वरिष्ठ पत्रकार एवं वॉयस ऑफ लखनऊ के सलाहकार घनश्याम पंकज का आज कोच्चि में निधन हो गया. वे लगभग 70 साल के थे तथा किडनी की बीमारी से पीडि़त थे. कई अखबारों में प्रधान संपादक भी रह चुके थे. उनके निधन से लखनऊ मीडिया जगत में शोक की लहर व्याप्त है.
श्री पंकज पिछले काफी समय से किडनी की बीमारी से ग्रसित थे. इसी का इलाज पिछले काफी समय से वे कोच्चि में करा रहे थे. डाक्टरों ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी. जिसके बाद वे किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए तैयार हो गए थे. ऑपरेशन के बाद उनकी किडनी ट्रांसप्लांट कर दी गई थी. ऑपरेशन के बाद वे कोच्चि में ही डाक्टरों की निगरानी में थे. अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और उनका निधन हो गया.
मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले घनश्याम पंकज को ज्यादातर समय दिल्ली और लखनऊ में ही बीता. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक समाचार एजेंसी समाचार भारती न्यूज के साथ की थी. इसके बाद दिल्ली में दिनमान, नवभारत टाइम्स में कार्यरत रहे. लखनऊ मे जनसत्ता, जनसत्ता एक्सप्रेस, स्वतंत्र भारत में संपादक के पद पर भी रहे. कुबेर टाइम्स के प्रधान संपादक रहे. इन दिनों वे वॉयस ऑफ लखनऊ के साथ सलाहकार के रूप में जुड़े हुए थे.












VIDYUT PRAKASH
January 26, 2011 at 6:55 pm
पंकज जी के नहीं रहने की खबर सुनकर दुख हुआ। वे एक विद्वान पत्रकार थे। खास तौर पर उनके राजनैतिक अग्रलेख बड़े सटीक होते थे। हिंदी पत्रकारों के बीच वे शाही जीवन जीने वाले पत्रकारों में से थे। उनकी पत्नी वीनिता पंकज कई साल पहले ही उनका साथ छोड़कर चली गई थीं। वे मेरे पहले संपादक थे..जिनके सानिध्य में मैंने काफी कुछ सीखा था। मेरे जैसे सैकड़ो पत्रकार होंगे जो उनकी छत्रछाया में आगे बढे। पंकज जी के योग्य बेटे कबीर कौशिक समर्थ फिल्म निर्देशक है। वे सहर, चमकू और हम तुम और घोस्ट जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। भगवान पंकज जी की आत्मा को शांति प्रदान करे….
Zafar Irshad
January 27, 2011 at 5:21 am
Pankaj ji Kidney ki beemari se nahi balki Liver Sirosis se beemar the…Yeh Jankari unki patni Rekha ji ne kal subah mujhe kochii se ph par di…unka liver transplant hua tha…na ki kidney transplant…maine aapko SMS bhi kiya tha Yashwant ji…Pankaj ji ko Shrdhanjali…Woh ek Patrakar, Sampadak aur adhikari hi nahi balki ek dost bhi the…Ham sab unhe miss karenge…
javed mustafa
January 27, 2011 at 5:40 am
hum wo sayadar ped th, jo zamane k kaam aaye mar bhi gaye to logo k jalane k kaam aaye..aise hi th hum logo k pankaj sir…main khusnaseeb th k mujhe jaisi shaksiyat k saath kam karne or sikhne ka mauka mila..allah unki rooh ko sukun de….javed mustafa
Ajay Shukla
January 27, 2011 at 4:34 pm
पत्रकारिता के एक युग कि समाप्ति है पंकज जी का जाना. उनसे हमने बहुत कुछ सीखा. उनके जाने के समाचार मात्र से मुझे कुछ बड़ा अहम् खोने का अहसास हुआ है.
नीराजत्यागी
July 8, 2018 at 5:20 pm
बहुत शोक की बात है ये