सरकार ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की मोबाइल टेलीविजन सर्विसेज में समग्र निवेश सीमा 74 फीसद करने और लाइसेंस प्रदाताओं को केवल अधिकृत समाचार चैनल प्रसारित करने की इजाजत देने संबंधी सिफारिशों को मंजूर कर लिया है। पिछले हफ्ते ट्राई ने मोबाइल टेलीविजन पर अपनी सिफारिशें सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी को सौंप दिया था। इनमें से ज्यादातर सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है।
अंबिका सोनी ने हाल ही में संकेत दिया था कि सरकार फास्ट ट्रैक आधार पर मोबाइल टेलीविजन प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मोबाइल टेलीविजन सेवाओं में 74 फीसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अलावा मंत्रालय ने ट्राई की इस सिफारिश को भी स्वीकार कर लिया है कि सेवा प्रदाता को इस सेवा के लिए प्रौद्योगिकी के चयन की छूट होनी चाहिए। ट्राई के सुझाव के मुताबिक प्रौद्योगिकी डिजिटल होनी चाहिए जिसका इस्तेमाल वैश्विक ग्राहकों के लिए किया गया हो। साथ ही यह इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) और टेलीकाम इंजीनियरिंग सेंटर आफ इंडिया (टीईसी) के मानदंडों पर आधारित हो। दूरसंचार नियामक ने यह भी सुझाव दिया है कि मोबाइल टेलीविजन लाइसेंस लेने वाला उन्हीं समाचार चैनलों को प्रसारित करेगा जिसे मंत्रालय ने मंजूरी दी है। साभार : भाषा











