विदिशा के गंजबासौदा में पत्रकार और नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष संजीव जैन की सोमवार रात अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या के विरोध में लोगों ने पूरे शहर को बंद रखा. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संजीव का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम किया गया. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम और एसपी गंजबसौदा में डंटे रहे. आरोपियों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया.
संजीव जैन सोमवार की रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे अपने कालाबाग स्थित धर्मकांटा के ऑफिस में बैठे हुए थे. उनके साथ दो अन्य लोग भी बैठे थे. इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक फोन आया. जिससे वे बातचीत करते हुए अपने कार्यालय के बाहर निकले. तभी गोलियां चलने की आवाज सुनाई पड़ी. कार्यालय के अंदर बैठे पारस अहिरवार और शिव दयाल ठाकरे जब बाहर निकले तो उन्होंने संजीव को खून से लथपथ देखा. उन्हें तत्काल सरकारी हास्पीटल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बदमाशों ने उनको छह गोलिया मारी थीं. पोस्टमार्टम में चार गोलियां ही निकाली जा सकी. हत्या के बाद डीआईजी भी मौके पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली. बताया जा रहा है कि संजीव दैनिक जागरण से जुड़े हुए थे. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में इसके पूर्व बदमाशों ने अनिल सोनी नाम के एक पत्रकार की भी हत्या कर दी थी.












yashovardhan nayak
January 1, 2011 at 11:46 am
इससे पहले भी विदिशा से भोपाल लौट रहे,पवन विद्रोही नाम के पत्रकार को भी गोलियों से भून दिया गया था.