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हर्षिता तक पहुंचे सात लाख रुपये

तीन साल की बच्ची हर्षिता को बचाने की जालंधर की मीडिया की मुहिम रंग लाने लगी है. बच्ची के इलाज के लिए सात लाख की रकम इकट्ठी हो चुकी है. ‘हर्षिता बचाओ’ मुहिम मॉस लेवल पर पहुंच गयी है. स्कूल-कालेज के स्टूडेंट्स के अलावा विभिन संस्थाएं अपने स्तर पर हर्षिता के इलाज के लिए फंड इकठा करने में जुटी हैं. अभी तक हर्षिता के पास जो सात लाख रुपये पहुंचे हैं, उनमें कई बच्चों के भी पैसे हैं. इन बच्चों ने हर्षिता को बचाने के लिए अपनी पाकेट मनी में से पैसे भेजे हैं. एक बच्चे ने 61 रुपये की मदद की है. एक बच्चे ने, जिसे हर्षिता वाली बीमारी पहले हो चुकी है और सफल आपरेशन के बाद स्वस्थ है, ने हर्षिता के लिए कई हजार रुपये भेजे हैं.

तीन साल की बच्ची हर्षिता को बचाने की जालंधर की मीडिया की मुहिम रंग लाने लगी है. बच्ची के इलाज के लिए सात लाख की रकम इकट्ठी हो चुकी है. ‘हर्षिता बचाओ’ मुहिम मॉस लेवल पर पहुंच गयी है. स्कूल-कालेज के स्टूडेंट्स के अलावा विभिन संस्थाएं अपने स्तर पर हर्षिता के इलाज के लिए फंड इकठा करने में जुटी हैं. अभी तक हर्षिता के पास जो सात लाख रुपये पहुंचे हैं, उनमें कई बच्चों के भी पैसे हैं. इन बच्चों ने हर्षिता को बचाने के लिए अपनी पाकेट मनी में से पैसे भेजे हैं. एक बच्चे ने 61 रुपये की मदद की है. एक बच्चे ने, जिसे हर्षिता वाली बीमारी पहले हो चुकी है और सफल आपरेशन के बाद स्वस्थ है, ने हर्षिता के लिए कई हजार रुपये भेजे हैं.

जालंधर में मीडिया के लोग अपने व्यक्तिगत सम्बन्धों के जरिये शहर से फंड जुटाने की मुहिम चला रहे हैं. जालंधर के मीडिया वालों ने आज तक, स्टार न्यूज़ और इंडिया टी.वी. से भी अपील की है कि वे हर्षिता के प्रकरण को प्रमुखता से प्रसारित करें ताकि बच्ची की जीवन रक्षा की जा सके.  इस बीच सोमवार को हरभजन सिंह ने अपने शहर की इस बच्ची को बचाने के लिए देशवासियों से मदद करने की अपील की. हर्षिता से संबंधित खबरें कई चैनलों पर कल-परसो भी दिखाई गई. जालंधर के लोकल चैनल ‘फास्टवे’ और ‘हलचल’ ने भी शहर के दर्शकों को इस मामले में आगे आने के लिए कहा है. इसके बाद कई लोग बच्ची के पिता तक नकद रकम पहुंचा रहे हैं.

जालंधर के मीडिया वालों ने हर्षिता को बचाने को अपना एजेंडा बना लिया है. मीडिया के लोग कोशिश में हैं कि पंजाब केसरी सहित कुछ प्रमुख अखबारों में आल एडिशन हर्षिता की न्यूज छप जाए ताकि मददगारों की संख्या बढ़ सके. पंजाब के मुख्यमंत्री के रिलीफ फंड से पैसे हर्षिता को दिलाने की कोशिश भी की जा रही है. रिलायंस और एयरटेल के अधिकारियों से मीडिया वालों ने संपर्क साधा है ताकि पूरे पंजाब में हर्षिता से संबंधित एसएमएस जारी कराया जा सके और लोगों से मदद की अपील की जा सके.

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0 Comments

  1. मृणालिनी

    June 2, 2010 at 12:20 pm

    हर्शिता को क्या बीमारी है, इसका उल्लेख भी होतदा तो अच्छा होता।
    मृणालिनी

  2. premnendra srivastav

    June 3, 2010 at 2:47 am

    kisi ki jaan bachane main hissedar banna hi apne main kafi urjawan ahsas hai. Jalandhar aur BADEDILWALE PANJAABIYON ne diha diya ki ve kisi se kam nahin. HARSHITA ko ham sab UP WALE media persons ki duvayen.

  3. Naresh

    June 4, 2010 at 2:13 pm

    हर्षिता को दिल की ऐसी बीमारी है जिस का इलाज भारत में संभव नहीं है ..उस मीबरी का नाम है Pulamonary atrasia VSD With Multipal and Multifocal Blood Supply…..दुनिया में अब तक ऐसे सिर्फ 65 मामले सामने आये हैं जिनमे से 64 की जान सर्जरी कर के बचा ली गयी ….

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