एनबीए का फैसला : देश के ज्यादातर टेलीविजन चैनलों ने फैसला किया है कि वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैचों की कवरेज नहीं करेंगे क्योंकि उनका कहना है कि इस ट्वेंटी20 टूर्नामेंट के कुछ दिशानिर्देश मनमाने ढंग से बनाए गए हैं और इस प्रतियोगिता में फुटेज से संबंधित कुछ नियम विवादास्पद हैं। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स संघ (एनबीए), जिसके 34 सदस्य हैं, ने एक बयान में कहा कि आईपीएल अधिकारी और अधिकृत ब्रॉडकास्टर्स के साथ हुई बैठक में आज उसने मनमाने दिशानिर्देश मानने से इनकार कर दिया है।
एनबीए ने कहा- आईपीएल और सेट मैक्स के फैसलों से न्यूज ब्रॉडकास्टर्स संघ के सदस्य आईपीएल के मैचों की कवरेज नहीं कर पाएंगे। अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसियों ने भी मीडिया को मान्यता देने के नियमों के विरोध के चलते आईपीएल के पहले दो टूर्नामेटों का बहिष्कार किया था। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसियों ने पहले आईपीएल (2008) का बहिष्कार किया था क्योंकि उन्हें उनकी वेबसाइट पर इस प्रतियोगिता के फोटोग्राफ जारी करने से मना कर दिया गया था। दक्षिण अफ्रीका में हुए दूसरे आईपीएल में भी इसी मुद्दे पर टकराव देखने को मिला था। आयोजकों ने अपनी शर्तों को बदलने से मना कर दिया था इसलिए रॉयटर्स, एपी, एएफपी आदि ने प्रतियोगिता का बहिष्कार किया था। आईपीएल के अध्यक्ष ललित मोदी ने न्यूज एजेंसियों के लिए अपने नियम बदलने से इंकार दिया था।












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February 17, 2010 at 6:15 am
सबसे बिकाऊ चीज दांव पर है। देखते हैं, पीछे कौन हटता है।
Daulat
February 17, 2010 at 7:21 am
पैसों का खेल
आईपीएल क्रिकेट कम पैसे बनाने का धंधा ज्यादा है। इससे जुड़ा हर कोई शख्स, कंपनी, माध्यम ज्यादा से ज्यादा पैसा बनाना चाहता है। इसमें अगर कहीं कोई बाधा आती है तो कोई पैसा वसूलने के लिए मनमाने नियम बनाएगा तो कोई बहिष्कार की धमकी का नाटक। अंत में देखना जब सौदा पट जाएगा तो न नियम रहेगा न बहिष्कार होगा।
harish chandra pandey
February 18, 2010 at 3:54 am
ab cricket m khel bhawana rah nahi gayi h IPL ki teamo ko jitne bhi udhyogpatiyo ya filmi stras ne khareeda hai unkhone ise sirf apne brand ka naam chamkane v paisa kamane ke liye hi kharida h . or koi bhi news chanel us news ko bhi paise kamane k liye hi dikhata h aaj nahi kal to unhe majburi vash dikhana hi padega……..