आईआरएस (इंडियन रीडरशिप सर्वे) 2010- दूसरी तिमाही (राउंड-2) के आंकड़े हिंदी मैग्जीन, अंग्रेजी मैग्जीन और अंग्रेजी अखबारों के बारे में क्या कुछ बताते हैं, उस पर डालते हैं एक नजर… : हिंदी मैग्जीन : हिंदी मैग्जीन में सरस सलिल (दिल्ली प्रेस) नंबर वन पर कायम. लेकिन पाठक संख्या में कमी. पाठक संख्या करीब साढ़े बीस लाख है. लगभग दो लाख पाठक घटे हैं. दूसरे नंबर पर ‘प्रतियोगिता दर्पण’ है. कुल 18 लाख पाठक हैं. इसकी पाठक संख्या में वृद्धि हुई है. हिंदी मैग्जीनों में गृहशोभा (दिल्ली प्रेस) पांचवें स्थान पर है.
छठें नंबर पर है गृह लक्ष्मी. सांतवे स्थान पर कब्जा जमाया है क्रिकेट सम्राट ने. आठवें पर दिल्ली प्रेस की ही मैग्जीन चंपक है. नौंवे नंबर पर स्वास्थ्य पत्रिका निरोगधाम है. दसवें नंबर पर हिंदी मैग्जीन वनिता है. सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि पत्रिकाओं की कुल पाठक संख्या में लगातार कमी आती जा रही है. वही मैग्जीन सफल हैं जो किसी खास सेक्शन, ग्रुप, आडियेंश, टारगेट रीडर के लिए निकल रही हैं. जैसे- परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र, महिलाएं, क्रिकेट के शौकीन, बच्चे आदि. जनरल पोलिटिकल और सोशल मैग्जीन का भविष्य उज्जवल नहीं दिख रहा है.
अंग्रेजी मैग्जीन : अंग्रेजी पत्रिकाओं की बात करें तो टाप टेन में से ज्यादातर का प्रसार घटा है. नंबर वन इंडिया टुडे की भी पाठक संख्या कम हुई है. नंबर दो पर है रीडर्स डाइजेस्ट. नंबर तीन पर है जनरल नॉलेज टुडे. कम्पीटिशन सक्सेस रिव्यू नंबर चार पर है. आउटलुक मैग्जीन पांचवें स्थान पर है. उपरोक्त सभी पत्रिकाओं के पाठक घटे हैं. लेकिन नंबर छह पर तैनात विजडम मैग्जीन के पाठक बढ़े हैं. नंबर सात फिल्मफेयर के भी पाठक घटे हैं. पाठकों की नाराजगी के साथ स्टर्डस्ट आठवें स्थान पर है. नौवें स्थान पर बिजनेस टुडे है. इसके पाठक बढ़े हैं. और दसवें स्थान पर है फेमिना. इसके भी पाठक बढ़े हैं.
अंग्रेजी अखबार : अब बात करते हैं अंग्रेजी अखबारों की. टीओआई ने 53 हजार नए पाठक जोड़ते हुए नंबर वन का खिताब अपने पास रखा है. इसके कुल पाठक 70 लाख 88 हजार हो गए हैं. एचटी नंबर दो पर है. इसके पाठक घटे हैं. पाठक संख्या 34 लाख 53 हजार है. नंबर तीन पर द हिन्दू है. इसे कुछ हजार का फायदा मिला है. नंबर चार पर है द टेलीग्राफ. पांचवां स्थान है डेक्कन क्रानिकल के पास. छठें नंबर पर है डीएनए. नंबर सात है मुंबई मिरर का. इकोनॉमिक्स टाइम्स आठवें नंबर पर है. इसकी पाठक संख्या घटी है. नौवें नंबर पर द ट्रिब्यून है. दसवें नंबर पर है द न्यू इंडियन एक्सप्रेस. ज्यादातर अंग्रेजी अखबारों की पाठक संख्या में कमी आई है.











