बिहार के बेगूसराय जिले में पुलिस ने प्रभात खबर और कौमी तंजीम के संवाददाता मो. खालिद की इसलिए पिटाई कर दी कि उन्होंने पुलिस द्वारा एक रिक्शावाले की निर्दयतापूर्वक पिटाई की तस्वीरें अपने मोबाइल कैमरे से ले रहे थे। आरोप है कि थानाध्यक्ष विश्वरंजन बेगूसराय के व्यस्ततम चौराहा ट्रैफिक चौक पर एक 40 वर्षीय रिक्शा चालक लक्ष्मण साह की पुलिसवालों के साथ जमकर पिटाई की। पुलिस बर्बरता को कैमरे में कैद कर रहे पत्रकार मों. खालिद पर जब थानाध्यक्ष की नजर पड़ी तो उन्हें गालियां देते हुए पीटा गया। इससे मो. खालिद की उंगली टूट गई और कई जगह चोट आई है।
घटना की सूचना मिलते है इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकार एकजुट हुए। फिर एसपी विनय कुमार, डीएम जितेन्द्र श्रीवास्तव सहित अन्य सक्षम पदाधिकारियों से पूरे मामले की शिकायत की दी। पत्रकारों के शिष्ट मंडल ने एसपी से मिल कर नगर थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग की। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और घटना की जांच का आदेश सदर डीएसपी विवेकानंद को दिया है। जिला पत्रकार संघ ने थानेदार को निलंबित न किए जाने पर एसपी कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरने की घोषणा कर दी। शिष्टमंडल में संतोष कुमार गुप्ता, पवन बंधु, कुमार भवेश, सौरभ कुमार, विपिन कुमार सहित अन्य कई पत्रकार शामिल थे।
बाद में एसपी ने जांच रिपोर्ट मिलने पर बेगूसराय नगर थाना प्रभारी विश्वरंजन को पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार व पिटाई के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाया। उन्होंने थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पत्रकारों द्वारा फोटो क्लीपिंग दिखाने व डीएसपी विवेकानंद द्वारा की गयी जांच में विश्वरंजन प्रथम दृष्टया दोषी पाये गए हैं। उन्होंने बताया कि उनसे धारा 828 के तहत स्पष्टीकरण मांगा गया है।











