: उत्तराखंड में दूसरे संगठन को सम्बद्ध दिखाये जाने के मामले ने तूल पकड़ा : इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट द्वारा उत्तराखंड में दूसरे पत्रकार संगठन को सम्बद्ध दिखाए जाने के खिलाफ उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने न्यायालय की शरण लेने का निर्णय किया है। अल्मोड़ा में यूनियन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदेश के कई जिलों से आये संगठन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में कहा गया कि बीते कई सालों से आईएफडब्ल्यूजे के अधीन रहकर उत्तराखंड श्रमजीवी पत्राकार यूनियन ने सभी कार्य सम्पन्न किये हैं। आईएफडब्ल्यूजे द्वारा एक राज्य में दो संगठनों को सम्बद्ध करना संविधान के खिलाफ है। इस संबंध में कार्रवाई के लिए 6 सदस्यीय एक समिति का गठन किया गया है। समिति में यूनियन के नवीन बिष्ट, पीसी तिवारी, राजेन्द्र रावत, प्रयाग पाण्डेय, जगत मर्तोलिया और राजकुमार फुटेला शामिल हैं। समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव, राष्ट्रीय महासचिव परमानन्द पाण्डेय से इस बारे में बातचीत करेगी।
बैठक में तय किया गया कि केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा इस संबंध में भेजे गए नोटिस का जवाब 15 दिनों तक नहीं मिलने के बाद न्यायालय में वाद दायर किया जायेगा। बैठक में पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल, उद्यमसिंह नगर, बाजपुर आदि जगहों से बल्ली सिंह चीमा, प्रयाग पाण्डेय, भरत साह, कपिल मल्होत्रा, ललित राठौर, डॉ.अनिल सनवाल, केवल बत्रा, डॉ. दीवान नगरकोटी, प्रमोद जोशी, खष्टी बिष्ट, सूरज कर्नाटक, हरीश पाण्डेय, नीरज जोशी, सतीश जोशी, भाषक मुरानी, प्रभात ध्यानी, प्रकाश पाण्डेय, कपिल मल्होत्रा, राजेन्द्र रावत, गितेश त्रिपाठी, रमेश जोशी सहित तमाम पदाधिकारी और पत्रकार शामिल हुए।











