महाराष्ट्र में पत्रकारों पर हमलों को रोकने के लिए पत्रकार संरक्षण कानून बनाने की मांग को लेकर राज्य के सभी जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर पत्रकारों ने सरकार विरोधी मोर्चे निकाले तथा विरोध प्रदर्शन किया. मुंबई में दक्षिण मुंबई में स्थित पुलिस कमिश्नर ऑफिस से आजाद मैदान तक मोर्चो निकाला गया.
पत्रकार हल्ला बोल कृति समिति के संयोजक एसएम देशमुख ने बताया कि 34 जिलों व 182 तहसीलों से मोर्चो निकाला गया. सभी पत्रकार संगठनों ने इसमें भाग लिया तथा सरकार के रवैये की निंदा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कई बार पत्रकारों को संरक्षण देने के लिए कानून बनाने का वादा कर चुकी है, लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन के आपसी मतभेदों के कारण इस पर अमल नहीं किया जा रहा. राज्य सरकार सन 2005 से ही हमें आश्वासन दे रही है कि मीडियाकर्मियों पर होने वाले हमलों के मसले पर कानून बनाया जाएगा, लेकिन उसने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.
इस मोर्चे में मुंबई मराठी पत्रकार संघ, अधिस्वीकृति समिति, बीयूजे, मंत्रालय व विधानमंडल पत्रकार संघ, मराठी पत्रकार परिषद, टीवी पत्रकार संघ, महाराष्ट्र श्रमिक पत्रकार संघ, महाराष्ट्र बहुजन पत्रकार संघ, मुंबई प्रेस क्लब तथा कई अन्य संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए. सभी संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र ही कानून को लागू नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे.











