बाल और राज ठाकरे के पास कोई एजेंडा नहीं : फिल्म निर्माता और निर्देशक प्रकाश झा ने शिव सेना और मनसे को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि इनका कोई एजेंडा नहीं। वे सिर्फ समय बर्बाद कर रहे हैं। इन्हें कुछ करना भी नहीं है। प्रकाश झा पटना में अपने मौर्य चैनल के मंगलवार से शुरू होने की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। एक सवाल पर उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि कौन डरता है उनसे? मैं डरता हूं क्या? दस मिलकर एक पर टूट पड़े तो स्वाभाविक है कि डर होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बिहार बनाम महाराष्ट्र जैसा कुछ नहीं है। जब चुनाव आता है तो मुद्दा बना देते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार भी राजनीति कर रही है। उन्हें शाहरुख खान के बारे में शिवसेना प्रमुख की टिप्पणी से बेहद दु:ख है।
उन्होंने बताया कि उनका इनफोटेनमेंट चैनल मौर्य अत्याधुनिक साधनों से लैस होगा और किसी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चैनल से मुकाबला करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि बिहार का यह पहला सैटेलाइट चैनल बिहारी भाषा में बिहार के लोगों के हाथों संचालित होगा। बिहार में लोग जिस भाषा में बोलते हैं, वहीं इसकी भाषा होगी। उन्होंने यह भी कहा मौर्य चैनल पूरी तरह निष्पक्ष होगा। इसके पत्रकार जज की भूमिका नहीं निभाएंगे। यह चैनल सरकार जो करती है और जो कहती है, उसे उसी रूप में दिखाएगा। फैसला सुनाने का काम मीडिया का नहीं है।
उन्होंने अपनी एक फिल्म के संवाद का उल्लेख किया कि मीडिया को आजादी तो है, लेकिन आपकी आजादी मेरे लिए आतंक नहीं बन सकती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके चैनल में किसी एजेंसी ने धन नहीं लगाया है। उन्होंने अपने बूते इसे खड़ा किया है। वह चाहते हैं कि इस चैनल में सारी सुविधाएं और आधुनिक तकनीक हों, ताकि यह लगे कि बिहार में वह सब कुछ है, जो देश-दुनिया के चैनलों में है। चैनल के मुख्यालय में दो अत्याधुनिक स्टूडियो बनाए गए हैं। साथ ही यह आम आदमी का चैनल होगा। इस अवसर पर संगीतकार कैलाश खेर ने कहा कि बिहार से उनका गहरा लगाव रहा है। यहां संगीत के प्रति लोगों का गजब का लगाव रहा है। यहां के लोग संगीत रसिक ही नहीं, विद्या रसिक भी हैं। देश की नौकरशाही में 55 प्रतिशत बिहार की हिस्सेदारी है। साभार : नईदुनिया












विनीत कुमार
February 2, 2010 at 11:12 am
अब देखते हैं कि टेलीविजन इतिहास में ये चैनल क्या कुछ कर पाता है? सबकुछ अच्छा रहा तो इसे टेलीविजन का मौर्य काल नाम से लिखा-पढ़ा जाएगा। वैसे उम्मीद तो यही कर सकते हैं कि प्रकाश झा अपनी छवि बनाए रखने में कामयाब रहेंगे। शुभकामनाएं।
संतोष कुमार
February 2, 2010 at 11:54 am
चलिए आपके चैनल के पत्रकार LLB नहीं करेंगे। बाकी कुछ ‘विद्धान’ चैनल के पत्रकार तो
बिन पढ़े LLB की डिग्री हासिल कर लेते हैं। आशा है कि अपने बातों पर अडिग रहेंगे।