वाराणसी के सोयेपुर शराब काण्ड में अदालत के आदेश पर कैंट थाने में हिन्दुस्तान के पत्रकार पवन सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजय भूषण ने बताया कि वंशनारायण राजभर, अजय गुप्ता, सुरेश पाल एवं पवन के विरुद्ध कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है. इसकी सूचना अदालत को भी दे दी गई है.
गौरतलब है कि पिछले साल 17 फरवरी को सोयेपुर में जहरीली शराब पीने से 27 लोगों की मृत्यु हो गयी थी. इस काण्ड के मुख्य आरोपी महेश जायसवाल की पत्नी नीतू ने उसी दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि जमीन के खरीद-बिक्री करने वाले उसके पति से उपरोक्त चारों लोगों ने 20 लाख रूपये तथा चार बिस्वा जमीन की मांग की थी. उनकी मांग न माने जाने पर इन चारों ने साजिश के तहत सोयेपुर में जहरीली शराब बंटवा दी और महेश को फंसा दिया. जिसके बाद अदालत ने कई सुनवाई के बाद 15 बीते वर्ष 15 अक्टूबर को नीतू का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया.
इसके बाद नीचे इलाहाबाद हाई कोर्ट चली गई. उच्च न्यायालय ने इस मामले की दुबारा सुनवाई करने का आदेश निचली अदालत को दिया था. जिसमें सुनवाई करते हुए अपन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम शाहिद रजा की अदालत ने 19 जनवरी को नीतू के आवेदन पर चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना करने का आदेश दिया था.
गौरतलब है कि कोर्ट से एफआईआर आदेश किए जाने का आदेश मिलने के बाद से ही पवन सिंह लम्बी छुट्टी पर चले गए थे. उनकी छुट्टी को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस पर भी पवन सहित चारों आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बन गया है.












SANJEEV KUMAR DUBEY
January 22, 2011 at 10:22 am
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arvind
January 24, 2011 at 12:31 pm
बहुत बढिया। आखिर पाप का घड़ा भरकर छलकने लगा। वैसे इससे पवन सिंह को कुछ खास फर्क नहीं पड़ता। बड़े काले और सफेद कालर वाले समर्थक जुटा रखे हैइस घाघ ने।
Ram Sunder Mishra 'Raju'
February 6, 2011 at 7:45 am
पवन सिंह हिंदुस्तान में वर्षो से क्राईम रिपोर्टर है..इनके बारे में समय समय पर कई तरह की चर्चा वाराणसी के मीडिया में उठाता रहता था ..खास कर एक विशेष जाती के मफ़िआओ से सम्बन्ध को लेकर ये काफी चर्चा में रहे है.. इन्ही मफ़िआओ से मोटी रकम के विज्ञापन पवन सिंह हिंदुस्तान प्रबंधन को देते रहते है …इन विज्ञापन के पैसो के आगे प्रबंधन भी पवन सिंह को सभी तरह के कार्य करने का छूट देता रहता है .. जिस सोयेपुर शराब कांड में पवन सिंह को आरोपित किया गया है ..उसमे आधी बात सही और आधी झूठ है .. सही बात ये है की पवन सिंह ने महेश जायसवाल से समझौते कराने के लिए पैसे मांगे थे .. और झूठ बात ये है की पवन सिंह ने अन्य आरोपिओ के साथ मिलकर २७ लोगो को मौत के घाट उतारा है .. दरअसल आरोपी महेश जायसवाल अपने को बचाने के लिए पुलिस की जाँच को दूसरी दिशा में मोड़ना चाहता है ताकि महेश जायसवाल सहित सभी आरोपी सोयेपुर कांड से बरी हो सके ..दरअसल पवन सिंह से उनके करीब अधिवक्ता भी नाराज चल रहे है ,जिसका परिणाम है की पवन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है .. आखिर एक दिन पाप का घड़ा फूटना ही था .. दूसरी कहावत भी यंहा चरितार्थ है की आखिर बकरी मई कई दिन खैर मनाई .. इन सबके बिच सबसे बड़ा सवाल तो ये है इस पुरे मामले पर हिंदुस्तान प्रबंधन पूरी तरह से चुप्पी साधा हुआ है .. आखिर कौन सी मजबूरी है हिंदुस्तान अखबार के प्रबंधक की आज तक स्पस्ट नहीं हो पाया है की पवन सिंह अखबार में है या निकल दिए गए .. आखिर के सन्देश देना चाहता है हिंदुस्तान अखबार का प्रबंधन ..