कहिन उस बिल्डर ने पुष्पेंद्र से पूछा- आप इतने उदास क्यों हैं : पीसीआई और मेरी यादें- अंतिम : राहुल जलाली और पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ : चित्रिता और एआर विग दोनों ही चुनाव हार गए. राहुल जलाली... bhadas4media.comSeptember 10, 2011
कहिन संजीव आचार्य के कमेंट पर लड़की भयभीत हो गई : पीसीआई और मेरी यादें- पार्ट पांच : प्रभात डबराल का कार्यकाल : चाँद जोशी के बाद प्रभात डबराल और एके धर की टीम... bhadas4media.comSeptember 10, 2011
पॉवर-पुलिस क्या आईपीएस अफसर पर जीवन भर तलवार लटकाए रखेंगे? मैं ने अपने पति अमिताभ जी से जुड़े कई मामले भड़ास पर रखे, जिन में उन्हें बिना किसी कारण के प्रदेश सरकार से प्रताडित... bhadas4media.comSeptember 10, 2011
कहिन स्टेट्समैन अखबार के पत्रकार एमएल कोतरू अपने मकान में बार चलाते थे : पीसीआई और मेरी यादें - पार्ट चार : प्रेस क्लब में घपले होते रहे. क्लब लुटता रहा. क्लब के लिए 7 नंबर रायसीना... bhadas4media.comSeptember 10, 2011
प्रिंट अखबारों में गांव-देहात को सिर्फ एक फीसदी स्पेस मिलता है मीडिया का मतलब सीधे सीधे तो यही होता है कि वह गरीब, अविकसित, आम जन की बात करे, उनके हित को ध्यान में रखते... bhadas4media.comSeptember 10, 2011