इण्डियन रीडरशिप सर्वे 2010 (राउण्ड-1) के परिणाम घोषित : (भाग 4) : हिंदुस्तान टाइम्स और टाइम्स आफ इंडिया में जमीन आसमान का अंतर है। एचटी के मुकाबले लगभग डबल पाठक हैं टीओआई के। वहीं, एक जमाने में देश के लोकतंत्र को अपनी जेब में रखने वाले अंग्रेजी अखबारों को हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित होने वाले अखबारों ने बुरी तरह पटक-पटक कर पीटा है। केवल टाइम्स ऑफ इण्डिया ही अकेला ऐसा अखबार है जो अंग्रेजी भाषा की इज्जत बचाता हुआ दिखाई दे रहा है। देश भर में मात्र 1.34 करोड़ पाठकों के साथ टाइम्स ऑफ इण्डिया देश का सबसे बड़ा अंग्रेजी दैनिक बना हुआ है। अपने 62 लाख 54 हजार पाठकों को साथ लेकर हिन्दुस्तान टाइम्स उसका पीछा कर रहा है।
तीसरे नम्बर पर मौजूद है अंग्रेजी दैनिक हिन्दू जिसे देश भर में कुल 51 लाख 40 हजार पाठक पढ़ते हैं। इसी प्रकार चौथे और पांचवे पायदान पर क्रमश: द टेलेग्राफ और डेक्कन क्रॉनिकल अपने 28.77 लाख और 28.16 लाख पाठकों के साथ झगड़ रहे हैं। जहां एक ओर देश में बातचीत के दौरान अंग्रेजी भाषा का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है, हिन्दी भाषा के संरक्षकों को हिन्दी पखवाड़ा मनाकर हिन्दी की रक्षा करनी पड़ रही है वहीं दूसरी ओर प्रिंट मीडिया वर्ल्ड में अंग्रेजी चारो खाने चित पड़ी हुई है और हिन्दी भाषा का परचम लहरा रहा है.












Arvind Pandey
May 4, 2010 at 1:30 pm
बढ़िया है बधाई का पात्र है टीओआई का मैनेजमेंट…साथ ही हिन्दी के लिए अच्छी खबर है
Chandra Bhan Singh
May 5, 2010 at 10:07 am
Bhavishya to ab Hindi ka hi hai. TOI yadi HT ka Baap hai to Hindi ka Jagran, Bhasker, Rajasthan Patrika or Punjab Kesari to Dada, Par Dada they or rahenge.