सहारा मीडिया में संपादक (राजस्थान) अजय शर्मा को अब सहारा का नार्थ इंडिया का हेड बना दिया गया है. अब उनके जिम्मे पूरे नार्थ इंडिया में सहारा टीवी एवं प्रिंट की जिम्मेदारी होगी. अजय शर्मा द्वारा राजस्थान में बढि़या परफारमेंस देने के बाद उनका कद और पद दोनों बढ़ाया गया है. गौरतलब है कि अजय शर्मा जब राजस्थान के संपादक बने थे तब सहारा का राजस्थान में कोई बहुत बड़ा आधार नहीं था. संवाददाता के रूप में सहारा के काम को मीना शर्मा संभालती थीं.
अजय शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत 1996 में टाइम्स ऑफ इंडिया से की थी. इसके बाद वे दैनिक भास्कर, जयपुर के ब्यूरोचीफ भी रहे थे. भास्कर टीवी और ईटीवी में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे. वे कुछ समय तक एक रीयल स्टेट कंपनी में भी महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं.












DILIP
December 24, 2010 at 11:36 am
congratulation AJAY JI
pramod
December 24, 2010 at 2:28 pm
खबर कुछ समझ में नहीं आई…यानी अब अजय शर्मा के सहारा के नॉर्थ इंडिया का हेड बनाए जाने के बाद क्या अजय शर्मा यूपी, एमपी, दिल्ली, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड से प्रकाशित होने वाले अखबार, पत्रिकाओं, न्यूज चैनलों सभी के हेड हो गए हैं….यदि ऐसा है तो अजय शर्मा को बधाई…- प्रमोद
lalit sharma
December 24, 2010 at 5:09 pm
great achivement sir and i am proud of u and i am also work with u when u was the chief reporter in bhaskr and i was reporter in bhaskr
really very big achivement and selatue to your dedication , honesy and professionlism .
one more thing i want to say u deserve this post >
regards
lalit
Md.Asfahani khan
December 25, 2010 at 6:39 am
ajay ji aapko bahut bahut mobarak ho nya permotion ,
bedi durbhag ki bat hai ki electronic media jaisi industri men job ke liye refrence ki zarurat padti hai or isse bhi zyada durbhag ki bat hai media ki vacancy ka bahar na ana .
k.k.singh
December 26, 2010 at 4:14 pm
bahut bahut bhadhai apko
shankar lal
December 27, 2010 at 12:56 pm
भड़ास को अब लोगो ने अपनी ब्रांडिंग का रास्ता भी समझ लिया है. अजय शर्मा जैसे लोगो ने इसका खूब फायदा उठाया हे. भास्कर जयपुर में ये जगदीश पोद्दार के बेटे बने. उनकी छुट्टी हुई तो रमेश अग्रवाल के चौथे बेटे बन्ने का ड्रामा करने लगे. वो कही भी कुछ भी बन सकते है प्रमोद भाई. लेकिन भगाए या हटाये क्यों जाते है, ये कोई उनसे पूछने का प्रयास ज़रूर करे. सॉरी अजय
sanyogita
April 20, 2011 at 4:28 pm
फ़र्जीवाड़ा कोई अजय से सीखे..ये ऐसा तथाकथित पत्रकार है जो किसी को अपने आगे कुछ नहीं समझता.पता है क्यों..क्योंकि इसे पत्रकारिता में कुछ समझ में ही नहीं आता। वैसे नॉर्थ इंडिया की ज़िम्मेदारी संभालने वाले इस शख्स से फ़ुरसत में पूछिएगा कि सीड़ी का क्या हुआ।