स्वतंत्र भारत, लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार एवं समन्वय संपादक हनुमान सिंह सुधाकर ने इस्तीफा दे दिया है. वे लगभग एक दशक से स्वतंत्र भारत से जुड़े हुए थे. उन्होंने अपने इस्तीफा देने का कारण कुछ किताबों के लेखन को बताया है. उनकी एक कविता और दो उपन्यास पहले ही प्रकाशित हो चुके हैं. वैसे चर्चा है कि निकट भविष्य में वे किसी बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ने जा रहे हैं.
मूल रूप से हनुमान सिंह ने लेखन की शुरुआत अपने पढ़ाई के दौरान ही कर दी थी. सन 68 से उन्होंने विधिवत पत्रकारिता शुरू की. वे गोड़ा में माया, स्वतंत्र भारत, नवजीवन, हिन्दुस्तान समाचार, दैनिक जागरण, अमृत प्रभात, यूएनआई सहित कई पत्र एवं पत्रिकाओं के संवाददाता के रूप में काम किया. अन्य कई संस्थानों में भी वे वरिष्ठ पदों पर रहे. 2000 में वे स्वतंत्र भारत से जुड़ गए, तब से वे वहीं थे. उनके कई लेख विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं. पत्रकारिता के साथ हनुमान सिंह ने इंटर कॉलेज में अध्यापकी भी की. काफी समय तक उन्होंने गोड़ा में वकालत भी की. अब तक उनकी एक कविता संग्रह ‘प्रेम गंगा’ और दो उपन्यास ‘सोना’ और ‘संघर्ष’ प्रकाशित हो चुके हैं.












ramesh
January 10, 2011 at 3:54 pm
hanuman singh sudhakar bahut hi swarthi aadmi hain inhone apne aage apne patidar ko aage na badne dene ke liye ek kargil ke sipahi ke balidan ka apman kiya aur inhone apna poora baal laga diya ki us sipahi ka petrol pump senson na ho.