सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) से मिली जानकारी के अनुसार सड़क से हट जाने के मामूली विवाद को लेकर अराजक तत्वों ने दोस्तपुर कस्बे में चार मीडियाकर्मियों की पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी पत्रकारों को मारा-पीटा और हवालात में डाल दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पत्रकारों ने थाने में धरना दिया। साथ ही राज्य मुख्यालय पर तैनात अफसरों को मामले की जानकारी दी। बाद में दोषी थानाध्यक्ष और एक दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया। गुरुवार को पत्रकारों ने एसपी से मिलकर अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी है। वाकया बीते बुधवार को देर रात सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर कस्बे का है। रात करीब ग्यारह बजे अम्बेडकरनगर के किशुनीपुर गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे इलेक्ट्रानिक चैनलों के संवाददाताओं के वाहन को कस्बे में अराजकतत्वों ने घेर लिया। साथी पत्रकार अनूप श्रीवास्तव की शादी में शामिल होने जा रहे पत्रकारों ने सड़क पर खड़े लोगों से किनारे से हट जाने को कहा था, जो उन्हें नागवार गुजरा।
अराजक तत्वों ने आसपास खड़े साथियों समेत इकट्ठा होकर पत्रकार संतोष पाण्डेय, शरद श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव व पुष्कर तिवारी को पीटना शुरू कर दिया। सरेराह मारपीट की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष शिवाजी सिंह और उप निरीक्षक अमर बहादुर शुक्ला ने भी पत्रकारों को मारा-पीटा। इतना ही नहीं, पत्रकारों को थाने की हवालात में बंद कर दिया। घटना की जानकारी जब अन्य मीडियाकर्मियों को हुई तो आनन-फानन दोस्तपुर थाने पहुंच गये। मीडियाकर्मियों के तेवर देख पुलिस ने पत्रकारों को बाहर निकाला। साथियों के साथ हुई घटना से क्षुब्ध पत्रकारों ने कस्बे की सड़क पर जाम लगा दिया और अनशन पर बैठ गये। मौके पर पहुंचे आजतक के पत्रकार आलोक श्रीवास्तव और सहारा समय के अनिल द्विवेदी की अगुवाई में पत्रकारों ने पूरे मामले से राज्य मुख्यालय पर डीजीपी , एडीजी (कानून-व्यवस्था) और पुलिस अधीक्षक संजय श्रीवास्तव को अवगत कराया। अफसरों के हस्तक्षेप पर एडीएम (प्रशासन) पी.के.उपाध्याय, एएसपी (पूर्वी) अजय मोहन शर्मा, एसडीएम व सीओ कादीपुर भी थाने पहुंच गये। अफसरों ने प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी तो रात करीब दो बजे थानाध्यक्ष श्री सिंह व उप निरीक्षक श्री शुक्ल को लाइन हाजिर कर दिया गया।











