दैनिक जागरण, शाहजहांपुर के आफिस में बिजली चोरी के मामले में जानकारी मिली है कि पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है. कटिया डालकर जागरण कार्यालय में कम्प्यूटर, पंखे आदि चलाये जाने का खुलासा अधिशासी अभियन्ता एपी अग्रवाल की टीम ने किया था. इस बाबत बिजली चोरी की रिपोर्ट थाना सदर बाजार शाहजहॉपुर में अपराध संख्या 890/10 में जागरण के जिला प्रभारी आरसी राय के नाम पर दर्ज करायी गई.
बिजली चोरी पकड़े जाने से बौखलाये प्रबन्धन ने अपने दो कर्मचारियों को नोटिस जारी किया था और उनका तबादला शाहजहांपुर से बरेली कर दिया था. प्रबन्धन को शक था कि विद्युत चोरी पकड़वाने में इनका हाथ है. विद्युत टीम ने जागरण पर करीब 1,50,000 की बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी. पता चला है कि जागरण ने पुलिस अधीक्षक, शाहजहांपुर पर दबाव बनाकर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगवा दी है.
एफआर में लिखा गया है कि ‘इस नाम का कोई भी व्यक्ति यहां नहीं रहता’. विद्युत विभाग के अधिशासी अभियन्ता का भी कहना है कि पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है. अब इसका फैसला न्यायालय ही करेगा. अधिशाषी अभियंता के मुताबिक उन्होंने जो रिपोर्ट दर्ज करायी है, वह सच है. दैनिक जागरण कार्यालय में बैठे व्यक्ति से मैंने उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम आरसी राय बताया. उसी के नाम पर रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है. मैं कोई अकेला नहीं था. विद्युत विभाग के जिम्मेदार कई लोग मेरे साथ थे. पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाने का काम संभवतः अखबार के दबाव में किया होगा.












Uttank
July 22, 2010 at 6:09 pm
Maine kaha tha na ki RAJA KO SAB CHHAMA HAI.
Isko kahte hain Freedom of Speech. Ab bhla DJ se kaun panga le sakta hai. Isko kis prakar ki patrakarita kaha jaye.
Yashwant ji aap hi aisi patrakarita ka ek naya naam rakh de. Ya main sabhi patrakar bandhuon se nivedan karunga ki is type ki patrakarita ka kya naam rakha jana chahiye. Aisa karna jaroori bhi ho gaya hai Qki jo log is dhandhe mein aa rahe hain ya aane wale hain, unko ye lession jaroor paddhaya jana chahiye.
Shahajahanpur ke bechare SP kya karte. Media pressure ke aage to sabhi pangu ban jaate hain. Shayad abhi humko Aazadi milni baaki hai.
Jai Ho……..
Jai Ho……..
हरिदत्त जोशी
July 23, 2010 at 12:09 pm
साहब, लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए बिजली चोरी की खबरे तान कर लगाते हो, अब जागरण के दफ्तर में ही बिजली चोरी हो रही है तो इसकी खबर कौन लगाएगा। माननीय पत्रकारिता को धंधा बनाने वाले लोगों की पहले ही भरमार है अब अखबारों के दफ्तर में सरकार को मोटी चपत लगाने का नया धंधा सामने आ गया है। एक बात समझ नहीं आ रही कि करोडो़ं रुपये की ट्रनओवर दिखाने वाले जागरण को आखिर इस तरह की चोरी करने की क्या जरूरत पड़ गई अगर स्थानीय रिपोर्टर व इंचार्ज इसे संरक्षण दे रहा था तो उसकी क्या मजबूरी रही अगर ऊपरी स्तर पर ऐसा करने के लिए कहा गया था तो मामला इससे भी गंभीर है।अब पुलिस को अपना काम करना चाहिए ताकि इस तरह के काम करने वाले दूसरे लोगों को सबक मिल सके।