पत्रकारों ने किया प्रदर्शन : कर्मचारी संगठन सड़क पर : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अमर उजाला के खिलाफ सरकारी कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। ऐसा अमर उजाला के रिपोर्टर श्याम नारायण मिश्रा और जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्रा के बीच टकराव के कारण हुआ है। सूत्रों के मुताबिक समाज कल्याण विभाग में भ्रष्टाचार की खबरें अमर उजाला में प्रकाशित की गईं तो जिला समाज कल्याण अधिकारी भड़क गए। उन्होंने खबरों पर वर्जन लिए जाते वक्त रिपोर्टर को धमकाया, अपशब्द कहे और सड़क पर देख लेने की धमकी दे डाली। यह बात जब जिले के अन्य पत्रकारों को पता चली तो वे भी नाराज हो गए। पत्रकारों ने डीएम के यहां प्रदर्शन किया, ज्ञापन दिया और समाज कल्याण अधिकारी मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए।
कुछ लोगों का कहना है कि अमर उजाला कर्मी व अन्य पत्रकारों ने जिला समाज कल्याण अधिकारी के आफिस में घुसकर गाली-गलौज की। जबकि पत्रकारों का कहना है कि जिला समाज कल्याण अधिकारी ने खुद अपने कागजात फाड़कर इसका आरोप पत्रकारों पर लगा दिया और पत्रकारों को फंसाने के लिए तहरीर दे दी। सूत्रों के मुताबिक अमर उजाला में समाज कल्याण विभाग को लेकर दो खबरें प्रकाशित हुईं। पहली खबर ‘युवाओं और धनाढ्यों को दे दिया गया वृद्धा पेंशन’ और दूसरी खबर ‘जिंदा को मृतक दिखा कर परेशान किया जा रहा है’ शीर्षक से। इन्हीं खबरों पर वर्जन लेते वक्त जिला समाज कल्याण अधिकारी ने रिपोर्टर को धमकाया। अमर उजाला के पत्रकारों ने अधिकारी की बदतमीजी की शिकायत कमिश्नर से की तो कमिश्नर ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कर्मचारी संगठनों को पत्रकारों से निपटने के लिए लगा दिया। कर्मचारी संगठन अमर उजाला के खिलाफ सड़क पर आ गए और जिला मुख्यालय पर काम बंद करा दिया। इन कर्मचारियों ने अधिकारी से अभद्रता करने संबंधी आरोप लगा दोषियों के खिलाफ मुकदमा लिखने की मांग की। पिछले दो दिनों से कमर्चारी सड़क पर हैं और जिला मुख्यालय में पत्रकार बनाम अधिकारी की लड़ाई चर्चा का विषय है।
अमर उजाला के रिपोर्टर श्याम नारायण मिश्रा से जब भड़ास4मीडिया ने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को भड़काया गया है। कुछ लोग चाहते हैं कि यह मामला निपटे नहीं, इसीलिए वे लोग इसे तूल दे रहे हैं। अधिकारी लोग तो क्षमा मांग चुके हैं पर कर्मचारियों को अप्रत्यक्ष तरीके से उकसाया जा रहा है। श्याम नारायण ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी ने वर्जन लेते वक्त उनके साथ अभद्रता की, अपशब्द कहे और सड़क पर निपटने की धमकी दी थी।
अमर उजाला, देवरिया के ब्यूरो चीफ दिव्य प्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि आज शाम दोनों पक्षों की बैठक हुई। अधिकारी पहले ही माफी मांग चुके थे। कर्मचारी संगठनों ने भी आंदोलन वापस ले लिया है। दिव्य प्रकाश का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में वृद्धा पेंशन में घपलों को देखते हुए देवरिया में वृद्धा पेंशन की स्थिति पर हम लोगों ने सिरीज प्रकाशित की। इस सीरिज के कारण जिला समाज कल्याण अधिकारी पर उंगलियां उठ रही थीं, इसी से वे नाराज हो गए। वे नहीं चाह रहे थे कि उनके विभाग के कामकाज के बारे में कोई खबर छपे। इसीलिए उन्होंने सारा बवाल कराया। दिव्य प्रकाश का कहना है कि मामला अमर उजाला बनाम अधिकारी नहीं था बल्कि पूरे जिले के पत्रकार संगठन इस लड़ाई को लड़ रहे थे।
कर्मचारी संगठन द्वारा पूरे मामले पर आज भेजी गई विज्ञप्ति पढ़ने के लिए क्लिक करें- कर्मचारियों की प्रेस विज्ञप्ति











