जिस खबर के लिए एनडीटीवी ने माफी मांगी, उसी खबर के चलते आईबैंक का रजिस्ट्रेशन रद हुआ : इस वीडियो को ध्यान से देखिए. एनडीटीवी इंडिया की एंकर एनडीटीवी इंडिया पर दिखाई गई एक खबर के लिए माफी मांग रही है. साथ ही, जिनके खिलाफ खबर दिखाई गई थी, वे अपने संस्थान का गुणगान करते दिख रहे हैं. पूरे पांच मिनट तक चले इस माफीनामे के पीछे की कहानी हम आपको बता रहे हैं. एनडीटीवी के जिस रिपोर्टर ने आईबैंक के गोरखधंधे पर आधारित स्टोरी चलाई थी, उसे एनडीटीवी ने उन्हीं दिनों मंदी के नाम पर बाहर का रास्ता दिखा दिया था. खबर से संबंधित सारे डाक्यूमेंट उस रिपोर्टर के पास थे. रिपोर्टर ने सरकारी कागजात और सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारियों के आधार पर स्टोरी तैयार की थी.
स्टोरी में बताया गया था कि किस तरह से नेत्रदान के नाम पर कुछ आईबैंक और कार्निया का रखरखाव करने वाली संस्थाएं फायदा उठा रही हैं. जिन आईबैंक और कार्निया रखरखाव की संस्थाओं के गोरखधंधे को उजागर किया गया था, वे स्टोरी चलने के बाद न्यूज ब्राडकास्टर्स एसोसिएशन के पास चली गईं. वहां इन लोगों ने एनडीटीवी इंडिया की कंप्लेन की. एनडीटीवी के पास न तो खबर दिखाने वाला रिपोर्टर था और न ही खबर से संबंधित दस्तावेज. एनडीटीवी के लोगों ने रिपोर्टर से दस्तावेज के लिए संपर्क भी नहीं किया. एनबीए में चैनल अपना पक्ष नहीं रख पाया.
आखिरकार चैनल ने सीधा रास्ता निकाला कि माफी मांग लो और झमेला खत्म करो. तो एनडीटीवी इंडिया ने पांच मिनट का माफीनामा दिखाकर और स्टोरी को ही गलत बताकर पल्ला झाड़ लिया. पर ताजी सूचना ये है कि एनडीटीवी पर चली उसी स्टोरी के चलते सरकार ने जांच कराकर आईबैंक का रजिस्ट्रेशन रद कर दिया है. साथ ही रखरखाव करने वाली संस्था से काम भी लेना बंद कर दिया है. इससे संबंधित डाक्यूमेंट्स भड़ास4मीडिया के पास हैं. पर एनडीटीवी इंडिया इस उपलब्धि का सेहरा अपने सिर नहीं ले सकता क्योंकि वह पहले ही अपनी स्टोरी को गलत बताकर माफी मांग चुका है और धंधेबाज आईबैंक के कर्ताधर्ता को गुणगान करते दिखा चुका है.
ये है एनडीटीवी का माफीनामा-












shailesh
January 30, 2010 at 2:16 pm
ndtv. ek bika hua channel hai. is channel ka chehra or mukhauta dono alag- alag hain. is channel ke lie gujraat or bjp shashit rajyon ke lie alag mapdand hain or congress shashit rajyon ke lie alag. pichle chnaeon main iski zalak saaf- saaf dikhti hai.vaise jo is khaba ke bare main ndtv ne kia vo ndtv jaise besharm channel ke lie normal baat hai.
kundan kumar
January 30, 2010 at 3:20 pm
ye electronic media ki jaldbazi ka nateza hai….pahle jaldbazi men khabar dikhai aur phir galti bhi maan li….waise upar ke comment ko bhi maina padha aur sach hai…iski jhalak milti hai ndtv ki khabro men…rashtriya puruskaro se bhi samanit patrakar hai is channel main aur unka program bhi prime time ata hai..lekin unke program ko dekhkar lagta hai ki bjp unki bhais khol di ho..aur congress unki bhais ki rakhawali karti hai….likin kuch prabudh patrakaro ke bhi bulltine jisme aisa kuch nahi dikhta hai…mujhe lagta hai ki kise ka naam likhana sahi nahi…meri samajh main aap samjhadar hai aur samajhdaro ke liye ishara kafi hai….waise widam mere liye ye hai ki main bhi ndtv india hi dekhta hun….
Rishi Naagar
January 30, 2010 at 4:40 pm
Shame on NDTV! It is only India where we are tolerating such garbage and rubbish people and Channels! Here in canada, the regulatory authority is such a powerful organisation that channels/radio stations like NDTV are punished severely! Who is reponsible for such situation? Let us all deeply penetrate and think over it! Thanks.
sandeep mishra
January 30, 2010 at 5:26 pm
ndtv channel to band ho jana chahiye.bina responsebility k kaam karta hai
KC Sharma
January 30, 2010 at 5:41 pm
ऐसा कुछ नहीं है! प्रिय यशवंत जी धन्यवाद के पात्र है जिन्होंने इस खबर की हकीकत से रूबरू करवाया. और ये कोई नई बात नहीं है जब कोई चैनल किसी खबर के लिए माफ़ी मांग रहा हो, इससे पहले भी इंडिया टीवी जैसा चैनल कई बार गलती पे गलती कर चूका है…. एक बार तो व्हाय.एस. आर. रेड्डी के हेलीकाप्टर मिलने की गलत खबर, और दूसरी बोहरा समाज के धर्मगुरु डॉ. सैय्यदना साहब की तस्वीर एक खबर में बताने पर माफीनामा, जिसे B4M के माध्यम से यशवंतजी ने अवगत भी कराया था… तो प्रिय मित्रो मेरा जहाँ तक मानना है कि एन.डी.टी.वी. इंडिया जैसा कोई न्यूज़ चैनल नहीं है जो सच्ची और अच्छी खबरों के लिए जाना जाता है… क्योंकि आज भी इस चैनल को देखने और समझने वाले है…
धन्यवाद्…
Anshul Srivastava
January 31, 2010 at 5:37 am
Aaj sahar me bade bade patthar to lag gaye lekin agar sahar me andar dekha jaye to sirf kudhe k dher hi dikhai padte hai kya ye sab aala afsaro ko dikhai nahi deta kyo wo anjaan bane hue hai