अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने एक बार कहा था -लोगों का शासन, लोगों के लिए, लोगों के द्वारा… No1journalist Academy of Mass Media का मूलमंत्र भी यही है- भावी पत्रकारों के लिए, पत्रकारों द्वारा चलाया जा रहा पत्रकारिता संस्थान जिसका सिर्फ एक ही मकसद है, पत्रकारिता में ऐसे छात्रों को सामने लाना जो आलराउंडर हों। जिन्हें नौकरी के लिए दर-दर भटकना न पड़े… सवाल ये उठता है कि जब देश में हर गली मुहल्ले में पत्रकारिता के ढेरों संस्थान खुले हुए हैं ऐसे में No1journalist Academy of Mass Media उनसे अलग कैसे है? क्या गारंटी है कि यहां से पढ़ने से बाद छात्र पत्रकारिता में वो मुकाम हासिल कर लेंगे जो उन्हें दूसरे पत्रकारिता संस्थान मुहैय्या नहीं करवा पाते?
इसकी दो सबसे बड़ी वजह हैं -पहला, No1journalist Academy of Mass Media का Training Module. यहां छात्रों के किताबी ज्ञान यानि थ्योरी से ज्यादा प्रेक्टिकल ट्रेनिंग पर जोर दिया जाएगा. सिर्फ 3 से 4 महीने की थ्योरी और 5 से 6 महीने तक ON COURSE TRAINING. इतना ही नहीं, ये प्रेक्टिकल ट्रेनिंग भी संस्थान के स्टूडियो में नहीं बल्कि Leading News Channels / TV News Agency / News Papers के साथ होगी… वो भी इन्टर्नशिप के नाम पर महज एक महीने की खानापूर्ति नहीं होगी. हर छात्र को 5 से 6 महीने तक ON COURSE TRAINING दिलायी जाएगी Leading News Channels / TV News Agency / News Papers के साथ. बिल्कुल रियल लाइफ सिचुएशन में, ताकि भावी पत्रकार अनुभव कर सकें कि आने वाले वक्त में उन्हें किस तरह से काम करना है। दूसरे शब्दों में कहें तो 6 महीने तक न्यूज चैनल के साथ काम करने के बाद न सिर्फ छात्र दूसरे छात्रों के मुकाबले न सिर्फ ज्यादा पारंगत होंगे बल्कि उनकी नौकरी की संभावनाएं भी ज्यादा होंगी।
अब बात करते हैं दूसरी सबसे बड़ी वजह की -No1journalist Academy of Mass Media के सलाहकार मंडल में देश के नामी गिरामी पत्रकार हैं जिनका मार्गदर्शन No1journalist Academy को मिल रहा है. No1journalist Academy का मकसद मुनाफा कमाना नहीं बल्कि ऐसे भावी पत्रकारों की खोज करना है जो आने वाले वक्त में आज के नामी गिरामी पत्रकारों से भी ज्यादा नाम रोशन करें। No1journalist Academy of Mass Media के पहले बैच में एडमिशन के लिए आप 30 अप्रैल तक अप्लाई कर सकते हैं. बैच में सिर्फ 30 सीटें हैं और हिंदी-इंग्लिश दोनों के छात्र इसमें अप्लाई कर सकते हैं। एडमिशन के लिए Graduate होना जरुरी है. ऐसे छात्र भी अप्लाई कर सकते हैं जिनका Result Awaited है. एडमिशन इंटरव्यू के आधार पर दिए जाएंगे। ज्यादा जानकारी लिए www.No1journalistacademy.com या फोन नंबर 09311665315 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रेस विज्ञप्ति












sapan yagyawalkya
March 27, 2010 at 3:19 am
Yah bat sahi hai ki bahut sare media sansthan khul gaye hain,kintu yah bhi sahi hai ki achchhe sansthan ki jarurat bani hui thi.yah academy apne lakshya me safal ho.hardik subh kamnayen. Sapan Yagyawalkya. Bareli(MP)
naresh kumar gupta
March 27, 2010 at 8:31 am
desh mein achche patrakaron ki kami nahee hai. kami hai achche patrakaron ko sammanjank naukri aur kaam dene wale media sansthanon ki (khaskar hindi mein) wo kahan hain? aur jub achee naukree hee nahee hai to achche patrakaar kisliye banaye ja rahe hain? maujuda patrakaron ki roji-roti ke liye? baad mein ye kunthit hee honge na??
जीत भाटी
March 27, 2010 at 9:50 pm
यशवंत जी, आपके इस लेख को पढने के बाद मेरी एक छोटी सी विडंबना हैं जिसे सिर्फ आप ही दूर कर सकते हैं, कृपया मुझे ये बताये की आपके इस लेख
को कोई न्यूज़ समझकर पढ़ा जाये या विज्ञापन जानकर?
आप भली भाती जानते हैं की आज मीडिया में नौकरी पाना और उसे बचाना कितना मुस्किल हैं फिर भी हर नुक्कड़ और चौराहे पर कोई न कोई ऐसा मीडिया
संस्थान मिल ही जायेगा जो १, ३ महीने से लेकर ३ साल के अंदर एक बड़ा पत्रकार बनाने और टीवी के दिखने के हस्सें ख्वाब बेच रहे हैं, हकीक़त में तो ये सबको
इंटर्नशिप करने तक का वजूद भी नही रखते, नौकरी दिलाना तो दूर की कोडी हैं, आज शायद ही शिक्षा के नाम पर इससे बड़ा धोखा और भद्दा मजाक हो सकता
हैं , मेरी टिपणी किसी व्यक्ति विशेष या संस्थान के लए नही हैं, No1journalist Academy of Mass मीडिया की पुरी टीम को मेरी तरफ से बहुत बहुत बधाइयाँ
और साथ ही साथ ये उम्मीद भी की ये संस्थान मौजूदा अन्य संस्थानों से अलग और बेहतर शिक्षा छात्रो को उपलब्ध कराएँ .
जीत भाटी
sanjay
March 28, 2010 at 3:10 am
patrakarita karne ke liye degree nahi jugad hona chahiye. course vourse koi kam nahi dete. bas jugad dudhon. patrakarita 1 mah me hi sikh jaoge. ye bat kuch student nahi manege. par jab wo course karke 2 -3 saal dakhe kha lenge khud hi badbadane lagege. samjhe bachoan.
pradeep sharma
March 30, 2010 at 1:31 pm
biktee khbabro ke is baazar me studeo ke andar aur field ki nokariyan to he…lekin patrakarita ke libaaz me bethe shatir, studeo ki nokriyo par saanp ki tarah kundali markar bethe rahte he…fir parivaar valo ko studeo ki dusri job dete he…badi nokari ka sapna dekhne vale aslee patrakaar fild me footbaal ki tarah eestemal kiye jaate he..patrakarita ki ek aur shop khulne par ……..?
chandan kumar jha 9720164110
April 3, 2010 at 11:42 am
aache pahal hay