: घटना दैनिक भास्कर के कोडरमा ब्यूरो कार्यालय की : ब्यूरोचीफ ने की पुलिस से शिकायत : दैनिक भास्कर, कोडरमा के ब्यूरोचीफ मनोज कुमार पांडेय को उनके अखबार का ही रिपोर्टर अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर बुरी तरह मारा-पीटा. उनके ऊपर लोहे के राड से हमला किया. उन्हें गंभीर चोटें आई हैं. मनोज ने इसकी शिकायत झुमरी तलैया थाने में कर दी है. तीनों आरोपी रिपोर्टर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
पुलिस को दी गई शिकायत में मनोज ने बताया कि 16 दिसम्बर को दोपहर में रांची ऑफिस से सब एडिटर आलोक कुमार सिंह ने उन्हें बताया कि उन लोगों को लगातार रिपोर्टर अजय की शिकायत मिल रही है. आलोक ने कहा कि जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है कि अजय को अगले आदेश तक रिपोर्टिंग न करने दी जाए. पांडेय ने बताया कि जब अजय कार्यालय आया तो मैंने उसे मैनेजमेंट द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में बताया और रिपोर्टिंग ना करने को कहा. उस समय कार्यालय में रिपोर्टर नवनीत ओझा और कम्प्यूटर ऑपरेटर अभिनंदन भी मौजूद थे.
इस खबर को सुनने के बाद अजय कुमार उर्फ मंटन ने दो अन्य रिपोर्टर साथी संतोष कुमार और गौतम पाल को बुला लिया. मनोज ने बताया कि तीनों ने अचानक उन पर हमला कर दिया. इससे वे जमीन पर गिर पड़े. इसके बाद तीनों ने लगातार उनपर प्रहार जारी रखा. उन्हें लोहे की राड से पीटा गया, जिससे उनके सिर पर एवं आंख के पास चोटें आई हैं. दूसरे रिपोर्टरों ने किसी प्रकार उनको बचाया. उस समय कार्यालय के आसपास काफी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई. कुछ लोगों ने उन्हें घायलावस्था में इलाज के लिए पास के एक क्लीनिक पर पहुंचाया. मनोज पर हमला करने के बाद तीनों रिपोर्टर मौके से फरार हो गए.
इस संबंध में मनोज ने बी4एम को बताया कि पिछले दिनों अजय ने माइनिंग ऑफिसर के बारे में एक खबर छापी थी कि यहां के पत्थर व्यापारी उनके ट्रांसफर के लिए लाखों रुपये खर्च करने को तैयार हैं. इसके बाद माइनिंग ऑफिसर ने बैठक बुलाकर व्यापारियों से पूछा कि आखिर उनके लिए क्यों इतना पैसा खर्च किया जा रहा है. इस पर व्यापारियों ने इस खबर को पूरी तरह झूठ बताते हुए अजय तथा भास्कर की निंदा की. इसकी खबर दूसरे कई अखबारों में भी छपी. उनलोगों ने इस खबर की एक प्रति रांची कार्यालय को भी फैक्स कर दी. जिसके बाद अजय को अगले आदेश तक रिपोर्टिंग ना करने देने का निर्देश दिया गया.
उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी जब मैंने अजय को दी तो वह भास्कर में ही रिपोर्टर अपने भाई संतोष तथा गौतम पाल को बुला लाया और मेरे साथ मारपीट की. उनके आंख के पास कई टांके लगे हैं. उन्होंने बताया कि वे इसकी जानकारी रांची में अखबार प्रबंधन के लोगों को दे दी है. पर अभी तक कोई कोडरमा नहीं आया है.
भास्कर प्रबंधन द्वारा इस घटना की तरफ से आंख मूंद लिया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि इससे नाराज मनोज के गांव वालों ने थाने पर प्रदर्शन भी किया. पुलिस पर लापरवाही बरतने तथा जानबूझकर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया.












संजीव समीर, कोडरमा
December 21, 2010 at 1:31 pm
कोडरमा में हुई इस घटना से जिले के अन्य पत्रकार भी चिंतित और दुखी हैं. भास्कर प्रबंधन को चाहिए कि दोनों पक्ष को साथ बैठाकर मामले का समाधान करें ताकि पत्रकारों की गरिमा बच सके. झगडा या मारपीट किसी समस्या का समाधान नहीं है, यह दोनों को समझना चाहिए.
– संजीव समीर, कोडरमा
BIJAY SINGH
December 21, 2010 at 2:54 pm
daftar me maar peet ki ghatna nindaniya hai.karyawayi karen.
jamshedpur me bhi iss tarah ki ghatna ho chuki hai,ek bade akhbar me.control rakhe.discipline jaruri hai.wasooli par bhi najar rakhe bhaskar management.
manas
December 21, 2010 at 4:42 pm
sahi hua…kai bureau chiefs ke saath bhi aisa hi honga chahiye…
Pankaj Saw
December 21, 2010 at 5:00 pm
Nishpaksh janch ke baad asli doshi ko patrakarita se kahin bhi nahi jud pane ki vyawastha ki jaye
Ashok
December 22, 2010 at 9:49 am
Hindi akhbaar ke management ko sharam aana chahiye. Reporter wasuli karta rahta hai aur woh aankh bandh kiye rahte hai. patrakarita ko badnam karne mei hindi akhbaar ke reporters ka sabse bada haath hai. ish Se bhi badi ghatana Hazaribagh mei hui thi aur prabandhak sota raha. Wah re sampadak…tere to khel hi hai nirale. Ish ghatan se hum sare Koderma ke patrakar aachambhit hai.
anil dutt
December 22, 2010 at 2:18 pm
>:( patrakaro ki yeh ghata bhut hi nindniya hai aur is par sahi karyawahi honi chaiye
n24
December 23, 2010 at 7:36 am
presan ho kar aadmi yehi karta hai. patrkar samne na aakar kisi se karvate tou aaj bhagna na padta bahut jaldi ek aur aisi hi khabr aur miln wali hai.
n24
December 23, 2010 at 7:43 am
b.chief ko kisi ko bhi nhi stana ya presan karna chahia, pta nhi kaun aadmi kitna DUKHI HAI AUR DUKHI aadmi tou jaan se mar bhi sakta hai ya marva sakta hai.islia jan kar kisi ko bhi presan nhi karna chahia.
avi maithil
February 21, 2011 at 9:42 am
vah re bhaskar managment ……lage raho NO. 1 ki daur me aisi choti choti bate hoti rahti hai……