी बहुत जरूरत है
chandra kant
December 13, 2010 at 2:53 pm
सुप्रिया जी
आलोक जी जल्दी व बेहतर और दुरुस्त स्वस्थ हों यही इश्वर से प्रार्थना. मेरी इच्छा है कि आलोक तोमर बहुत दोनों तक जिंदा रहें
Kamta Prasad
December 13, 2010 at 3:17 pm
आप शीघ्र स्वस्थ्ा हों हम सब की यही चाहत है।
महेंद्र नाथ मिश्र
December 13, 2010 at 3:20 pm
आलोक जी आप के साथ कभी आमना-सामना नहीं हुआ……लेकिन अपने लेखों और विचारों के जरिये आप मेरे दिल के बेहद करीब रहते हैं…..पत्रकारिता में जिन चंद नामों को अपने तेवरों के लिए जाना जाता है…..उनमें से आप एक हैं…..ऐसे दौर में जबकि देश की पत्रकारिता राडियाओं की बंधक हो गई है…….आप जैसे स्वतंत्र, निर्भीक और तेवर वाले पत्रकार की मुल्क को सख्त जरूरत है……प्रभाष जोशी की परंपरा के आप सच्चे वारिस हैं……और पत्रकारों की नई पीढ़ी के लिए आप प्रेरणास्रोत हैं……हम लोगों की दुआएं आपके साथ हैं……हमें पूरा विश्वास है कि आपकी जिजीविषा कैंसर पर भारी पड़ेगी…..और बीमारी को मात देते हुए आप पत्रकारिता की सेवा करते रहेंगे..
जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद के साथ
आप का….
महेंद्र नाथ मिश्र
महेंद्र
महेंद्र नाथ मिश्र
December 13, 2010 at 3:20 pm
आलोक जी आप के साथ कभी आमना-सामना नहीं हुआ……लेकिन अपने लेखों और विचारों के जरिये आप मेरे दिल के बेहद करीब रहते हैं…..पत्रकारिता में जिन चंद नामों को अपने तेवरों के लिए जाना जाता है…..उनमें से आप एक हैं…..ऐसे दौर में जबकि देश की पत्रकारिता राडियाओं की बंधक हो गई है…….आप जैसे स्वतंत्र, निर्भीक और तेवर वाले पत्रकार की मुल्क को सख्त जरूरत है……प्रभाष जोशी की परंपरा के आप सच्चे वारिस हैं……और पत्रकारों की नई पीढ़ी के लिए आप प्रेरणास्रोत हैं……हम लोगों की दुआएं आपके साथ हैं……हमें पूरा विश्वास है कि आपकी जिजीविषा कैंसर पर भारी पड़ेगी…..और बीमारी को मात देते हुए आप पत्रकारिता की सेवा करते रहेंगे..
जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद के साथ
आप का….
महेंद्र नाथ मिश्र
महेंद्र
farid ahmad
December 13, 2010 at 3:58 pm
tomar ji allah tala se mai dua karta hu ki aap jaldi ache ho jaye .aameen farid ahmad CNEB sultanpur
Rakesh Sinha
December 13, 2010 at 4:18 pm
I hope and pray for your recovery.
Rakesh Sinha
दयानंद पांडेय
December 13, 2010 at 4:19 pm
यार आलोक, तुम्हारे बारे में यह खबर पढ कर मुश्किल में आ गया हूं ! समझ नहीं आ रहा कि तुम से क्या कहूं? सिवाय इस के कि भगवान से प्रार्थना करूं कि तुम्हें यह तकलीफ़ बर्दाश्त करने की ताकत दे ! और कि सुप्रिया जी और बेटी को साहस दे ! तुम बहादुर हो, इस बीमारी से लड कर जीतो, यही चाहता हूं ! अपनी तीन दशक पुरानी दोस्ती की कसम !
Rakesh Sinha
December 13, 2010 at 4:28 pm
I hope and pay for your recovery.
sudhir singh
December 13, 2010 at 4:36 pm
mai apki lambi umar ki iswar se kamna kart hu.Tomar bhaya , tum jiyo hajaro sall, sall ke din ho pachas hajar. lion jung nahi hart .Log ser ke samne maidan chod dete hai.cancer ki kya aukat. aap jaldi thik ho kar puri urja ke sath patrikarita me apnajauhar dikhayengw yahi bhagwan se prarthna hai. sudhir singh Azamgarh (u.p.) corresspondent News agency P.T.I. BHASHA
ashok
December 13, 2010 at 4:46 pm
दोस्त जल्दी ठीक हो जाओ.बहुत काम है.
Sachin Budhauliya
December 13, 2010 at 4:56 pm
Alok Bhaisahab, Desh ko aur journalism ko aapki zarùrat hai, Radia, barakha, veer jaise patrakaron ki pol khul rahi hai, safai bhi shuru ho gayi hai. Ab swasth patrakarita ki nayi paribhasha to prabhash joshi ke yogya shishya hi gadh payega. Aap bimari se haar gaye to hame lead kaun karega? Jaldi swasth hokar aaèéye, adhùra kam pada hai. Intezar karùnga. Aapka apna Sachin Budhauliya
Vinay Nayak
December 13, 2010 at 5:05 pm
Get well soon Amitabh Bachchan of Journalism:)
vishalshukla
December 13, 2010 at 5:09 pm
आलोक जी भगवान आपको जल्द ठीक करें। हमारी दुआएं हमेशा आपके साथ है।
हिम्मत करे इन्साँ तो क्या हो नहीं सकता
वो कौन सा उक़्द (गुत्थी) है जो वा हो नहीं सकता।
rajesh awasthi
December 13, 2010 at 5:11 pm
Alokji ke jajbe ko salam! cancer to kya khood yamraj ko bhi iss sher ko sath le jane se pahle sochna padega. unke doston aur pathakon kee duayen unhen jald hee beemari ke changul se baher kheench layengee.
vinod agarwal
December 13, 2010 at 6:48 pm
My dear Alokji, I pray god are you get well soon.
vinod agarwal (Kalptaru express Agra)
rajesh saxena
December 13, 2010 at 8:22 pm
aalokji, aap hamesha nirbheek patrkarita, sachchi patrkarita ka aalok failate rahenge… hum patrkaron ko prerna dete rahenge…. hamari bhi umar aapko lag jaye.. yahi kaamna hai..
aamit
December 13, 2010 at 9:00 pm
god apko jaldi se thik kar de
aamit
December 13, 2010 at 9:03 pm
sir charan sparsh, god apko jald hi thik kar denge
Anupam Upadhyay
December 14, 2010 at 2:13 am
I dont know how to write here in hindi, as I am not finding fonts, I am a very new Viewer of This site. As the question of the Health of Shri Alok Ji, There is one very good and simple solution for this problem, Please arrange 250 Gr. Pure curd of Cow milk, and add 11 leaves of Tulsi, Break them in very small pieces,
and mix with curd, Only this will be his breakfast every day regularrly, As he is already in the treatment of very good and knowledgeble Doctors, Please take them in confidence prior to start it. Please Continue this non stop every day without break for 6 months, It will break the enlargetion process within 3 days and lator contine recovery and 100% removal of this problem by god grace.
IF YOU LIKE THEN PLEASE PROVIDE ME HIS DOB, TIME AND PLACE ALSO, IT WILL HELP ME TO PROVIDE YOU SOME MORE EASY STEPS HELPFUL FOR HIS BETTERMENT.
REGARDS,
ANUPAM UPADHYAY
Anupam Upadhyay
December 14, 2010 at 2:26 am
Namaskar,
I dont know how to type here in hindi, As I am not finding fonts here,
There is a very simple and effective solution for such type of problems, As he is alrady in treatment of very good and knowledgable doctors, Please take them in confidence prior to start it.
Please take 250 Gr. Curd of Pure Cow Milk and add 11 leaves of Tulsi (break them in small peices) mix with curd and give him every day without break non stop till 6 months. By God Grace he will be cure completely.
If he and his dearest like then they can provide me his DOB, time and place, It will help me to provide them some more good supporting acts, for his fast betterment.
Regards,
Anupam Upadhyay
amitvirat
December 14, 2010 at 5:16 am
Bhagwan aapko jaldi swasth karein aalok ji aap jaise logon ki abhi sakht jaroorat hai patrakarita ko
संजय कुमार सिंह
December 14, 2010 at 7:03 am
आलोक जी,
आप हालचाल लेने की कोशिश न करने वालों से दुखी न हों। ऐसे लोगों में तो मैं भी हूं पर क्या बताऊं जब आपके बीमार होने की जानकारी हुई तो फोन कर बात करने या हाल-चाल पूछने का कोई मतलब नहीं लगा। सोचा मिलकर ही बात करूंगा तभी ठीक से समझ में आएगा कि बीमारी किस स्थिति में है और इलाज का कितना असर हो रहा है।
आपसे मिलने के बाद तो लगा ही नहीं कि आप कैंसर जैसी बीमारी के शिकार हैं। मैंने यही माना कि आप स्वस्थ हो जाएंगे और आज भड़ास पर पूरी खबर पढ़ने के बाद भी मुझे नहीं लगता कि कैंसर आपको हरा पाएगा।
kaptan mali
December 14, 2010 at 9:04 am
Sirji Jaldi theek hokar maidan me aaiye. aap hamare liye adarsh hain.
anantprakash tripathi
December 14, 2010 at 10:56 am
aatmeeya, alok ji
pranam.
‘fanoos ban ke jiskee hifajat hava kare , wo shama kya bujhe jise roshan khuda kare.’ yeh sirf hamara hi nahin balki sudhi pathakon ka bhee vishavas hai.
aapke swasthya labh kee kamana ke sath
aapka
anant
V.P.S. bhadoriya
December 14, 2010 at 11:28 am
tomar sahab hariye na himmat bisariye na ram, aapke lakho shubhchintak duaye kar rahe he, aap avashya svasthya honge.
V.P.S. Bhadoriya,
Bhopal
[email protected]
pawan bhoot
December 15, 2010 at 11:00 am
god is great
AMITESH SRIVASTVA GORAKHPUR
December 15, 2010 at 1:41 pm
प्रणाम करता हूँ, पत्रकारिता के बादशाह को…आलोक sir जी जल्दी स्वस्थ हों यही इश्वर से प्रार्थना.
आपने बड़े बड़े संकटों को नपटा दया इस कैंसर को भी मात दे देंगें आप। जल्दी आप फिर स्वस्थ हो हम सबके बीच होंगे AMITESH SRIVASTVA GORAKHPUR
jitendra kumar singh
December 16, 2010 at 11:48 am
सर मै ईश्वर से आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हू. साथ ही आपके जज्बे को सलाम.
v.k. sharma
December 17, 2010 at 4:47 pm
GET WELL SOON, DEAR ALOK TOMAR…. JANSATTA KI TARAH ABHI AUR KAAM KARNE HAIN AAPKO…..
anjani varanasi
December 18, 2010 at 11:58 am
sankat mochan hanumaan ji apko jald dheek karenge. patrkarit ko apki jarurat hai.
Vivek Dayal
December 20, 2010 at 11:13 am
Alok Ji , Ishwar se aapke shegra swastha hone ki mangal kamna karta hoon. Bhagwan aapko jald hi swastha karke hum sab ke samne punah lekhani chalane ke liye khara kare.
Vivek Dayal
बालेन्दु दाधीच
December 24, 2010 at 5:29 pm
ईश्वर से प्रार्थना है कि आलोक जी शीघ्र स्वस्थ हों। वैसे कोई बीमारी उस व्यक्ति का क्या बिगाड़ेगी जिसने कभी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा, बल्कि जो खुद समाज, राजनीति और पत्रकारिता की बीमारी दूर करने में लगा रहा है। इस जुनूनी व्यक्ति ने कभी किसी चुनौती से हार नहीं मानी। हमेशा शोषित और पीड़ित पक्ष का साथ दिया। इस बार भी वे हार नहीं मानेंगे और इस आग से कुंदन बनकर निकलेंगे। उनके मित्रों और प्रशंसकों की अनगिनत दुआएं और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं।