यदि आप हिंदुस्तान को भ्रष्टाचार मुक्त व आम आदमी की आवाज़ को और बुलंद होते हुए देखना चाहते है तो आरटीआई एक्ट 2005 के तहत सूचना मांगने के अधिकार को सिर्फ 250 शब्दों व एक विषय तक सीमित करने के निर्णय के विरोध में 27 दिसम्बर तक अपने ऐतराज़ जरूर दर्ज करवाएं. क्योंकि यदि आपने यह मौका गवां दिया तो समझिए कि आप अपने देश व समाज के हितों के प्रति जागरूक नहीं हैं.
आरटीआई एक्ट 2005 के अधिकारों में कटौती व बदलाव क़ी साजिश अफसरशाही व सरकारी तंत्र का देश क़ी जनता के हक पर सीधा हमला है. ऐतराज़ जताने के लिए निर्धारित ईमेल [email protected] पर ईमेल करने के लिए खर्च किये गए 5 मिनट देश व समाज क़ी तरक्की के लिए माकूल माहौल हासिल करवा सकते हैं. बाकी फैसला आपके हाथ में है. ऐतराज़ दर्ज करने के साथ-साथ इस ई-मेल को आगे अपने सैंकड़ों-हजारों लोगों को फॉरवर्ड भी करें ताकि सूचना का अधिकार कायम-दर-कायम रह सके.
इकबाल सिंह शांत
पत्रकार
मेल – [email protected]












kk chauhan
December 20, 2010 at 7:35 am
इकबाल भाई आपने सही मुद्दा उठाया है। सरकार अ©र सरकारी चमच¨ं ने जनता की आवाज दबाने क¢ लिए ही जन सूचना का अधिकार (2005) में फ¢र बदल करने की ठान रखी है। क्य¨ंकि सरकार की करतूतों का खुलासा इसी अधिकार क¢ तहत हो रहा है लिहाजा जिस सरकार ने इसे बनाया वही इसे इतना पेचिदा बनाने की क¨शिश कर रही है कि जनता सरकार की करतूत जान ही नहीं सक¢। मैं अपनी विर¨ध जरूर दर्ज कराउंगा।
[email protected]
BIJAY SINGH
December 20, 2010 at 4:03 pm
RTI should not be limited to one subject and 250 words.I strongly oppose this decision.Govt should not crash public voice and rights.
BIJAY SINGH,JAMSHEDPUR.