चेक बाउंस होने पर केस किया और जीत गया

 मीडिया और मुकदमा : आज से एक नया कालम शुरू कर रहे हैं, ”मीडिया और मुकदमा” नाम से। इस कालम में मीडिया से जुड़े उन न्यायिक मामलों के बारे में जानकारी दी जाएगी जिसमें पक्ष-विपक्ष में फैसला आ चुका है। इस कालम का मकसद मीडियाकर्मियों और मीडियामालिकों, दोनों को जागरूक करना है, ताकि ये स्थितियां फिर न आएं।

अनिल कश्यपकालम की शुरुआत एक ऐसे मामले से कर रहे हैं जिसमें मीडिया कंपनी की तरफ से स्ट्रिंगर को चेक तो दिया गया लेकिन एकाउंट में पैसा न होने की वजह से चेक कैश नहीं हो पाया। चेक बाउंस होने पर स्ट्रिंगर ने जब मीडिया कंपनी से कई बार संपर्क साधकर अपनी बात कहने की कोशिश की तो किसी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। आखिर में थक हारकर स्ट्रिंगर जिला उपभोक्ता फोरम की शरण में गया और परिवाद दायर किया। उपभोक्ता फोरम ने स्ट्रिंगर के पक्ष में फैसला सुनाया। यह मामला एस1 न्यूज चैनल से जुड़ा हुआ है। स्ट्रिंगर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं। नाम है- अनिल कश्यप। इस परिवाद में उपभोक्ता फोरम ने जो फैसला दिया है, उसे हम हू-ब-हू प्रकाशित कर रहे हैं। इसी फैसले को पढ़ने से पूरा प्रकरण भी पता चल जाएगा। -संपादक, भड़ास4मीडिया


न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, गाजीपुर

उपभोक्ता परिवाद सं.- 42/08 प्रस्तुति दिनांकः 30.04.08

आदेश….

अनिल कश्यप, पुत्र पारसनाथ कसीधन, निवासी मुह.- नवाबगंज, शहर गाजीपुर … परिवादी

                            बनाम

1. विजय दीक्षित मैनेजिंग डायरेक्टर सीनियर मीडिया लि. सीनियर माल।

2. योगेश मिश्रा अधिकृत प्रतिनिधि एच.आर. समस्त सा. बी.डब्लू.सिटी सेन्टर-32 नोएडा, उप्र.

//समक्ष//

श्री प्रकाश चन्द्र {द्वितीय} से.नि. जि.जज/…. अध्यक्ष

श्रीमती परमशीला,…..  ……………..     सदस्य

डॉ. जुगल किशोर, …… ……………      सदस्य

आदेश

यह परिवाद चेक सं. 892523 की धनराशि रु. 10,000/ तथा उस पर चेक जारी करने की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 18 फीसदी वार्षिकी की दर से ब्याज के लिए, आर्थिक व मानसिक क्षति के मद में रु. 1000/- तथा वाद व्यय की वसूलयाबी के लिए दायर किया गया है।

परिवादी अनिल कश्यप विपक्षी गण के लिए न्यूज चैनल एस-1 हेतु बतौर स्ट्रिंगर का कार्य जनवरी 2007 से करता चला आ रहा है। विपक्षी गण ने परिवादी की सेवाओं के बदले भुगतान हेतु वादा किया था। परिवादी ने जो कार्य करने थे, उन्हें विधिवत संपन्न किया और काफी प्रयास के बाद विपक्षी ने रु 10,000/- का चेक दिनांक 2.11.07 को भेजा लेकिन वह चेक कैश नहीं हो पाया क्योंकि विपक्षी के खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं थी। परिवादी ने टेलिफोन पर विपक्षीगण से संपर्क किया तो कोई रुचि नहीं ली गई। फिर 16.1.2008 को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस प्रेषित किया गया। इसका भी कोई जवाब नहीं मिला। तब यह परिवाद दाखिल किया।

विपक्षी, बावजूद तामील, न तो कोई आपत्ति प्रस्तुत किया, न ही हाजिर आया। इसलिए उसके विरुद्ध एकतरफा कार्यवाही की गई। परिवादी ने अपने कथन के समर्थन में शपथपत्र दाखिल किया है। इस स्तर पर यह उल्लेखनीय है कि विपक्षी द्वारा शपथ पत्र के विरोध में कोई प्रति-शपथपत्र दाखिल नहीं किया गया है। इसलिए यह फोरम इस अभिमत का है कि परिवादी अपने कथन को साबित करने में सफल रहा है।

परिवाद एकतरफा स्वीकार किया जाता है। विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह परिवादी को निर्णय के एक माह के भीतर रु. 10,000/- अदा करे। मानसिक तथा आर्थिक क्षति के रूप में रु. 500/- और वाद व्यय के मद में रु. 500/- भी अदा करे। अगर समस्त भुगतान एक माह के भीतर न किया गया तो उस दशा में निर्णय के तिथि से 12 प्रतिशत ब्याज भी देय होगा।

मेरे द्वारा लिखा गया

प्रकाश चंद्र {द्वितीय}

अध्यक्ष

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, गाजीपुर

दिनांकः- 30.01.2209

मैं सहमत हूं…

1.- श्रीमति परमशीला

2.- डॉ. जुगल किशोर

सदस्य गणः जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम,

गाजीपुर,

दिनांकः 30.01.2009


अगर आपने या आपके किसी परिचित ने कोई केस किया हो और उसमें फैसला आ चुका हो तो फैसले की प्रति bhadas4media@gmail.com के जरिए हमारे पास भेजिए, उसे भड़ास4मीडिया के ”मीडिया और मुकदमा” कालम में प्रकाशित किया जाएगा। आप अगर अनुरोध करेंगे तो आपका नाम गोपनीय रखा जाएगा।


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