कोई आपसे इश्क करे और आप कमीनगी पर उतारू हो जाएं तो फिर क्या हो? थोड़ा झगड़ा हो, थोड़ा बवाल हो, थोड़ी ब्लैकमेलिंग हो, थोड़ी मजबूरी हो, थोड़ा साहस हो, थोड़ी धमकी हो, थोड़ी प्रतिक्रिया हो, फिर थाना-पुलिस हो और अंत में जेल हो..। नहीं समझे? चलिए, इश्क कमीना का पार्ट टू बताते हैं। यह किस्सा जयपुर का है। एक पत्रकार महोदय महिला पत्रकार से इश्क कर बैठे। इश्क दोतरफा था था ये एकतरफा, ये तो नहीं पता लेकिन कमीनगी जरूर एकतरफा थी।
पत्रकार को इश्क ने कमीना नहीं बनाया बल्कि कमीनगी संभवतः पहले से पर्सनाल्टी में थी। कमीनेपन को भांप नहीं पाई महबूबा। कुछ अंतरंग क्षणों के दृश्य प्रेमी पत्रकार के मोबाइल में सेव करा बैठी। प्रेमी पत्रकार ने इन दृश्यों पर आधारित एमएमएस तैयार कर बाद में इसके जरिए ब्लैकमेल करने लगा। पैसा वसूलने लगा।
आइए अब आपको इन पत्रकार महोदय का नाम बता देत हैं। नाम है..निशांत मिश्रा। उम्र- 43 वर्ष। इन्होंने अभी हाल में ही पिंक सिटी प्रेस क्लब के महामंत्री पद का चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। क्लब के ये उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इन दिनों स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर सक्रिय थे। मतलब, पत्रकारिता और पत्रकार राजनीति के अच्छे खासे खिलाड़ी थे ये महोदय। सोचा, चलो इश्क-विश्क की कमीनगी का खेल भी खेला जाए। करीबन पांच साल से प्रेमिका की तस्वीर व फिल्म सार्वजनिक करने की धमकी देकर मनमानी कर रहे थे। देह और धन, दोनों देने को मजबूर थी यह महिला पत्रकार। ये महिला पत्रकार किसी छोटे-मोटे अखबार में नहीं हैं। ये देश के टाप-10 बड़े हिंदी अखबारों में से एक में काम करती हैं। मतलब, ये एक प्रतिष्ठित और रसूखवाले अखबार के संपादकीय विभाग की टीम का हिस्सा हैं। पर ठीकठाक पत्रकार होकर भी ये अपने पत्रकार प्रेमी की कमीनगी पांच साल से झेले जा रहीं थीं। कोई कार्रवाई करने / कराने का साहस नहीं जुटा पा रही थीं।
कहते हैं न, हर चीज की हद होती है, हर चीज का एक बार अंत होता है। वो हद और अंत पिछले दिनों आशिक निशांत मिश्रा ने बुला लिया। बताया जाता है कि पत्रकार महोदया की जब शादी तय हो गई तो निशांत इसे किसी कीमत पर न होने देने के लिए सक्रिय हो गए। शादी रुकवाने के लिए धमकी देने के साथ-साथ जहां शादी हो रही थी, उस परिवार तक नंगी तस्वीर व फिल्म पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी। यह देख महिला पत्रकार के सब्र का बांध टूट गया। उससे अब चुप नहीं बैठा गया। वो थाने गई। उसने पुलिस को पूरा किस्सा बताया। रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने ब्लैकमेलर आशिक को पकड़ लिया। उसे जेल भेज दिया गया है। महिला पत्रकार का प्रबंधन ने तबादला जयपुर से बाहर किसी अन्य संस्करण में कर दिया है।
जयपुर के ज्यादातर अखबारों ने इस मामले की खबर प्रकाशित की है पर किसी ने भी जेल जाने वाले निशांत के पत्रकार होने का उल्लेख नहीं किया। संबंधित खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करे-
भड़ास Blog : पत्रकार को ब्लैकमेल करने में पत्रकार गया जेल











