हेडलाइंस टुडे न्यूज चैनल में प्रोड्यूसर पद पर कार्यरत पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या से दिल्ली समेत पूरे देश का पत्रकार समुदाय सकते में है। देश की राजधानी दिल्ली जैसी अति सुरक्षित जगह पर एक महिला पत्रकार की बीच सड़क पर गोली मार कर हत्या बेहद संगीन मामला है। सौम्या हेडलाइंस टुडे के आफिस से देर रात घर के लिए अपनी कार से निकलीं थीं। पहले उनकी कार के टायर में गोली मारी गई। कार के डिवाइडर से टकराकर रुकने के बाद शीशा तोड़कर उनकी कनपटी पर गोली मार दी गई।
दिल्ली पुलिस की लापरवाही देखिए कि वो प्रथम नजर में इसे दुर्घटना का मामला मान कर बेहद सुस्त भाव से काम कर रही थी लेकिन बाद में हत्या साबित होने पर अब जांच को तेजी से आगे बढ़ाने का दावा कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर पुलिस घटना के तुरंत बाद कायदे से जांच करती तो कुछ अहम सुराग मौके से मिल सकते थे लेकिन पुलिस को जब तक यह मामला दुर्घटना की बजाय हत्या का समझ में आया तब तक मौका ए वारदात से ढेर सारे सुराग व साक्ष्य नष्ट हो चुके थे।
हेडलाइंस टुडे की तरफ से बताया गया कि सौम्या वैसे तो रात एक बजे तक घर लौटती थी लेकिन मालेगांव व अहमदाबाद में बम धमाकों के चलते सोमवार रात वह देर तक आफिस में रुकी रही। सौम्या के घरवालों के मुताबिक वह मंगलवार सुबह तीन बजे अपनी मारुति जेन कार से घर के लिए निकली। वियतनाम में रहने वाली सौम्या की बड़ी बहन भी इन दिनों उसके घर आई हुई है।
सौम्या ने तड़के तीन बजे के आसपास बहन को फोन कर बताया कि वह चाणक्यपुरी पहुंच गई है और कुछ ही देर में घर पहुंचने वाली है। रात साढ़े तीन बजे सौम्या की कार नेल्सन मंडेला मार्ग पर खड़ी पाई गई। कार के टायर फटे व शीशे टूटे हुए थे और अंदर सौम्या खून से लथपथ बेसुध पड़ी थी। पोस्टमार्टम से पहले तक पुलिस इसे दुर्घटना मानती रही लेकिन पोस्टर्माट में जब खुलासा हुआ कि कनपटी के नीचे गोली मार कर हत्या की गई है तो पुलिस हत्यारों की गरिफ्तारी को लेकर तफ्तीश के काम में सक्रिय हो गई। अब देखना है कि पुलिस कितने दिनों में इस मामले के आरोपियों को पकड़ पाती है।
फिलहाल हम सभी सौम्या के न रहने पर ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो परिजनों को इस घड़ी में ताकत प्रदान करें।











