: चैनल में घमासान जारी : अगले नम्बर को लेकर चर्चा : महुआ न्यूज से खबर है कि मृत्युंजय ठाकुर ने इस्तीफा दे दिया है. मृत्युंजय महुआ में इनपुट हेड थे. अंशुमान तिवारी की वापसी के बाद शुरू हुआ उथल-पुथल का दौर लगातार जारी है. संभवत: एक दो दिनों में प्रबंधन के साथ चैनल के वरिष्ठ लोगों की मीटिंग है. इस मीटिंग के बाद तय हो जाएगा कि किसे रहना है और किसे जाना है.
मृत्युंजय कुछ दिनों पहले ही पटना से दिल्ली बुलाए गए थे. मृत्युंजय को ओम प्रकाश उर्फ ओपी को हटाए जाने के बाद बिहार का स्टेट हेड बनाकर पटना भेजा गया था. तब से वे जिम्मेदारी संभाल रहे थे. संतोष पांडेय जब चैनल हेड के रूप में महुआ आए तो उन्होंने ईटीवी से प्रवीण बागी को भी महुआ के साथ जोड़ लिया. इसके बाद प्रवीण बागी को पटना की जिम्मेदारी सौंप दी गई और मृत्युंजय ठाकुर को वापस हेड ऑफिस बुला लिया गया. इसके बाद इनको दुबारा इनपुट हेड की जिम्मेदारी सौंप दी गई. सीढ़ी से गिर जाने के चलते ठाकुर कुछ दिन से मेडिकल लीव पर थे. दो तीन दिन पहले ही उन्होंने आफिस आना शुरू किया था. ठाकुर चैनल की लांचिंग के समय से ही जुड़े हुए थे. उनके जाने का कारण चैनल हेड के रवैये को बताया जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बदले घटनाक्रम के बीच शंटिंग लाइन में डाल दिए गए अंशुमान को मेन लाइन पर ला दिया गया. ईटीवी से बुलाए गए नए हेड संतोष पांडेय को लूप लाइन में डाल दिया गया. उन्हें महुआ यूपी के नए चैनल की प्रोग्रामिंग देखने को कह दिया गया. सूचना थी कि अंशुमान के आने के दूसरे ही दिन संतोष पांडेय साधना न्यूज पहुंचे थे, काफी देर तक वहां रहे. क्या बात हुई यह तो पता नहीं चला पर संतोष पांडेय फिलहाल ऑफिस नहीं आ रहे हैं. चैनल हेड रहे ओपी सिंह भी लीव पर चल रहे हैं. कुल मिलाकर महुआ के अंदर प्रबंधन ने इस तरह का नशा तारी कर दिया है कि कर्मचारियों को समझ में नहीं आ रहा है कि यहां हो क्या रहा है. और अगला नम्बर किसका है.
सूत्रों का यह भी कहना है कि जब से दुबारा अंशुमान की वापसी हुई है, तब से अंदर का माहौल बदल गया है. उन्हें प्रबंधन ने चैनल को नम्बर एक बनाने का जिम्मा सौंपा है. अब जो लोग चैनल को कभी नम्बर एक बनाने वाली टीम में शामिल थे उन लोगों को चुन चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. जो अंशुमान के बुरे दिनों में बदल गए थे या मुंह फेर लिया था, उनका शिकार किया जा रहा है. महुआ के अंदर का माहौल इस तरह बन गया है कर्मचारी तक किसी से बात करने में डर रहे हैं पता नहीं कौन शिकायत कर दे कि ये उसका बंदा है. महुआ के अंदर पूरी तरह अविश्वास का माहौल बना हुआ है, जिसका असर काम पर भी पड़ रहा है. इस संदर्भ में जब मृत्युंजय ठाकुर से बात किया गया तो उन्होंने अपना इस्तीफा चेयरमैन को देने की पुष्टि की.












mahmood alam
February 6, 2011 at 6:37 pm
mnzs,mc,xl,kmxmllll
mahmood alam
February 6, 2011 at 6:37 pm
kjhxl;dg’;l
rajeev mishra nai duniya indore
February 7, 2011 at 1:36 am
badhai boss
Rewa,Satna k mitro ki dher subhkamnaye.
boss jab kabhi bhopal aye tab awasya suchit karey.
ap ka article ‘bhool kar bhi mat peena gangajal’ logo nay kafi pasand kiya
yeh unnao kanpur k pass hai ya lucknow k
regards
mediabandhu
February 6, 2011 at 3:14 pm
boe per babul ka to aam kaha se hoe!!
..ek daur tha jab mritunjay ji anshuman ji ke saath mil kar jam kar rajniti kiya karte the..phir mil gaye op ji ke saath..aage to malum hi hai..!
shankar_news 24,patna
February 7, 2011 at 7:57 pm
rajniti karne walo ka yahi anjam hota hai.
rajan pandey ranchi
February 8, 2011 at 11:30 am
Jab mrityunjai thakur jo mahua news ko bihar jharkhand me bulandi se sthapit karaya, ko mahua rajneeti se tang aakar istifa dena pada to us sansthan ke patrkaron ke liye ashubh ghadi ki shuruaat aur prabandhan ke liye apne hi ghar me lage aag me hath senkne jaisa hai
rajan pandey ranchi
February 8, 2011 at 11:30 am
Jab mrityunjai thakur jo mahua news ko bihar jharkhand me bulandi se sthapit karaya, ko mahua rajneeti se tang aakar istifa dena pada to us sansthan ke patrkaron ke liye ashubh ghadi ki shuruaat aur prabandhan ke liye apne hi ghar me lage aag me hath senkne jaisa hai
rajan pandey ranchi
February 8, 2011 at 11:43 am
JHARKHAND. Bihar me mahuanews ko sthapit karane wale MKT ka istifa dena mahuanews ke patrkaron ke liye ashubh sanket aur prabandhan ke liye aatmghati kadam
Farheen Naz
February 9, 2011 at 4:24 pm
अंशुमान जी पुराने खिलाड़ी हैं। आरती रॉय को मोहरा बनाया एक शुक्ला जी थे इनपुट हेड उनको बाहर किया। तारकेश्वर मिश्र आए, आरती के नाम इनका भी काम तमाम किया। नमिता पाठक और असित नाथ तिवारी को इतना तंग किया कि वो खुद चले गए। मृत्यूंजय ठाकुर आए, फिर आरती रॉय बाहर हुई। समय ने पलटी मारी खुद अंशुमान शंट हो गए। वापस आए हैं गेहुअन की तरह फोंफियाएंगे। अंशुमान जी जब ओपी जी के नहीं हुए तो किसके होंगे।मृत्यूंजय और संतोष पाण्डेय को कौन पुछता है।
bablu singh
February 10, 2011 at 11:21 am
thakur ji ko ab apana waite kam karana hoga kyon ki mahuaa chanal ka haram ka paisa itana kha liye the ki unaka pet bahar nikal gaya tha ab thodra kam ho jayega
amrit upadhaya
February 11, 2011 at 6:09 am
Sunne me aa raha hai ki P.K. TIWARI JEE ne anshuman ko apna dattak putra man lia hai..jiske karan anshuamanjee ne mahuaa me phir se vapasi ki hai… aur vo din dur nahi jab anshuman jee ko mahuaa ka overall head bana dia jayega… lage raho anshuman jee…all the best for your dream
punam
February 14, 2011 at 12:45 pm
acha huaa ki motu mahuaa se nikal gaya intarn karane wali girl par buri najar se dekhata tha jisame mai bhi ek girl hu.samil hu…
अमृत उपाध्याय
March 10, 2011 at 7:14 pm
यशवंत जी, आपके इस पोस्ट पर अमृत उपाध्याय मतलब मेरे नाम से एक टिप्पणी है जो मैंने नहीं की है…ये जिस भी सज्जन का काम है उन्हें अपने नाम से ये टिप्पणी करने का साहस करना चाहिए…वैसे सुझाव के तौर पर मैं आपसे ये जरूर कहूंगा कि आप कमेंट करने वाले व्यक्ति का ईमेल आईडी भी प्रकाशित करने का कष्ट करें या फिर पूरी जांच के बाद कमेंट छापें….तो बड़ी कृपा होगी…