झांसी में बीते रोज स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने रक्सा थाना क्षेत्र से तीन युवकों को चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ पकड़ा। इस गिरोह का सरगना इलेक्ट्रानिक मीडिया का एक पत्रकार निकला। अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ इस गिरोह को बखूबी संचालित करने वाले इस सरगना का नेटवर्क उप्र ही नहीं, बल्कि भारत के सीमावर्ती देश नेपाल तक था। पुलिस इस गिरोह की जड़ें खंगालने में जुटी है। जानकारी के अनुसार रक्सा थाना क्षेत्र से बीते रोज एसओजी ने कानपुर के तीन लोगों को चोरी की तीन मोटरसाइकिलों के साथ दबोचा। पूछताछ के दौरान पता चला कि गिरफ्तार किया गया एक शख्स झांसी में कई माह से एक न्यूज चैनल का ब्यूरो चीफ बनकर काम कर रहा था।
पुलिस व प्रशासन में अपनी पैठ बनाकर साथियों की मदद करता था और उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराता था। जनपद से चोरी हुई कई मोटरसाइकिलों में भी इस गिरोह का हाथ है। गिरोह के सदस्य यहां से ले जाई गई गाड़ियों को उप्र के विभिन्न शहरों में बेचने के अलावा नेपाल तक ले जाते थे। गिरोह में शामिल एक युवक द्वारा इन गाड़ियों के जाली कागजात कम्प्यूटर के माध्यम से बनवाता था। बिल्कुल असली लगने वाले ये कागजात अधिकारियों को भी धोखे में रखते थे। एसओजी प्रभारी आरबी सिंह का कहना है कि गिरोह के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। गिरोह का सरगना अपने भाई के साथ वाहन चोरी के मामले में कारागार में निरुद्ध है। उन्होंने बताया कि सरगना स्वयं भी एक किलो चरस के साथ कानपुर की गोविन्द नगर थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसे वहां पर लोग दूसरे नाम से जानते हैं। इसके अलावा भी कई मामले उस पर दर्ज हैं। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।











