शरदोत्सव प्रदर्शनी में आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए नई दुनिया के प्रदेश ब्यूरो चीफ और मान्यता प्राप्त पत्रकार संगठन के प्रदेश महामंत्री योगेश मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी. उन्होंने कहा कि जिलों में काम करने वाले पत्रकार ईमानदार हैं, जबकि महानगर के पत्रकार तरह-तरह के फायदे लेते हैं.
उन्होंने कहा कि पत्रकार हर रोज पिटता है. इसके बाबजूद वह राष्ट्र के लिए अहम् भूमिका निभाता है. पत्रकारों को स्वच्छंद लेखनी का प्रयोग करना चाहिए. कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है. उन्होंने बताया बगैर मरे स्वर्ग नहीं मिलता है. मुख्य अतिथि श्री मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों की पीड़ा को वह भली भांति समझते हैं. उन्होंने कहा कि पत्रकार को अपने हकों की लड़ाई के लिए अपनी बात दमदारी से कहनी चाहिए. किसी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए त्याग की आवश्यकता है. कठिनाइयों को पार करने पर ही सफलता कदम चूमती है. श्री मिश्रा ने पत्रिकारिता में कुनवा होने की बात को सिरे ख़ारिज करते हुए कहा कि पत्रिकारिता कुनवा नहीं हुआ करता है पत्रिकारिता तो मिशन है. इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर पत्रकार सम्मेलन का उद्घाटन किया.
पत्रकार सम्मेलन के विशिष्ठ अतिथि तहलका, दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार और देश के मूर्धन्य पत्रकार स्वर्गीय प्रभाष जोशी के पुत्र सोपान जोशी ने कहा की पत्रकारों को ब्रिटिश शासन काल में यातनायें दी गयीं लेकिन उन्होंने हमेशा अपने मिशन को आगे बढ़ाकर फ़तह प्राप्त की. श्री जोशी ने कहा कि अगर हमें ईमानदार रहकर अपना अस्तित्व रखना है तो अपने पूर्वज पत्रकारों से प्रेरणा लेनी होगी. उन्होंने इलाहाबाद के दैनिक स्वराज अखबार सम्पादक शांति नारायण भटनागर और इसी अखबार ने 11 अन्य संपादकों द्वारा देश की आजादी की लड़ाई में काला पानी की सजा काटे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि वे झुके नहीं और न ही पत्रिकारिता की मर्यादा को टूटने दिया.
लोकतंत्र सेनानीं पत्रकार किशन मुरारी मिश्र पत्रकारिता के अनछुए बिन्दुओं को छूते हुए भविष्य में पत्रकारों के ऊपर आने वाले खतरों से आगाह कराया. वहीं इटावा से आये वरिष्ठ पत्रकार गणेश ज्ञानार्थी ने जिला व तहसील स्तर पर मान्यता देने की पुरजोर वकालत की. इटावा से आये नई दुनिया के पत्रकार नीरज महेरे का इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम् भूमिका रही.












vijay madhesia
February 15, 2011 at 2:51 am
sirf manch se kahne se nahi, manane se bani rah sakti hai emandari. Jile me v hai sankrmar.
SHAILENDRA, MADHUBANI
June 28, 2011 at 6:13 am
THANKS FOR THIS
opsrivastava
October 11, 2011 at 11:42 pm
Yogesh Ji is very learned journalist. He is 100 % correct. He knows that how a district reporter work in his district in what circumstances ?
I want give him a suggestion that he should organize a workshop for district reporter per month.
o p srivastava
deoria
12 oct 2011