अमेरिकी फैलोशिप के लिए चुने गए सागर

दयाशंकर
दयाशंकर
लखनऊ : वरिष्ठ पत्रकार दयाशंकर शुक्ल सागर को अमेरिका की जोन्स हापकिंस यूनिवर्सिटी ने फैलोशिप-2010 के लिए चयनित किया है. श्री शुक्ल को जुलाई मध्य में पंद्रह दिन के टोबैको कंट्रोल लीडरशिप प्रोग्राम के लिए अमेरिका की वालटीमोर एमडी स्थित जोन्स हापकिंस यूनिवर्सिटी में आमंत्रित किया गया है. श्री शुक्ल इस तरह की फैलोशिप पाने वाले हिन्दी के पहले पत्रकार हैं.

‘दैनिक हिंदुस्तान’ लखनऊ में विशेष संवाददाता पद पर कार्यरत श्री शुक्ल विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण ख़बरें ब्रेक कर चुके हैं. जोन्स हापकिंस यूनिवर्सिटी के ब्लूमवर्ग स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ इस फैलोशिप के लिए तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शोधार्थियों को चुनता है. श्री शुक्ल ने इस साल के शुरू में विदेशी सिगरेट जैसे तम्बाकू पदार्थों को अंतर्राष्ट्रीय तस्करी पर रिपोर्ट तैयार की थी. इसके लिए उन्होंने भारत सीमा से लगे नेपाल, भूटान, बांग्लादेश व चीन के सीमा क्षेत्रों का दौरा किया था. मार्च 2012 में श्री शुक्ल की यह विस्तृत रिपोर्ट जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वावधान में आयोजित फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑफ़ टोबैको कंट्रोल में रखी गयी थी.

इंडियन मीडिया सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने यहाँ बताया की इस रिपोर्ट पर पाकिस्तान व नेपाल सरकार के प्रतिनिधियों ने आपत्ति भी दर्ज की थी. इन प्रतिनिधियों का आरोप था की रिपोर्ट में भारत से भी पाकिस्तान व नेपाल में हथियारों की तस्करी की जा रही है. नेपाल के प्रतिनिधि ने कहा था कि भारत के हथियार तस्कर माओवादियों को हथियार मुहैया करा रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार श्री शुक्ल पहली बार अपनी विवादित पुस्तक ‘महात्मा गाँधी : ब्रह्मचर्य के प्रयोग’ के लिए चर्चा में आये थे. वाणी प्रकाशन से छपी इस किताब पर विभिन्न गाँधीवादी आलोचकों ने आपत्ति दर्ज की थी.

Comments on “अमेरिकी फैलोशिप के लिए चुने गए सागर

  • DILJALA PATRAKAR says:

    sir jee badhai. Nasir sahab kee virasat badhanein ke liye aapko naman. Sudhir sir to tahakathit taur par kisi dur daraz ke namaloom sheher ke kisi hindi akhbar ke doosre darje ke sampadak ban kar sanyas roopi patrakar ban gaye hain. lekin unse pehle janab vampanthi Nasir kisi door daraz mulk kee library mein sar khapa rahe hain. Lekin aap sabse juda hain. Atankwaad ko khad aur paani dene wale mulk America pahunch gaye. Chaliye badhiya hain. Hindi patrakaar bhee America ke rehmo karam par naaz kar rahe hain. Shuruaat to aap nein kar he dee thee. Pehle rashtra pita Mahatma Gandhi kee asisi taisi kari. Ab Bharat Mata kee kariye. Uske baad Italy zaroor ho leejiyega. Kal ke hone wale PM aapko advisor bana lengein. Wahan bhee angrezi patrakaron ka varchasava khatam ho jayega. Aur aap hindustan ke Bobby Jindal kehlayeingein. Mubarak HO. Mubarak HO.Mubarak HO.Mubarak HO.Mubarak HO
    .

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  • khurram nizami says:

    Sagar bhai

    Bahut Bahut mubarak. Apnein jata diya kee Lucknow ke patrakar is mulk ke patrakaron se bahut aage aur prathibavaan hain. Allah aapko isi tarah se tarakki karta rahe.

    Khurram Nizami
    ETV News Lko

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  • संदीप रिछारिया says:

    बधाई सागर जी
    इस तरह की चीजें ही जिंदगी को और ज्‍यादा खुशनुमा बना देती है आग ेभी इस तरह के काम करने के लिये तैयार रहिये

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  • Dr Matsyendra Prabhakar says:

    Yah Dayanand Shukla ‘SAGAR’ jee aur unki pratibadhata ka hi samman nahin LKO ka gaurav bhi hai, Rajdhani ke patrakaron, khaskar Hindi Patrakaron ko iss ke liye SAGAR jee ka abhinandan karnk chahiye, badhai SAGAR jee, oopar wala aap ki har murad poori kare aur uske liye aap ko sahi hikmat bakhkshe.

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