खबर है कि दिव्या तोमर ने एनबीटीवी न्यूज से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी नयी पारी आईबीएन7 के साथ असिस्टेंट प्रोड्यूसर के रूप में शुरू की है। दिव्या दो साल से एनबीटीवी न्यूज में बतौर न्यूज एंकर और रिपोर्टर कार्य कर रही थीं। इससे पहले उन्होंने ईटीवी, दिल्ली और कथादेश के लिए कार्य किया है।
दिव्या ऑल इंडिया रेडियो के महफिल और मनभावन कार्यक्रम से भी जुड़ी रही हैं। दिव्या कई अखबारों के लिए लिखती रही हैं। दिव्या तोमर को दिल्ली विश्वविद्यालय में एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड से नवाजा जा चुका है। दिव्या पिछले 3 सालों से पॉलिटिकल रिपोर्टिंग से जुड़ी रही हैं।
उधर, ए2जेड न्यूज चैनल से खबर है कि रिपोर्टिंग टीम में कार्यरत संदीप श्रीवास्तव और मनोज एटलस ने इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक मनोज एटल फिलहाल नोटिस पीरियड पर चल रह हैं. ये दोनों क्राइम टीम में थे. सूत्रों के मुताबिक चैनल की अव्यवस्था और कामकाज में उपेक्षा के चलते इन दोनों ने इस्तीफा दिया.












VIRENDRA GUPTA MIRZAPUR A2Z CHANNEL
July 22, 2010 at 3:42 pm
bhi mere pass bhi khabar hai ki a2z news channel khabar par kam business par pura dimag rakhta hai me pichale kai mahino se iss channel me kam kar raha hu
sanjay
July 24, 2010 at 11:00 am
A2Z me to ye to hona hi tha kal hamari to ajj unki bari hai……………
rajvir sharma
July 26, 2010 at 10:43 am
ye jisne bhi likha hai ek dum galit likha hai….ek saal pass out nahi huye or 3saal ka exp…..hahaha wts a jok….or e tv mai vo intern thi na ki worker;D
ravi
July 26, 2010 at 11:01 am
दिव्या इस साल ही दिल्ली विश्वविद्यालय के अम्बेडकर कॉलेज से पास हुई है…IBN में तो दिव्या आ गयी है…लेकिन उनकी तारीफ में कुछ ज्यादा ही लिखा गया है…ETV में भी वो इन्टर्न थी…और आपको भी मालूम होगा की आकाशवाणी के मनभावन और महफिल कोई भी कर सकता है…इस तरह की खबर लगाने से साईट की साख ख़राब होती है….
shailesh dixit,a2z news ramabai nagar
July 26, 2010 at 3:48 pm
ye koi nai bat nahio hai . jab koi channel se bahar hoyta hai to us per channel k prati kam k bare me he bat boli jati hai……
पुष्पा सिंह
September 19, 2010 at 4:23 am
ईर्ष्या मनुष्य को ठीक उसी प्रकार खा जाती है, जिस प्रकार कपड़े को कीड़ा खा जाता है। ईर्ष्या असफलता का दूसरा नाम है। ईर्ष्यालु मनुष्य स्वयं ही ईर्ष्याग्नि में जला करता है-उसे और जलाना व्यर्थ है। दिव्या तोमर के बारे में ऊपर रवि और राजीव(दोनों छद्म नाम) से जो कमेंट लिखे गए हैं- वो ईर्ष्या की पराकाष्ठा है। मंथरा को मात देते हुए कुटिल भाव जाहिर किए गए हैं। खैर, मैं बता दूं कि उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के घर-घर में लोकप्रिय है दिव्या तोमर। जब लिखनेवाले ओरिजिनल महाशय या महाशया को एक अखबार में इंटर्नशिप के लिए तीन-तीन महीने चक्कर काटने पड़ रहे थे- उस समय दिव्या एनबीटीवी में बतौर न्यूज एंकर कार्य कर रही थी। जुलाई, 2005 से जून, 2020 तक बतौर न्यूज एंकर और रिपोर्टर उसने शानदार काम किया। कमेंट लिखनेवाले सही से दो लाइन कमेंट भी नहीं लिख सके जबकि उसने 2008-2010 के दौरान करीबन 30 मशहूर हस्तियों का साक्षात्कार लिया। जुलाई 2007 से लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं दिव्या। पत्रकारिता के कोर्स में इस बात को प्रोत्साहित किया जाता है कि छात्र रोज केवल कॉलेज आने-जाने की बजाए फील्ड में कार्य करें- प्रशिक्षित हों। अलग बात है कि किसी को अवसर नहीं मिलता या फिर वो इतने आरामतलब होते हैं कि बस 2-3 घंटे कॉलेज में बिताना ही उन्हें पहाड़ प्रतीत होता है- पत्रकारिता का कोर्स भी नाम के लिए करते हैं -उनके पल्ले कुछ नहीं पड़ता। खैर, दिव्या इतनी प्रतिभाशाली और मेहनती है कि कॉलेज में दाखिले के बाद से ही उसने नौकरी शुरू कर दी। कथादेश, एनबीटीवी, ईटीवी, ऑल इंडिया रेडियो में कार्य करने के अलावा उसने कई अखबारों के लिए लिखा भी है। लिखने-पढ़ने का जुनून है उसमें। रोज चार घंटे अखबारों के लिए सुरक्षित होते हैं उसके। बहुमुखी प्रतिभा की धनी दिव्या बढ़िया कविताएं लिखती हैं- आप उसके ब्लॉग पर जाकर पढ़ सकते हैं। एक अच्छी गायिका भी हैं वो- प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से संगीत विशारद भी किया है उसने। याद है मुझे कॉलेज में- मुहम्मदन अली जिन्ना पर डिबेट हुआ था- शानदार तरीके से बोला था उसने- फर्स्ट प्राइज जीती थी। कॉलेज ने उसे इसी साल उनके फील्ड में 3 सालों के अनुभव को देखते हुए एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म का अवार्ड भी दिया है। इसलिए जिसने भी उल-जुलूल बातें लिखी है उनसे आग्रह है कि पहले खुद मेहनत करें और यत्र-तत्र समय बर्बाद करके स्वयं को नष्ट न करें। पहले अपनी साख बनाएं फिर साइट की साख के बारे में सोचें। हां, अगर इंटर्नशिप ना मिल रही हो तो ईर्ष्या-द्वेष भूलकर दिव्या से मिल लें, वो कहीं न कहीं इंटर्नशिप करवा देंगी। अपने विरोधियों के लिए भी उदार है दिव्या। मेरी सबसे अच्छी सहेली है, मेरी मार्गदर्शिका हैं, इसलिए मुझसे बेहतर उसे कोई नहीं जान सकता। भगवान भला करे आपका। ट्रक के पीछे लिखा होता है- जलो मत, संघर्ष करो। शायद आप उससे सीख लें सके। हां, उसकी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए धन्यवाद!