पत्रकार, अखबारों व संवाद समितियों के कर्मचारियों ने श्रमशक्ति भवन पर बुधवार को अपना विरोध प्रदर्शन किया. इस रैली प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अखबार कर्मचारी और पत्रकार पहुंचे. रैली में दिल्ली के अलावा आंध्र व कई दूसरे प्रदेशों से आए पत्रकार भी शामिल हुए. तकरीबन तीन घंटे की इस रैली प्रदर्शन में शामिल संगठनों के प्रतिनिधिमंडल को श्रमशक्ति भवन में आमंत्रित भी किया गया.
प्रतिनिधिमंडल से उनकी मांगों संबंधी ज्ञापन भी लिया गया. यह आश्वासन दिया गया कि इस संबंध में मंत्रालय और कैबिनेट जल्द ही गौर करेगी. प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने कहा कि यदि केंद्र सरकार जस्टिस मजीठिया की सिफारिशों पर अधिसूचना जल्दी जारी नहीं करती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
इस रैली प्रदर्शन में बेनेट कोलमैन एंप्लाइज यूनियन, पीटीआई एंप्लाइज यूनियन, इंडियन एक्सप्रेस इंम्लाइज यूनियन के अलावा दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (डीयूजे), प्रेस यूनिटी सेंटर एसोसिएशन ऑफ एक्रिडेटेड न्यूज कैमरामैन (एएएनसी), नेशनल एलायंस ऑफ जर्नलिस्ट्स और एआईईएनएफ के कुछ नेता तथा राजधानी के विभिन्न अखबारों की यूनियन इकाइयों के कर्मचारी प्रतिनिधियों और पत्रकारों ने भाग लिया.
रैली प्रदर्शन में पत्रकार और कर्मचारी नेताओं ने जस्टिस मजीठिया की सारी सिफारिशों को मानने और उसे तत्काल अमल में लाने के लिए अधिसूचना जारी करने, 2008 से एरियर दिलाने और बदलते जमाने के उपयुक्त पेंशन देने की योजना व भारतीय प्रेस कौंसिल की बजाए कानूनी अधिकारों से लैस और मीडिया के व्यापक परिदृश्य के अनुरूप मीडिया कौंसिल गठित करने और कर्मचारियों व पत्रकारों के साथ गैरकानूनी रोजगार नीति खत्म करने की मांग की गई. साभार : जनसत्ता











