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पुराने ‘अमर उजाला’ जैसा बन रहा नया ‘हिंदुस्तान’!

हिंदुस्तान अखबार बदलने जा रहा है। अभी तक इस अखबार का सारा लेआउट मृणाल पांडे के समय का बना हुआ है। अब शशि शेखर अपने तरीके से हिंदुस्तान अखबार का निर्माण करना चाह रहे हैं। अखबार की साज-सज्जा में कई आमूलचूल बदलाव कराए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक आज आगरा और लखनऊ आफिस में हिंदुस्तान के नए लेआउट के हिसाब से अखबार का निर्माण किया जा रहा है। यही कल मार्केट में आएगा। आगरा में आज हिंदुस्तान की री-लांचिंग पार्टी है। आगरा में कल जो हिंदुस्तान अखबार मार्केट में होगा, वह नए रंग-रूप में होगा। हिंदुस्तान के अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि नया हिंदुस्तान कुछ-कुछ पुराने अमर उजाला जैसा होगा। पुराने अमर उजाला के लेआउट की छाया नए हिंदुस्तान पर दिख रही है।

हिंदुस्तान अखबार बदलने जा रहा है। अभी तक इस अखबार का सारा लेआउट मृणाल पांडे के समय का बना हुआ है। अब शशि शेखर अपने तरीके से हिंदुस्तान अखबार का निर्माण करना चाह रहे हैं। अखबार की साज-सज्जा में कई आमूलचूल बदलाव कराए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक आज आगरा और लखनऊ आफिस में हिंदुस्तान के नए लेआउट के हिसाब से अखबार का निर्माण किया जा रहा है। यही कल मार्केट में आएगा। आगरा में आज हिंदुस्तान की री-लांचिंग पार्टी है। आगरा में कल जो हिंदुस्तान अखबार मार्केट में होगा, वह नए रंग-रूप में होगा। हिंदुस्तान के अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि नया हिंदुस्तान कुछ-कुछ पुराने अमर उजाला जैसा होगा। पुराने अमर उजाला के लेआउट की छाया नए हिंदुस्तान पर दिख रही है।

रंग, क्रासर, बाक्स आदि की वही व्यवस्था की गई है जो पुराने अमर उजाला में थी। शशि शेखर जब अमर उजाला में थे तो उन्होंने अमर उजाला को नया रंग-रूप दिया था। अब वे हिंदुस्तान में हैं तो हिंदुस्तान को नया रंग-रूप देने में लगे हैं। जो नया हिंदुस्तान तैयार हो रहा है, उसके बारे में त्वरित प्रतिक्रिया यही है कि यह पहले से तो बेहतर है, आकर्षक है, पर पुराने अमर उजाला जैसा है। फांट भी कुछ-कुछ पुराने अमर उजाला जैसा ही बना दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक नया लेआउट पूरे ग्रुप में लागू किया जा रहा है या सिर्फ यूपी में, यह पता नहीं चल पाया है पर विश्लेषकों का कहना है कि अगर कुछ भी बदलाव होगा तो उसे पूरे ग्रुप के लेवल पर लागू किया जाएगा ताकि अखबार की एकरूपता और ब्रांड इमेज कनसीव किए जाने में किसी भी क्षेत्र के पाठक को दिक्कत न हो। कई लोग हिंदुस्तान के लेआउट में बदलाव के पीछे एक बड़ी स्ट्रेटजी भी देख रहे हैं। अमर उजाला के पुराने लुक जैसा हिंदुस्तान को किए जाने के पीछे कई चीजें सूंघी जा रही है। इसे यूपी के मार्केट के प्रमुख अखबार अमर उजाला को पटकनी देने की कवायद का भी हिस्सा बताया जा रहा है। 

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