एनडीटीवी समूह की नान-न्यूज चैनल्स और बिजनेस संचालित करने वाली कंपनी एनडीटीवी नवटवर्क्स पीएलसी (एनडीटीवी इमेजिन, एनडीटीवी लाइफस्टाइल, एनडीटीवी कनवर्जेंस, एनडीटीवी लैब्स और एनडीटीवी एनजीईएन) में 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने वाली अमेरिकन मीडिया कंपनी एनबीसी यूनीवर्सल ने अब अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला कर लिया है। खुद एनडीटीवी ने इस हिस्से को खरीदने की पेशकश की है। इस बाबत एनडीटीवी की तरफ से मुंबई स्टाक एक्सचेंज को सूचित कर दिया गया है। वर्ष 2008 के मई माह में एनबीसी यूनीवर्सल ने एनडीटीवी के अधीन नान-न्यूज की कंपनी एनडीटीवी नेटवर्क्स पीएलसी में 26 फीसदी हिस्सा खरीदा था।
बताया जाता है कि 26 फीसदी हिस्सा खरीदने के बदले एनबीसी यूनीवर्सल ने 150 मिलियन डॉलर दिए थे। उस समय के हिसाब से यह सौदा 630 करोड़ रुपये में पड़ा था। वह दौर ऐसा था कि एनडीटीवी के शेयरों की मार्केट में तूती बोलती थी। बाद में मंदी के दौर में एनडीटीवी के शेयर धूल चाटने लगे। चैनल को काफी घाटा हुआ। एनबीसी यूनीर्वसल के एनडीटीवी नेटवर्क्स से बाहर निकलने के बाद एनडीटीवी प्रबंधन कई विदेशी कंपनियों से हिस्सेदारी बेचने पर बातचीत करने में जुटा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक टाइम वार्नर और मलेशियाई कंपनी एस्ट्रो-टू एनडीटीवी के लाइफस्टाइल चैनल में निवेश करने को उत्सुक दिख रही हैं। मलेशियाई कंपनी एस्ट्रो आल एशिया नेटवर्क्स के साथ एनडीटीवी का जुड़ाव पहले से ही है। ये दोनों कंपनियां इंडोनेशिया की एस्ट्रो अवनी चैनल संचालित कर रहीं हैं।











