कुछ दिनों पहले भड़ास4मीडिया के पास एक सज्जन ने मेल भेजा. उसमें आई-नेक्स्ट, बरेली में कार्यरत दो लोगों के बीच लफड़े की सूचना थी. मेल में जो कुछ लिखा गया था, वह यूं था- ”आईनेक्स्ट, बरेली में डेस्क पर काम करने वाले दिनेश राणा ने अपने डेस्क इंचार्ज सौरभ शर्मा पर एटीएम चुरा कर 12000 रुपए गायब करने का शक जाहिर करते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। दोनों नैनीताल घूमने गये थे। वहां राणा का एटीएम चोरी हो गया। एटीएम से 4-4 हजार कर तीन बार कैश निकाला गया है। तीनों ट्रांजेक्शन बरेली से किए गये हैं। मामला पुलिस में पहुंचने से आईनेक्स्ट में हड़कम्प मचा हुआ है।”
भड़ास4मीडिया ने इस प्रकरण के बारे में कई लोगों से बातचीत की पर कुछ पता नहीं चला, इसलिए इसे प्रकाशित नहीं किया गया. लेकिन आज आई-नेक्स्ट, बरेली से आई एक और चिट्ठी में पुरानी बातों के अलावा कुछ नई जानकारियां दी गई हैं. इससे पता चलता है कि मामला कुछ ना कुछ तो जरूर है. साथ ही, आई-नेक्स्ट, बरेली में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. इस नई चिट्ठी में जो कुछ कहा गया है, वह इस प्रकार है- ”सर, मैं आपको आईनेक्स्ट, बरेली के बारे में कुछ बताना चाहता हूं. वहां पर डेस्क इंचार्ज के रूप में काम कर रहे सौरभ शर्मा पर अभी कुछ दिनों पहले ही बारह हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगा था. यह आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने वाले सब एडिटर दीपक राणा ने लगाया है. इसकी कंप्लेन बरेली कोतवाली में की जा चुकी है. ऐसा नहीं है कि यह आरोप सौरभ शर्मा पर पहली बार लग रहा है. कुछ दिनों पहले आईनेक्स्ट आफिस में जयपुर से पांच लाख रुपये लेकर भागने का आरोप लगाते हुए फोन आया था. डीएनई मिस्टर खान बार बार सौरभ शर्मा को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. कानपुर आफिस में सही इनफारमेशन नहीं दे रहे हैं. आई-नेक्स्ट के एक सीनियर अधिकारी ने इस प्रकरण के बारे में मिस्टर खान से पूरी इनफारमेशन मांगी तो उन्होंने झूठ बोल दिया. उधर, सौरभ शर्मा का आफिस में व्यवहार ठीक नहीं है. वह किसी को भी गाली दे देता है, वह चाहे लड़की हो या चपरासी. मिस्टर खान से जब शिकायत की जाती है तो वह सौरभ को कुछ नहीं कहते. कुल मिलाकर आई-नेक्स्ट, बरेली का हाल काफी खराब है.”
संभव है, इन चिट्ठियों में कुछ ज्यादा शिकायत हो, कुछ ज्यादा विरोध हो, पर मूल मुद्दा यह है कि आखिर शर्मा और राणा के बीच क्या हुआ था और इस प्रकरण पर आई-नेक्स्ट प्रबंधन ने क्या स्टैंड लिया है. अगर आपको इस बारे में कुछ पता हो तो जरूर सूचित करियेगा, [email protected] पर मेल करके या नीचे लिखे कमेंट बाक्स में कमेंट करके.












rajwinder kour
August 25, 2010 at 9:15 pm
अँधेरे में रोशनी का वजूद शायद कही खो गया है,
खुसी का सिलसिला भी अब तो अतीत हो गया है,
एक रोशन शमा बनाना चाहते थे खुद को हम,
ताके दूर कर सकें अँधेरे का गम,
तेज आंधी ने शमा का वजूद उसी अँधेरे में डुबो दिया है
sanjay
August 26, 2010 at 2:58 pm
bhai aisa kaya hua jo chori karni par gai. kaya paper paisa nahi detha hai
mr.balwant rai ji
August 30, 2010 at 11:49 am
sir ji,ager news paper agent se baat kare , ya mr,sanjeev sharma se jo circulation dekhte to ye bhi pata chal jayega ki,mahila sosan kis shter per hai or do number ki kammai ke liye kya kya kiya ja raha hai.,