इण्डियन रीडरशिप सर्वे 2010 (राउण्ड-1) के परिणाम घोषित : (भाग 3) : पत्रिकाओं की बात करें तो सरस सलिल का जलाव बदस्तूर कायम है. भारत की पांच सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली पत्रिकाओं में सरस सलिल नम्बर एक पर है. उसे देश भर के 64 लाख 13 हजार पाठकों ने इस स्थान तक पहुंचाया। तमिल भाषा में छपने वाली साप्तहिक पत्रिका ‘कुमुदम’ ने देश की दूसरी सबसे बड़ी मैग्जीन होने का गौरव हासिल किया। उसके पास 61.24 लाख पाठक हैं। तीसरे नम्बर पर है मलयालम भाषा में प्रकाशित होने वाली पाक्षिक पत्रिका ‘वनीता’। उसके पास कुल 57.08 लाख पाठक हैं। देश के कौने कौने में, हर बुक स्टाल पर दिखाई देने वाली ‘इण्डिया टुडे’ चौथे पायदान पर है। इसे देश भर के 54.74 लाख पाठक पसंद करते हैं। पांचवे नम्बर पर पसंद किया गया है पत्रिका ‘कुंगुमम’ को, जिसके पास 53 लाख पाठकों का भरापूरा परिवार है।
गृहशोभा महिलाओं की पहली पसंद : महिलाओं के लिए देश भर में तमाम पत्रिकाएं प्रकाशित हो रहीं हैं लेकिन गृहशोभा आज भी महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है। गृहशोभा को देश भर की 45.81 लाख महिलाएं पसंद करतीं हैं और यह किसी भी दूसरी समकक्ष पत्रिका से बहुत ज्यादा है। महिलाओं की एक और पत्रिका सरिता 27.96 लाख पाठकों के साथ इस सेगमेंट में दूसरे स्थान पर है। बच्चों की दुनिया में चम्पक खूब पसंद की जा रही है। 45.81 लाख नन्हे मुन्ने पाठकों का प्यार समेटे है चम्पक। बालहंस के बच्चा पाठकों की संख्या अपने 15.51 लाख है।
इण्डिया टुडे का जलवा कायम है : राजनीतिक विषयों पर देश भर की कई गलियों से पत्रिकाएं छप रहीं हैं लेकिन इण्डिया टुडे को टक्कर देने की स्थिति में फिलहाल कोई नहीं है। पॉलिटिकल सेगमेंट में हिन्दी में प्रकाशित इण्डिया टुडे का कब्जा नम्बर-1 पर बरकरार तो है ही, अंग्रजी भाषा में भी इण्डिया टुडे ही नम्बर-1 पर काबिज है। डिजायर अंग्रेजी भाषा की दूसरी सबसे बड़ी पत्रिका है।











