अमर उजाला ने चंडीगढ़ में अब लगभग मुफ्त में अखबार बेचने की स्कीम लांच की है. सूत्रों के मुताबिक अभी तक अमर उजाला की एक कापी का दाम दो रुपये है लेकिन जो स्कीम शुरू की गई है, उससे पाठक को अमर उजाला लगभग फ्री में मिलेगा. छह महीने के लिए अखबार बुक करने पर पाठक से 100 रुपये लिया जा रहा है.
मतलब, रोज अखबार पड़ेगा लगभग अठन्नी का. छह महीने का अखबार बुक करने पर पाठकों को गिफ्ट भी दिया जाएगा. तो अगर गिफ्ट ठीकठाक हुआ तो मानकर चलिए कि अमर उजाला फ्री में पाठकों को उपलब्ध हो जाएगा. इस इलाके में आज समाज अखबार ने 99 रुपये में छह महीने की स्कीम इसलिए शुरू की थी क्योंकि वह नया-नया इलाके में लांच हो रहा था और उसे अपने पैर जमाने थे. आज समाज को स्कीम का लाभ मिला और देखते ही देखते अखबार घर-घर में जाने लगा.
ऐसे में अमर उजाला को, अपनी जमीन, जो कुछ भी है, बचाने के लिए स्कीम का सहारा लेना पड़ा. अमर उजाला चंडीगढ़ में आज से नहीं है बल्कि यह भास्कर से भी पहले से पहुंचा हुआ है लेकिन अभी तक इस अखबार को चंडीगढ़ पंजाब में पांव जमाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. बाकी पंजाब से तो अमर उजाला प्रबंधन ने खुद पांव उखाड़ने की घोषणा कर रखी है लेकिन चंडीगढ़ में लांच हुई स्कीम देखकर लग रहा है कि यहां भी स्थितियां बहुत ठीक नहीं है.












sushil Gangwar
May 12, 2010 at 8:21 am
अमर उजाला ko चंडीगढ़ me jamne ke liye samya lagega . UP me sarvopriya akhbaar mana jata hai lekin Punjab me Punjab kesri ka raaj hai. Abhi Bhaskar or Amar Ujala ko Mufat me baat kar aage ka rasta tay karna hoga .
http://www.sakshatkar.com
Ramandeep, Chandigarh
May 12, 2010 at 8:29 am
जब अमर उजाला मे कुछ होगा, तब लोग पढेंगे, जब कुछ होगा ही नहीं तो क्या पढेंगे साहब. अख़बार आम लोगो के लिए नहीं सरकार की चमचागिरी के लिए निकल रहा है. अतुलजी अभी समय है बचा लीजिये अख़बार को, आज समाज ने कोई क्रांति नहीं की है बल्कि लोगो की बातो को लेकर प्रशासन से और सरकार से लड़ रहा है. सच्ची पत्रकारिता को बढ़ावा देने वाला अमर उजाला पीत पत्रकारिता को बढ़ावा दे रहा है.
vijay
May 12, 2010 at 10:41 am
ABEY KYA BAT KARTE HO RE, KAHA AMAR UJALA AUR KAHA AAJ SAMAJ. KOI TULNA HI NAHI HAI.
gurudutt tiwari
May 12, 2010 at 1:06 pm
औरों ·का तो पता नहीं पीपुल्स में तो यही हो रहा है। बिना अनुमति हंसने पर भी यहां एलटी बन जाते हैं।
bhaskarpremi
May 15, 2010 at 9:51 am
ab woh din bhi dur nahi jab jammu se bhi jahi awaj ayegi “amar ujala free me le lo jeee”……