हिंन्दी को बढावा देने के लिए वर्षों से काम कर रहे दिल्ली के एक संगठन ‘परिवर्तन जन कल्याण समिति’ ने पिछले दिनों राजधानी के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम आडिटोरियम में ‘हिन्दी महाकुम्भ व साहित्य सृजन सम्मान सम्मेलन-2009’ का आयोजन किया। इस मौके पर दैनिक जागरण, नई दिल्ली के स्टेट ब्यूरो में कार्यरत सीनियर जर्नलिस्ट सुनील पाण्डेय को ‘हिन्दी पत्रकारिता सम्मान’ से नवाजा गया। पवित्र धरती इलाहाबाद में जन्में और वहीं 10 वर्ष पूर्व पत्रकारीय करियर की शुरुआत करने वाले सुनील पाण्डेय ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कार्य किए। जनवरी 2003 से दिसम्बर 2008 तक पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हिंदी का डंका बजाया।
अमृतसर में 3 साल के कार्यकाल में पंजाबी लिखने एवं बोलने वालों को हिंदी में लेखन करने पर मजबूर कर दिया। व्यापारिक संगठनों, राजनीति, भारत सरकार के कार्यालयों, रेलवे, दूरसंचार, बैंकों आदि में हिंदी में कामकाज करने के लिए इसे जबरदस्त मुददा बनाया। राजभाषा संसदीय समिति के समक्ष भी हिंदी में काम न करने वाले केंद्रीय कार्यालयों की पोल खोली। सुनील पाण्डेय को यह सम्मान भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त मुखेश्वर चूनी, पूर्व सांसद डा. रत्नाकर पाण्डेय, भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त डा. जीवीजी क्रिष्णमूर्ति, कुरुकुल कांगडी के पूर्व कुलपति डा. धर्मपाल ने दिया।











