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पांच माह बाद धरे गए टीवी पत्रकार सौम्या के हत्यारे

सौम्या विश्वनाथनटीवी जर्नलिस्ट सौम्या की हत्या की गुत्थी दिल्ली पुलिस ने पांच महीने बाद सुलझाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि इस कत्ल के पीछे एक गाड़ियां चुराने वाले गैंग का हाथ है। गैंग का सरगना दिल्ली के खानपुर इलाके का निवासी रवि कपूर है। रवि के बारे में बताया जाता है कि वह शाह खर्च है। वह पैसे के लिए साथियों के साथ गाड़ियां चुराने से लेकर हत्या-लूट की घटनाएं करता था। इस गैंग के बारे में कुछ दिनों पूर्व काल सेंटर कर्मी जिगिषा की हत्या की जांच के दौरान पता चला।

सौम्या विश्वनाथनटीवी जर्नलिस्ट सौम्या की हत्या की गुत्थी दिल्ली पुलिस ने पांच महीने बाद सुलझाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि इस कत्ल के पीछे एक गाड़ियां चुराने वाले गैंग का हाथ है। गैंग का सरगना दिल्ली के खानपुर इलाके का निवासी रवि कपूर है। रवि के बारे में बताया जाता है कि वह शाह खर्च है। वह पैसे के लिए साथियों के साथ गाड़ियां चुराने से लेकर हत्या-लूट की घटनाएं करता था। इस गैंग के बारे में कुछ दिनों पूर्व काल सेंटर कर्मी जिगिषा की हत्या की जांच के दौरान पता चला।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि दोनों की हत्या में इस्तेमाल सेन्ट्रो कार और हथियार बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तार चारों आरोपियों ने जुर्म स्वीकार लिया है। इनके नाम हैं- रवि, बॉबी, अमित और अजय हैं। पुलिस के अनुसार रवि कपूर ने ही सौम्‍या को गोली मारी थी। इनके पास से खाकी वर्दी, लाल बत्ती, वायरलेस सेट, कुछ चैनलों के स्‍टीकर मिले हैं। पुलिस के मुताबिक हत्या का मकसद निजी रंजिश नहीं, बल्कि लूटपाट था। सितंबर में सौम्या की हत्या करने वाले ही जिगिशा के हत्यारे निकले। पुलिस ने कहा कि जिगिशा हत्याकांड की जांच करते वक्त उन्हें सौम्या की हत्या के सुराग हासिल हुए।

जिगिशा नोएडा के बीपीओ में ऑपरेशंस मैनेजर थी। जिगिशा का अपहरण उनके घर के सामने से नहीं, बल्कि वसंत विहार की सीपीडल्यूडी कॉलोनी के गेट के बाहर किया गया था। बीपीओ की कैब ने उन्हें इस गेट के बाहर उतारा था। इंतजार कर रही गाड़ी में तीन अपराधी थे। जैसे ही जिगिशा गेट की ओर बढ़ीं, उन्हें गाड़ी में खींच लिया गया। कैब ड्राइवर शाहिद ने पुलिस के सामने कबूल कर लिया कि उसने जिगिशा को उनके घर के सामने नहीं,  बल्कि कॉलोनी गेट के बाहर ड्रॉप किया था। बदमाशों ने जिगिशा को अगवा करने के बाद पहले महिपालपुर ले गए। वहां उन्होंने जिगिशा से एचडीएफसी बैंक के डेबिट कार्ड का पासवर्ड लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से रुपये निकाले। यहां सीसीटीवी में अपराधी की तस्वीर आ गई। इसके बाद साकेत में एटीएम से रुपये निकाले गए। वहां भी सीसीटीवी के जरिए अपराधियों की तस्वीर पुलिस को मिल गई। इसके बाद सूरजकुंड रोड पर जिगिशा का गला घोंटकर झाड़ियों में फेंक दिया गया। जिगिशा की लाश दो दिन बाद बरामद हुई।

दिल्ली पुलिस के अनुसार सौम्या और जिगिशा दोनों की हत्या के पीछे लूट का मकसद था। अंग्रेजी टीवी चैनल हेडलाइंस टुडे की पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की पिछले साल 30 सितंबर को हत्या कर दी गई थी। सौम्या उस वक्त देर रात ऑफिस से घर लौट रही थीं। लेकिन वह घर न पहुंच सकीं और सुबह सड़क पर उनकी गाड़ी में शव पाया गया था। इस बीच, सौम्या के परिजनों ने पुलिस जांच के प्रति संतोष व्यक्त किया है। सौम्या के पिता एमके विश्वनाथन ने बताया कि वे जांच से संतुष्ट हैं। पुलिस ने अच्छा काम किया है। उनकी जांच सही दिशा में थी। विश्वनाथन ने कहा कि पिछले छह महीनों से पुलिस उन्हें जांच की प्रगति के संबंध में सूचित करती रही है और उन्हें इसमें पूरा विश्वास था।

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