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निखिल वागले को महिला पत्रकार ने थप्पड़ मारा!

निखिल वागले से शिवसेना वालों की खुन्नस सब जानते हैं. निखिल वागले के खिलाफ कोई अफवाह उड़े, कोई मसाला मिल जाए और शिवसेना के ‘सामना’ अखबार में वह न छपे, ऐसा कैसे हो सकता है. निखिल वागले को उनके अधीन काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने भरी मीटिंग में थप्पड़ मारा, इस आशय की खबर कल मुंबई से प्रकाशित ‘सामना’ अखबार के पहले व तीन नंबर पन्ने पर प्रकाशित हुई है. पहले पन्ने पर प्रकाशित खबर में वागले के चेहरे को चमगादड़ के शरीर के साथ क्लब करके दिखाया गया है और हेडिंग है- ‘वागले को थप्पड़ ज्ञान’.

निखिल वागले से शिवसेना वालों की खुन्नस सब जानते हैं. निखिल वागले के खिलाफ कोई अफवाह उड़े, कोई मसाला मिल जाए और शिवसेना के ‘सामना’ अखबार में वह न छपे, ऐसा कैसे हो सकता है. निखिल वागले को उनके अधीन काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने भरी मीटिंग में थप्पड़ मारा, इस आशय की खबर कल मुंबई से प्रकाशित ‘सामना’ अखबार के पहले व तीन नंबर पन्ने पर प्रकाशित हुई है. पहले पन्ने पर प्रकाशित खबर में वागले के चेहरे को चमगादड़ के शरीर के साथ क्लब करके दिखाया गया है और हेडिंग है- ‘वागले को थप्पड़ ज्ञान’.

पहले पेज पर संक्षिप्त खबर प्रकाशित हुई है और विस्तार से पढ़ने के लिए पेज तीन पर जाने को कहा गया है. पेज तीन पर संबंधित खबर की हेडिंग है- ‘वागले को क्यों पड़ा थप्पड़?’ पहले पेज और तीन नंबर पेज पर ‘सामना’ में जो खबरें प्रकाशित हुई हैं, उसे स्कैन कराकर हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं. यहां हम बताना चाहंगे कि आईबीएन लोकमत (सीएनएन आईबीएन समूह के मराठी भाषी चैनल) के चीफ एडिटर हैं निखिल वागले. पिछले दिनों इसी चैनल में बड़े पैमाने पर छंटनी की कवायद की गई थी. इसके कारण निकाले गए लोगों में काफी आक्रोश है.

मुंबई में शिवसेना की गुंडागर्दी के खिलाफ वागले जमकर लिखते रहे हैं और इसी कारण उन्हें समय-समय पर शिवसेना वालों का कोपभाजन बनना पड़ता है. बताया जाता है कि शिवसेना ने कई बार गुंडे भिजवाकर वागले पर जानलेवा हमले कराए. पत्रकारिता में योगदान के लिए वागले को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं. शिवसेना के लोगों को अगर निखिल वागले के खिलाफ कुछ भी पता चलता है तो उसे वागले के खिलाफ हथियार के बतौर इस्तेमाल करने में नहीं चूकते. थप्पड़ मारने वाली खबर के बारे में मुंबई के पत्रकार दो तरह की राय जता रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि मीटिंग में मामूली तकरार को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है ‘सामना’ ने.

उधर, अन्य लोग कहते हैं कि छंटनी की लिस्ट में महिला पत्रकार का भी नाम आने और उसकी आलोचना मीटिंग में किए जाने से वह भड़क गई और वागले के पास पहुंचकर उनका कालर पकड़ लिया व कई चांटे मारे. इस महिला पत्रकार का इंट्री चैनल में वागले के ही जरिए हुई थी. इनके संबंध पहले ठीकठाक थे लेकिन अचानक रिश्ते में खटास आने की वजह किसी को समझ में नहीं आ रही है.

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0 Comments

  1. mridul

    March 25, 2010 at 12:16 pm

    वागले जैसे प्रतिष्ठित संपादक को चांटा मारकर उन्हे अपमानित करने का प्रयास कर उस महिला पत्रकारने अपने कॅरेक्टर का प्रदर्शन ही किया है. आर्थिक मंदी के दौर में कई कंपनीयोंने कटौती की. कई कर्मचारी निकाले गए. लेकिन ऐसी ओछी हरकत कभी पढने में आई. ठिक है. और सामना ने यह खबर बढा चढाकर लिखी है. सामना के एक कर्मचारीने कुछ दिन पूर्व संपादक के जुल्म से तंग आकर आत्महत्त्या की थी. सारे अखबारों ने वह खबर छापी. लेकिन पॉलिटिकल प्रेशर लाकर मामला रफा दफा कर दिया गया. सामना ने वागले पर किचड उछालते समय जरा आईने में झांकना चाहिए था.

  2. gulshan saifi

    March 25, 2010 at 1:11 pm

    ghar ki foot
    jagat ki loot

  3. A journalist

    March 25, 2010 at 1:29 pm

    Jab patrakar malik ban jaata hai to uska character bhi malikon jaisa ho jaata hai per wagle patrakaron ke hit ke khilaf kaam karenge aisa socha nahi tha.

  4. sushil Gangwar

    March 25, 2010 at 4:13 pm

    Nikhil baagle ke galo par ye tamacha un logo ke liye hai jo baat baat par logo ko naukri se nikal kar bahar ka rasta dikha dete hai. Waise aajkal sabhi chennal or papero me chhatni chal rahi hai . Kub kiski kursi khisak jaye ye to kowi nahi jaanta hai .jara baagle ji apni kursi sambhal kar rakhna ?

    Editor
    sushil Gangwar
    http://www.sakshatkar.com

  5. Rupesh Sharma

    March 26, 2010 at 4:26 am

    Samna key baarey kya kahe. Inka abhi tak kisi sey Samna nahi hua hai !

  6. ajeet singh gaur

    March 26, 2010 at 7:49 am

    its not fair.

  7. RUPESH KUMAR TIWARI

    March 26, 2010 at 7:51 am

    jabana kuch alag kah rha hi.mahilao ko 33% reservatin kay mil nay oala hi vao satawy asaman par chala gay hi.rhi bat sevsan ki to wha dohari rajnite to hamasa say kalti hi. aak reporter kay upr bada cada kar likhna.use galat tarekay say batana kitna kanuni aapradh hi.. sevsana wolo nay jab ibn7 par hamla kary pure dunay nay daykaha tha.yha batany valy bat nahi hi.ham to khathy hi ki sevsena parvan laga danaa cahiya.

  8. EKHLAQUE KHAN

    March 26, 2010 at 8:17 am

    niti ji ke sath jo hua. sari jankari unko, staff ko & mahila patrakar ko hi hogi. lekin dushmani me akhbaar ko apna sahara banana SHIVSENA K BAAL THAKRE ko khoob aata hai. sahi bat to ye hai ki SAAMNA akhbar nahi Baalthakre ki zaban hai.

  9. ajay

    March 26, 2010 at 9:46 am

    Achha kiya…………….

  10. rupali

    March 26, 2010 at 10:17 am

    Nikhil Wagalena ya mahilene ka marale ha khara prashna aahe? kontihi mahila Ekhadya purushala marel as kadhi hot nahi ? ya mahilela konata tra hota……tiche shoshan tar hot nawhatena ,tila noukirivarun kadhayache tar tharale naahatena? Wagale aaplya karmcharyasobat kase wagatat ? he prashna vichar karayala lavnare aahet.

  11. ज्ञान प्रकाश

    March 26, 2010 at 2:02 pm

    मारपीट अच्‍छी बात नहीं है। लेकिन शायद यही तात्‍कालिक प्रतिक्रिया है। नौकरी से निकालने का कदम उठाने से पहले खुद संपादक वागले जी का इस्‍तीफा देना चाहिए था। वे अपनी नौकरी बचाकर अपने ही साथियों को सड़क पा ला रहे हैं। लेकिन सुविधाभोगी जमाने में संपादकों में यह साहस नहीं है कि उनकी टीम के साथ ऐसा बर्ताव करने को कहने पर खुद नौकरी छोड़ दें। आज वे संपादक हैं, कल कोई और आ जाएगा जो उनको बाहर का रास्‍ता दिखा देगा। हिंदुस्‍तान अखबार में क्‍या हुआ। पहले के सभी बाहर हो गए। संपादक को इस तरह के संकट के समय में पहले खुद की बलि देनी चाहिए, फिर स्‍टॉफ की।

  12. ashish soni

    March 26, 2010 at 2:19 pm

    samna apni khunns nikal raha he nikhil wagalena se. samna ki krtut ka kulasa karte he kabal yahe karan he .

  13. sanju

    March 27, 2010 at 2:15 pm

    Thaapad Mara yeh Thik hai Lekin Vastav me Koi Mahila Job se Nikalne ke Darr se Itna Bada kadam nahi Uthati hai Vajeh Jaroor Najuk Mamle ki Hai ! yeh bhi ho sakta hai ki koi teesra Affair ke bare me Jaan jaye to Yeh Sab Hona Swabhavik hai ! Vaise Wagle is Shakshiyat ko Aab tak Na Jane Kitno ne Peeta hai Baaz nahi aate ! Aadat se Majboor hai !

  14. जीत भाटी

    March 27, 2010 at 10:38 pm

    किसी के पेट पर लात मारने वाले को गाल पर थप्पड़ मारने में कोई बुराई नहीं हैं, उस महिला पत्रकार के होंसले और जज्बे को सलाम,
    और उन लोगो के लिए सबक जो किसी की नौकरी डकारने से पहले एक बार भी नही सोचते.
    जीत भाटी

  15. rupal kadam

    March 28, 2010 at 9:55 am

    Nikhil Wagale yana jevha Shiv sene marale tevha saglyani Nishedh kala matr yaveli konohi tyanc samarthan karatana disat nahi .karan Wagale mahilanchya babtit ……ase aahet he lokana kalale aahe. lokanan nitimattechya gappa marnarya wagalechi Oukat lokana mahit zaily. IBNLOKMAT madhun ashyach lokanchi kapat zaliy je BRHAMHAN nahit .Dalit Muslim OBC ya sarvana wagaleni channelchya baher kadhalay …wagale punha mar khau shaktat.

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