
उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री रंगनाथ मिश्र मुख्यमंत्री मायावती के नाम पर पांच करोड़ रुपये वसूल रहे हैं। यह खुलासा किया है लखनऊ और इलाहाबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट (डीएनए) ने। डीएनए के इलाहाबाद संस्करण के रिपोर्टर बी.सिंह की इस बाइलाइन खबर में कहा गया है कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति बी. कुटुम्ब शास्त्री ने खुद मुख्यमंत्री मायावती को भेजे एक शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया है।
खबर में कहा गया है कि संस्कृत विश्वविद्यालयों को सरकारी अनुदान दिलाने के लिए उनसे पांच-पांच लाख रुपये वसूल गए हैं। अब तक दो करोड़ रुपया ऊपर पहुंचाया जा चुका है और शेष तीन करोड़ रुपए की उगाही के प्रयास जारी हैं। बी. सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक भ्रष्टाचारी करतूतों से बुरी तरह दागदार हो चुकी बसपा सरकार के दामन पर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र की हरकत से वह गहरा दाग लगा है जिससे सर्वसमाज का नारा तार-तार होता दिखाई पड़ रहा है। कुलपित बी. कुटुम्ब शास्त्री द्वारा 2 जून 09 को मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र सं. 6867/09 के प्वाइंट-6 के मुताबिक मंत्री ने कहा कि बहन जी को पांच करोड़ रुपए देना है, अभी तक दो करोड़ दे चुका हूं।
पत्र के प्वाइंट-4 में कुलपति ने लिखा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें देने के लिए शिक्षामंत्री के आदेश पर अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) महानन्द मिश्रा (अब अवकाश प्राप्त) द्वारा प्रत्येक अनुदान पाने वाले
विद्यालयों से पांच-पांच लाख रुपये जमा कराए गए हैं। जिन विद्यालयों ने यह धनराशि जमा कर दी है, उन्हीं को अनुदान हेतु अर्ह घोषित किया गया है। पत्र के मुताबिक अनुदान देने में उन पुराने मान्यता प्राप्त विद्यालयों को सी श्रेणी में डाल दिया गया है जिन्होंने मंत्री की मांग पूरी नहीं की है। कुलपति द्वारा भेजा गया यह पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय को 11 जून 09 को प्राप्त हुआ था और उसके बाद सचिव उच्च शिक्षा, प्रमुख सचिव शिक्षा सहित विभागयी अधिकारियों के स्तर तक पहुंचा है और मंत्री के करतूतों पर कुलपति की टिप्पणी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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