आतंकी हमले जैसी किसी आपात स्थिति में सरकार न्यूज चैनलों को अपनी तरफ से अधिकृत फुटेज जारी करने के बारे में सोच रही है। इसे दिखाना टीवी चैनलों के लिए अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार केबल टेलीविजन नेटवर्क रेगुलेशन (संशोधित) एक्ट में संशोधन करने पर गंभीरता से विचार करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि सरकार न्यूज ब्राडकास्टर्स एसोसिएशन द्वारा बनाए गए गाइडलाइन से संतुष्ट नहीं है। उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आतंकी हमले जैसी असामान्य स्थितियों के दौरान मीडिया को नियंत्रित करने को लेकर सरकार में उच्च स्तर पर विचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि संशोधन के लिए लिए बिल जल्द लाया जा सकता है। वैसे, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चैनल सिर्फ सरकारी फुटेज ही दिखाएंगे या अपने कवरेज के साथ इसे अतिरिक्त रूप में दिखाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इसी हफ्ते इलेक्ट्रानिक मीडिया ने खुद की पहल से असामान्य स्थितियों के दौरान काम करने के लिए गाइडलाइन तैयार कराई है जिसमें आपद काल में लाइव दिखाने पर पाबंदी के साथ अन्य कई तरह की सावधानियां और सतर्कता बरतने की व्यवस्था की गई है। लगता है मुंबई हमले के बाद न्यूज चैनलों के निशाने पर आई केंद्र सरकार इतने मात्र से संतुष्ट नहीं है। वो कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। गोवा में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने बताया कि सरकार एक ऐसा मैकेनिज्म डेवलप करने पर विचार कर रही है जिससे टीवी न्यूज चैनलों को किसी क्राइसिस के समय अधिकृत वीडियो फुटेज उपलब्ध कराया जा सके। दुनिया में कई जगहों पर हुए बड़े आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने दलील दी कि ऐसी परिस्थितियों में सावधानीपूर्वक कवरेज की जरूरत है। जवाबी कार्रवाई और बचाव आपरेशन को किसी हाल में नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।











