यूपी के ललितपुर जिले से खबर है कि जिले के कई पत्रकारों के गुट ने एक इंजीनियर को ब्लैकमेल कर करीब डेढ़ लाख रुपये ले लिए और आपस में बांट लिए. सूत्रों के अनुसार होली नजदीक आते देख कई पत्रकारों ने अपनी होली को रंगीन बनाने के लिए मुर्गा तलाशना शुरू किया. इन पत्रकारों की निगाह पड़ गई सिचाई विभाग खंड तृतीय के एक जूनियर इंजीनियर पर. यह जेई ललितपुर मे अकेला रहकर नौकरी करता है. इसीलिए उसने अपने घर के कामकाज के लिए एक नौकरानी लगा रखी थी.
इंजीनियर 24 फरवरी की रात करीब 08.30 बजे अपने घर पर खाना खा रहा था. तभी उनके घर मे अचानक एक न्यूज चैनल का रिपोर्टर जो स्थानीय केबल आपरेटर भी है, अपने एक अन्य साथी के साथ कैमरा लेकर घुस गया. इंजीनियर की खाना खाते और नौकरानी की किचन-बाथरूम से निकलते विजुवल्स बनाने लग गया. इंजीनियर ने ऐसा करने से मना किया तो उससे कहा गया कि अगर ज्यादा लपड़-चपड़ की तो इन विजुवल्स को नंगी औरतों के साथ मिक्स करके चैनल पर चलवा देंगे.
थोड़ा हो-हल्ला होने के बाद कुछ प्रिंट मीडिया के लोग भी इंजीनियर के घर पर पहुंच गए. इन्होंने मामले को शांत कराया और महिला को उसके घर पहुंचा दिया. फिर शुरू हुआ ललितपुर के पत्रकारों द्वारा उस इंजीनियर से मोलतोल का सिलसिला. घबड़ाए इंजीनियर ने अपनी सामाजिक इज्जत के नाम पर 1.50 लाख रुपए देना स्वीकार कर लिया. इस पैसे को ललितपुर के करीब 12-13 पत्रकारों के बीच में वितरित किया गया. बताते हैं कि इस पैसे को पाने के लिए पत्रकारों की लाइन लग गयी.
उधर, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जूनियर इंजीनयिर को नौकरानी के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया था कुछ पत्रकारों ने. इसी कारण जेई ने डरकर पैसे दे दिए. इस प्रकरण की ललितपुर समेत आसपास के जिलों में खूब चर्चा है. बताया जा रहा है कि जेई अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के डर से मामले को पुलिस तक ले जाने से कतरा रहा है. इंजीनियर से पत्रकारों ने जो मोलतोल की है, उसकी भी रिकार्डिंग कई पत्रकारों के पास है.












SARANGDHAR MUDGAL
March 8, 2010 at 5:55 am
Aaj ke yug me na jane kya-kya dekhne,padhne aur sunane ko mil rha hai.
Yani ab media ki chhavi bhi dagdar ho rhi hai. aise me chothe stambh ka mazak udne jaisi bat hai. aur isse aane wale samay me iska galat prabhav pad sakta hai. [b][/b]
NEERAJ UPADHYAY
March 6, 2010 at 3:21 am
JAB PANWAADI,KABADI OR LAFADI REPORTER BANENGE TO INSE KYA UMEED KI JA SAKTI HAI JOURNALISM KA LEVEL GATTER KI GAHRAIYON TAK GIR CHUKA HAI, JISKA MANN KARTA HAI VO CHANNEL KHOL LETA HAI OR JISKA MANN KARTA HAI VO REPORTER BAN JATA HAI.
SUNIL SINGH, CHHATTISGARH
March 2, 2010 at 6:31 am
Bat sirf Lalitpur ki nahi hai bhai, Sab jagah yahi dhandha chal raha hai. Main jaha rahta hu waha aaj ki tarikh me 30 se jayada patrakar hai. Inme se 5-7 ko chhod de to sabka yahi dhandha hai. In logo ko patrakarita ka P ka gyan nahi hai, magar paisa wasulne ne ye aapko ek se badhkar ek tarkib bata sakte hai…..
arun
March 2, 2010 at 8:55 am
yahi life piase ke liye kissi ke jindgi ke saath khilwarh kar lo kya farq padta he .lekin kum se kum yah forth satambh kahe jaane walon se yah umeed nahi thi ..
My friends all days are not blue ..
Sachin jain
March 3, 2010 at 1:44 am
aise hi logo ne media ko barbad kiya hai. ye loge to patrakarita ke naam par kallank hai.
arvind mishra
March 3, 2010 at 4:16 am
aise logon ko jindagi bhar kisi press me nokri nahi milni chahiye
SapanYagyawalkya
March 3, 2010 at 10:18 pm
MadhyaPradesh ke raisen jile me bhi is tarah ki ghatnayen hoti rahti hain.camera lekar aise logon ka giroh murga talasne nikal padta hai.TV chanels ki ID lekar inka karobar(?) chalta rahta hai. Sapan Yagyawalkya .Bareli .(MP)