Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

हलचल

जिले वालों को मान्यता में वेतन की कड़ी शर्त हटे

अलीगढ़ में वेस्ट यूपी पत्रकार सम्मेलन संपन्न : वरिष्ठ पत्रकार एवं वेतन बोर्ड के सदस्य डा. नन्दकिशोर त्रिखा ने कहा है कि देश में पत्रकार आत्मनिर्भर रहेगा तो पत्रकारिता भी सुरक्षित और स्वतंत्र रहेगी। साथ ही आज पत्रकारिता की घट रही विश्वसनीयता को बचाने की बहुत बड़ी चुनौती है। डा.त्रिखा ने उक्त विचार यू.पी. जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) द्वारा अलीगढ़ में आयोजित पश्चिम उत्तर प्रदेश पत्रकार सम्मेलन में व्यक्त किये। डा. त्रिखा ने कहा कि आज समाज को पत्रकारों से बहुत अधिक अपेक्षाएं हैं पत्रकार उनको पूरा भी कर रहे हैं किन्तु क्या ऐसी स्थितियां हैं कि प्रेस और पत्रकार स्वतंत्र रह सकें। प्रेस की स्वतंत्रता के लिए जरूरी है कि पत्रकार आर्थिक रूप से आत्म निर्भर हों तभी वे अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि आज पत्रकारों को कोई सामाजिक सुरक्षा प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर विश्वनीयता को बनाये रखने की बहुत बड़ी चुनौती है। प्रेस की विश्वसनीय घट रही है यह चिंता का विषय है इसको बचाये रखना है।

अलीगढ़ में वेस्ट यूपी पत्रकार सम्मेलन संपन्न : वरिष्ठ पत्रकार एवं वेतन बोर्ड के सदस्य डा. नन्दकिशोर त्रिखा ने कहा है कि देश में पत्रकार आत्मनिर्भर रहेगा तो पत्रकारिता भी सुरक्षित और स्वतंत्र रहेगी। साथ ही आज पत्रकारिता की घट रही विश्वसनीयता को बचाने की बहुत बड़ी चुनौती है। डा.त्रिखा ने उक्त विचार यू.पी. जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) द्वारा अलीगढ़ में आयोजित पश्चिम उत्तर प्रदेश पत्रकार सम्मेलन में व्यक्त किये। डा. त्रिखा ने कहा कि आज समाज को पत्रकारों से बहुत अधिक अपेक्षाएं हैं पत्रकार उनको पूरा भी कर रहे हैं किन्तु क्या ऐसी स्थितियां हैं कि प्रेस और पत्रकार स्वतंत्र रह सकें। प्रेस की स्वतंत्रता के लिए जरूरी है कि पत्रकार आर्थिक रूप से आत्म निर्भर हों तभी वे अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि आज पत्रकारों को कोई सामाजिक सुरक्षा प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर विश्वनीयता को बनाये रखने की बहुत बड़ी चुनौती है। प्रेस की विश्वसनीय घट रही है यह चिंता का विषय है इसको बचाये रखना है।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि और राय सरकार के ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कहा कि देश के लोकतंत्र को चलाने के लिए संविधान में चार स्तम्भों की व्यवस्था की गई है। किन्तु तीन स्तम्भों में गिरावट आ रही है। इन पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी चौथे स्तम्भ को दी गई है। इस पतन को रोकने की जिम्मेदारी प्रेस की है। उन्होंने आजादी से पूर्व के पत्रकारों तथा पत्रकरिता का स्मरण किया तथा कहा कि उन पत्रकारों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम चारों स्तम्भ मिलकर तथा ईमानदारी से कार्य करें तभी इस देश का लोकतंत्र बच सकेगा। सम्मेलन में पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों मेरठ, गाजियाबाद, बिजनौर, बागपत, बुलन्दशहर, कांशीराम नगर, बरेली, बदायुं, शाहजहांपुर आदि से आये पत्रकारों ने भी विचार व्यक्त किये तथा अपनी समस्याएँ प्रस्तुत कीं। इसके पहले सम्मेलन में आयोजकों ने वरिष्ठ पत्रकार डा. नन्दकिशोर त्रिखा (नई दिल्ली), जगदीश शर्मा (अलीगढ़) का सम्मान किया। उपजा द्वारा प्रकाशित पत्रिका उपजा न्यूज और सम्मेलन के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

सम्मेलन में एनयूजे आई के राष्ट्रीय सचिव रतन दीक्षित, उपजा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राधारमण चित्रांशी, महामंत्री सर्वेश कुमार सिंह, उ.प्र.राय मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष प्रमोद गोस्वामी, अलीगढ़ से प्रकाशित दैनिक प्रावदा के सम्पादक महेश सुहद ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ष्णेय डिग्री कालेज के प्राचार्य डा.सूर्यप्रकाश सिंह जादौन ने की। पश्चिम उत्तर प्रदेश पत्रकार सम्मेलन का आयोजन अलीगढ़ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने किया था। कार्यक्रम के आरम्भ में अतिथियों का स्वागत अलीगढ़ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने किया।

यू.पी.जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) ने जनपदीय स्तरीय संवाददाताओं को प्रेस मान्यता देने में शासन द्वारा लगायी गई वेतन की कड़ी शर्त को तत्काल हटाने तथा लम्बित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण की मांग की है। इसके अलावा केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बीमा और स्वास्थ्य योजना के दायरे में देशभर के पत्रकारों को लाने की भी मांग की गई है। उपजा द्वारा अलीगढ़ में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में ये दोनों मांगें प्रस्ताव पारित करके की गईं। पारित प्रस्ताव में कहा है कि जिला स्तरीय संवाददाताओं को मान्यता प्रदान करने के लिए न्यूनतम वेतन सात हजार रुपये होने की शर्त लगा दी गई है। जिलों में आज भी अधिकांश अंशकालिक संवाददाता कार्य कर रहे हैं तथा पूर्णकालिक संवाददाताओं का वेतन भी अधिकांश समाचार पत्रों में सात हजार रुपये से कम है। ऐसी स्थिति में संवाददाताओं को मान्यता मिलना कठिन हो गया है। बीते दिनों राय मुख्यालय पर आयोजित हुईं मान्यता समिति की बैठकों में इसी कारण अधिकांश मान्यता प्रकरण लम्बित हो गये हैं। इस कारण संवाददाता मान्यता से वंचित हैं। इसलिए शासन वेतन की कड़ी शर्त हटाये तथा पूर्व की भांति ही मानदेय को आधार बना कर मान्यता प्रकरणों का निस्तारण करे।

इस प्रस्ताव को प्रमोद गोस्वामी ने प्रस्तुत किया तथा राजेश माहेश्वरी ने अनुमोदन किया। दूसरे प्रस्ताव में केन्द्र सरकार को नई बीमा और स्वास्थ्य योजना बनाने की प्रक्रिया शुरु करने के लिए बधाई देते हुए मांग की गई कि इसका दायरा केवल पीआईबी मान्यता प्राप्त पत्रकारों तक सीमित नहीं रखा जाय। इस योजना को देश भर के पत्रकारों के लिए बनाया जाए तथा लागू किया जाए। क्योंकि उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के  बीमा और स्वास्थ्य के लिए कोई भी योजना संचालित नहीं है। पूर्व में संचालित होने वाली योजना उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद रद्द कर दी गई थी। इस प्रस्ताव को सर्वेश कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया तथा राजीव शुक्ला ने अनुमोदन किया। इसके पूर्व इन दोनों प्रस्तावों पर चर्चा हुई। दोनों प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित हुए।

कार्यकारिणी  की बैठक में एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय सचिव रतन दीक्षित, उ.प्र.राय मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद गोस्वामी, राजीव शुक्ला समेत प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डा.राधारमण चित्रांशी ने तथा संचालन महामंत्री सर्वेश कुमार सिंह ने किया।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...