ताकि भास्कर न हो सके महान : जागरण वालों को आजकल पसीना आ रहा है. वजह भी है. नंबर वन की गद्दी कहीं भास्कर न छीन ले. ये बड़ा और वाजिब कारण है पसीना आने का. इसीलिए जागरण प्रबंधन गुपचुप कई चीजें प्लान कर रहा है. जागरण से जुड़े भरोसेमंद सूत्रों की बातों पर भरोसा करें तो भास्कर को झारखंड-बिहार जाते देख जागरण प्रबंधन अचानक सक्रिय हो गया है.
‘मिशन राजस्थान’ को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जागरण प्रबंधन अब मान बैठा है कि अगर जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो बिहार-झारखंड में भास्कर समूह ताबड़तोड़ कई यूनिटें खोलकर जबर्दस्त प्रसार हासिल करेगा और इस प्रसार के बल पर वह जागरण को संपूर्ण प्रसार में पछाड़ते हुए नंबर वन की कुर्सी हथिया लेगा. जागरण वाले ये अच्छी तरह जानते हैं कि भास्कर वाले कितने आक्रामक व ताबड़तोड़ तरीके से हल्लाबोल स्टाइल में यूनिटें लांच करते हैं और देखते ही देखते नंबर एक या नंबर दो बन जाते हैं.
जागरण के निदेशकों की एक उच्चस्तरीय बैठक पिछले दिनों हुई जिसमें फैसला लिया गया है कि बहुत जल्द जागरण समूह भी नई यूनिटे खोलेगा. प्रबंधन ने राजस्थान को विस्तार के लिए चुना है. राजस्थान का चुनाव रणनीतिक भी है. एक तो भास्कर बिहार-झारखंड में जाकर जागरण ग्रुप से सीधी टक्कर ले रहा है इसलिए जागरण को भी सीधी टक्कर भास्कर की स्थापित यूनिटों को देना है. इसलिए राजस्थान चुना गया. राजस्थान का चयन मजबूरी भी है. जागरण वाले हर जगह तो पहुंच गए हैं. रह गए हैं तो केवल मध्य प्रदेश और राजस्थान में.
गुप्ताज के घराने में जो आपसी बवाल है, और बवाल शांत रखने के लिए जो इफ-बट तय किए गए हैं, उसके तहत यूपी वाले गुप्ताज एमपी नहीं जा सकते. एमपी वाले गुप्ताज के साथ कई बार एसोसिएशन बनाने की कोशिश यूपी वाले गुप्ताज ने की लेकिन आखिरकार नतीजा नए झगड़े के रूप में ही निकल कर पाया. मामला कंपनी लॉ बोर्ड भी गया और वहां फैसला यही आया कि एमपी वाले गुप्ताज को यूपी वाले गुप्ताज कतई न छेड़ें. ऐसे में ये लोग चाहकर भी एमपी का रुख नहीं कर सकते. फिर बचा क्या? राजस्थान.
तो, जागरण समूह नंबर वन की कुर्सी बचाने के लिए भास्कर के अनुपात में प्रसार वृद्धि की खातिर राजस्थान पर धावा बोलने के लिए गुपचुप तैयारी कर रहा है. पिछले दिनों कंपनी में विदेश से आया माल भी इसी काम में लगाया जाएगा. 225 करोड़ रुपये का निवेश अमेरिका के ब्लैकस्टोन ग्रुप ने जो किया है, उसका एक हिस्सा ‘मिशन राजस्थान’ पर खर्च किया जा सकता है. जागरण के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ मैनेजरों की एक टीम राजस्थान का दौरा कर चुकी है. जल्द ही अन्य प्रक्रियाएं शुरू हो रही हैं.
अगर इस बारे में आपको भी कोई भनक लगे तो हमें खबर करें. आपका नाम पता पहचान गुप्त रखा जाएगा. हमारी मेल आईडी है [email protected]












Rishi Kumar Nagar
April 14, 2010 at 2:49 pm
Yeh meri salaah hai…wo maane ya na…nishikant thankur ko sampadak, kamlesh raghuvanshi ko news editor aur meenakshi sharma ko bureau chief bana diya jaye rajasthan me to koi kaaran nahi k wahan bhaskar aur patrika ki dhool ud jaye!
Rakesh bhartiya
April 15, 2010 at 12:55 am
mission rajsthan key liye jagran pariwar ko badai !!
rakesh bhartiya austraila
tarun
April 16, 2010 at 1:49 pm
ab ayega unth pahar ke neche???
rakishkumarjaljla
April 17, 2010 at 11:18 am
jagran ke lalaji ko markting key un kamu puto ko rajastha bhaj dena chaya kayke sara pisa inki vajah say he aa raha hai…….isliya to ajkal in logo ko singapur aur bankak ghumia jata hai patarkar to bacharey enikay karan sey he pall rahey hai……..isky pechy koi narendra mohan aur baki bujrgo ke mehant thode hai………..khair abhi nhai to kabhai to lalaje ko maushish hoga he ki koi bhe akhar patarkaro key khun pasiney se chalta hai……………..jiny in dino step santan bana diya ghiya hai
rakish jaljala
lafango ko rajastha bhaij
samar pratap
April 17, 2010 at 6:35 pm
pahle up to sambhal lo. ek ek ker saare wicket ukhad rahe hain. rajasthan ja ker kye gulli danda kheloge…………