मंदी की मार से निपटने के लिए एनडीटीवी के बाद अब समाचार एजेंसी आईएएनएस (इंडो एशियन न्यूज सर्विस) ने अपने वरिष्ठ मीडियाकर्मियों की सेलरी घटाने का फैसला किया है। पिछले दिनों आईएएनएस के वरिष्ठों की एक बैठक में इस नए आदेश की जानकारी सभी को दे दी गई। सूत्रों के अनुसार मंदी की मार से उबरने के लिए इस न्यूज एजेंसी ने किसी कर्मचारी को तो अब तक नहीं निकाला लेकिन लगभग आधा दर्जन अपने आफिसों को बंद कर वहां कार्यरत लोगों को दिल्ली बुला लिया है या अन्य आफिसों से अटैच कर दिया है। दूसरी कवायद के तहत अब सेलरी में कटौती की गई है। सेलरी कटौती एक फरवरी से लागू हो चुका है। सूत्रों ने जानकारी दी कि सेलरी कटौती के दायरे में तीस हजार रुपये और इससे ज्यादा सेलरी पाने वाले मीडियाकर्मियों को लिया गया है।
तीस हजार रुपये प्रति महीने पाने वालों की सेलरी पांच फीसदी घटा दी गई है। तीस हजार से ज्यादा और चालीस हजार रुपये प्रति महीने पाने वालों की सेलरी अब छह प्रतिशत कम मिला करेगी। चालीस हजार से पचास हजार रुपये हर महीने उठाने वालों को अब सात फीसदी कम पगार मिलेगी। पचास हजार से साठ हजार रुपये पाने वालों को आठ फीसदी, साठ से सत्तर हजार रुपये पाने वालों को नौ फीसदी कटौती झेलने का आदेश सुना दिया गया है। प्रत्येक दस हजार रुपये पर एक फीसदी कटौती निर्धारित की गई है। ज्ञात हो आईएएनएस प्रबंधन दो महीने पहले आईएएनएसकर्मियों के टेलीफोन और अखबार के री-इंबर्समेंट मद में 25 फीसदी कटौती कर चुका है। देखना है कि सिर्फ सेलरी घटाने भर से प्रबंधन का काम चल जाता है या कर्मचारियों को निकालने के प्रचलित तरीके को भी आजमाने का सिलसिला शुरू होगा! उम्मीद करें कि प्रबंधन किसी की रोजी-रोटी नहीं छीनेगा।











