मेहुल वी जाला। प्रिंसिपल करेस्पांडेंट। इंडिया टीवी में गुजरात स्टेट के इंचार्ज। पिछले छह महीने से कार्यरत। वे इंडिया टीवी में छह माह पहले तब नियुक्त हुए जब यहां गुजरात देखने वाले निर्णय कपूर ने इस्तीफा देकर वायस आफ इंडिया ज्वाइन किया था। अब जब वीओआई से इस्तीफा देकर निर्णय इंडिया टीवी वापस लौट आए हैं तो इंडिया टीवी में गुजरात देख रहे मेहुल को नौकरी छोड़ने के लिए कह दिया गया।
मेहुल जाला से जब भड़ास4मीडिया ने संपर्क किया तो उन्होंने पूरे मामले पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि- ‘मैं छह महीने से प्रिंसिपल करेस्पांडेंट पद पर बिना किसी अप्वायंटमेंट लेंटर के काम कर रहा था। पर्सन एंड पार्टी के बीच जो लीगल प्रासेस होता है, वो मेरे साथ नहीं हुआ था। ज्वायनिंग लेटर देने तक की औपचारिकता नहीं निभाई गई।
पिछले दिनों एचआर की तरफ से कहा गया कि आपका परफारमेंस ठीक नहीं, इसलिए आप यहां से विदा लें। तब मैंने एचआर से पूछा कि मुझे बताएं, पिछले छह महीनों में कोई एक भी खबर छूटी हो या कोई गलत खबर चली हो। उलटे, दूसरे चैनलों ने मेरी चलाई हुई खबरों को फालो किया। किस पैरामीटर पर आप परफारमेंस आंक रहे हैं?
मेहुल का कहना है कि, ‘दरअसल निर्णय कपूर चैनल प्रबंधन के चहेते हैं और उनके आने से मुझे जाना ही था।’
मेहुल ने यह भी बताया कि जब निर्णय कपूर ने इंडिया टीवी छोड़कर वीओआई ज्वाइन किया तो इंडिया टीवी में खुद की जगह रखे जाने के लिए मेरी सिफारिश की थी।
मूल रूप से जूनागढ़ के रहने वाले मेहुल इन दिनों चैनल से मुक्ति पाकर अपने होम टाउन पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि पिछले छह महीने में कोई छुट्टी न मिलने की भरपाई अब कर रहे हैं। वे छुट्टियां बिताकर जल्द ही किसी नई जगह नई पारी शुरू करेंगे।











