काशीपुर मीडिया सेन्टर के सदस्य अधिवक्ता, व्यापारी व राज्य आंदोलनकारी नीरज गुप्ता को नजीवाबाद (बिजनौर) पुलिस द्वारा पूर्व में हुए पुरुषोत्तम तायल उर्फ जौली हत्याकांड के मुख्य आरोपी डा. मनीष अग्रवाल की हत्या में नामजद किए जाने के विरोध में गुरुवार को पत्रकारों, अधिवक्ताओं व व्यापारियों ने महाराणा प्रताप चौक पर बिजनौर पुलिस का पुतला फूंका तथा एएसपी के माध्यम से मेरठ के पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा गया है कि नीरज गुप्ता हत्याकाण्ड के समय काशीपुर में ही मौजूद थे। उनका इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है। मृतक जौली नीरज गुप्ता के बहनोई थे, जिस कारण उनकी हत्या के बाद उनके हत्यारोपी श्री गुप्ता से रंजिश रखते हैं। इसके चलते उन्हें झूठा फंसाया गया है। ज्ञापन में मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक श्री गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगायी जाने की भी मांग की गयी।
पत्रकारों ने कहा कि नीरज गुप्ता के विरुद्ध दर्ज की गयी रिपोर्ट में जो दिन व समय दर्शाया गया है, उस दिन नीरज गुप्ता पांच बजे तक काशीपुर न्यायालय में एक मुकदमे की पैरवी कर रहे थे। बाद में वह काशीपुर कोतवाली कार्यालय में पुलिस अधिकारियों व पत्रकारों के बीच वार्ता के दौरान मौजूद रहे। ऐसी स्थिति में एक व्यक्ति दो स्थानों पर मौजूद नहीं हो सकता। पत्रकारों ने नीरज गुप्ता के विरुद्ध दर्ज करायी गयी रिपोर्ट को बेबुनियाद व फर्जी बताते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर उनका नाम हत्याकांड से हटाये जाने की मांग की है। ऐसा न होने पर पत्रकार, व्यापार मंडल व बार एसोसिएशन कोई भी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
पुतला फूंकने व प्रदर्शन करने वालों में मीडिया सेंटर संरक्षक शिवअवतार शर्मा, महामंत्री विकास गुप्ता, उपाध्यक्ष नवीन सिंह देउपा, कोषाध्यक्ष जितेंद्र सक्सेना, जसपाल चढ्डा, गुरविंदर सिंह चंडोक, नदीमुद्दीन, निखिल पंत, स्वतंत्र नवीन, शैलेन्द्र मिश्रा, ब्रिजेश वार्ष्णेय, गजेन्द्र यादव, मुकुल मानव, डॉ. एमए राहुल, नवीन अरोरा, संजय रूहेला, विवेक मिश्रा, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक वर्मा, पवन, संजय कक्कड़, आरडी खान, अजीम खान, एफयूखान, रफी खान, अनिल शर्मा, रवि शर्मा, माजिद अली, विवेक मिश्रा एड., दीप पाठक, कुन्दन विष्ट, कुन्दन शाह, अनुराग गंगोला, भगीरथ, अशोक सिंघवानी आदि शामिल रहे।











