Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

आयोजन

‘जिन पर मौत का खतरा नहीं, वे पत्रकार नहीं’

आशंकाओं के इस दौर में बेबसी इस कदर है कि बहस लाजमी है। नये आर्थिक युग के नये परिवेश में पत्रकारिता में व्यावसायिकता की चाशनी इतनी गाढ़ी है कि मिशन, सरोकार जैसे अर्थ अब अपने मायने खोजते फिर रहे हैं। एक ग्रामीण पत्रकार की हत्या हो जाये और उसका अखबार जब उसे अपना मानने से इन्कार कर दे तो किसी का भी चिंतित हो जाना स्वाभाविक है।

आशंकाओं के इस दौर में बेबसी इस कदर है कि बहस लाजमी है। नये आर्थिक युग के नये परिवेश में पत्रकारिता में व्यावसायिकता की चाशनी इतनी गाढ़ी है कि मिशन, सरोकार जैसे अर्थ अब अपने मायने खोजते फिर रहे हैं। एक ग्रामीण पत्रकार की हत्या हो जाये और उसका अखबार जब उसे अपना मानने से इन्कार कर दे तो किसी का भी चिंतित हो जाना स्वाभाविक है।

ऐसी भयावह परिस्थिति में पारम्परिक हो चुके माध्यमों से इतर एक नया मार्ग अगर कुछ सम्भावनाएं एवं प्रतिबद्धता दिखाता है तो उसका स्वागत किया ही जायेगा। न्यूज पोर्टल नेटवर्क-6 के उदघाटन के अवसर पर पत्रकारों में कुछ ऐसे ही भाव दिखे। रविवार को सोनभद्र के खचाखच भरे तापीय प्रशिक्षण सस्थान के प्रेक्षागृह में आयोजित इस समारोह में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ पत्रकारों-साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। नेटवर्क-6 को सम्भावनाओं का नया सूरज बताते हुए हर किसी ने माना कि आने वाला समय वेब पत्रकारिता वाले नये दौर का है। पुरानी परम्परा एवं सीमाओं को सदैव लांघने वाले पत्रकार आवेश तिवारी एवं उनके देशभर में फैले साथियों द्वारा शुरू किये गये नेटवर्क-6 को बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा हैं। दिल्ली, बम्बई जैसे बड़े शहर को छोड़कर नक्सल प्रभावित सोनभद्र में वेबसाइट को लांच कर आवेश और उनकी टीम ने यह स्पष्ट कर दिया कि हम परम्परा से बंधने वाले नहीं हैं। जहां कोई नहीं पहुंचेगा हम वहां पहुंचेंगे।

उदघाटन अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि इस दौरान पत्रकारों की हत्याओं के इस दौर में ‘पत्रकारिता धर्म’ विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में गरमा-गरम बहस ने कई ऐसे बिन्दुओं को उकेरा जिससे स्पष्ट लगा कि पत्रकारिता के पुराने साधन अपने तौर तरीके बदले नहीं तो हत्याओं का एक बड़ा दौर शुरू हो जायेगा। गोष्ठी के दौरान सोनभद्र के बभनी में पत्रकार कमलेश की हत्या का मामला मुख्य चर्चा में रहा। खासकर हत्या के बाद हुए पत्रकार आंदोलन में पत्रकारों की भूमिका पर खूब चर्चा हुई।

नेटवर्क-6 के प्रमुख सम्पादक आवेश तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए न्यूज पोर्टल के बारे में व्यापक जानकारी दी। तत्पश्चात गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र नीरव ने कहा कि बेबसी कबूल करने से आलम बदलता है। पत्रकारों का काम सिर्फ ख़बरें लिखना भर नहीं रह गया है, ये भी जरुरी है कि जिनके लिए हम ख़बरें लिख रहे हैं उनके साथ उनके सुख दुःख में भी शामिल हों। अगर हम मलेरिया प्रभावित इलाकों की ख़बरें लिख रहे हैं तो हमें वहां जाते वक़्त मलेरिया की दवाएं भी रखनी ही होगी। पत्रकारों का कोई आन्दोलन तभी सफल होगा जब उसमें जनता की भी सहभागिता होगी। हिंदुस्तान के ब्यूरो प्रमुख राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि कमलेश हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी से कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया में कुछ बाध्यता होती हैं जिससे सामंजस्य बैठाना पड़ता है, लेकिन आने वाला समय काफी सम्भावनाओं से भरा पड़ा हैं और नेटर्वक-6 उसकी शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह न्यूज पोर्टल क्षेत्रीय विविधता परम्परा एवं संस्कृति का संरक्षक बन सकता है।

पत्रकार प्रमोद चौबे ने कमलेश को शहीद बताते हुए कहा कि स्थानीय संवाददाताओं की की कुरबानी पर बड़े मीडिया संस्थानों का अस्तित्व बचा हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन की खबरों पर रोक लगाने का आहवाहन किया। चौबे ने कहा कि जिन पत्रकारों को मौत का खतरा नहीं है, वो पत्रकार हैं ही नहीं। युवा समाजसेवी रमेश यादव ने कहा कि मीडिया के बचाव के लिए आम समाज को आगे आना होगा गोष्ठी को केएन सिंह, सतीश भाटिया, युवा समाजसेवी रमेश यादव, सुनील तिवारी, आकाशवाणी ओबरा के श्री कृष्ण, अनूप श्रीवास्तव, संजय यादव, कमाल खांन, डा. एके गुप्ता, आरपी उपाध्याय, सपा नेता रमेश वर्मा, नितीश भारतद्वाज आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सुधाकर मिश्रा ने किया। इस दौरान आलोक गुप्ता, शमशाद आलम, विधुशेखर मिश्र, राज किशोर गुप्ता, ए बी सिंह, भोला दूबे, एस पी तनेजा, राकेश अग्रहरि, प्रवीण विश्वकर्मा, अशोक शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, मनीष पाण्डेय, रजनीश, श्रवण कुमार, मनोज कुमार, बृजेश गुप्ता, हृदय नारायण सिंह आदि उपस्थित थे।

-संजय यादव की रिपोर्ट

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. Akhilesh

    August 23, 2010 at 9:30 am

    ji ha chhote star ke samjhe jaane wale patrakaar ki khbro ko badi magazine aur channel badii khabar bana dete hai aur risk lene wale us chote kahe jane wale patrakar ko sideline kar bhula diya jata hai

  2. virendar sahwag

    August 26, 2010 at 4:26 pm

    jiyo sher jiyo khud kabhi khatara uthaya hai kya…? jo nasihat dete fir rahe ho….kabhi system ki burai ki P.T.C ADHIKARI KE CABIN ME BAITH KE MARA HAI…. BATAO….?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...